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यूपी बोर्ड 2021 का परीक्षा कार्यक्रम जारी, जानें इसकी सच्चाई

उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की हाईस्कूल की परीक्षा रद्द कर दी गई है और इंटरमीडिट परीक्षा को लेकर सरकार ने कोई फैसला नहीं किया है। इसी बीच व्हाट्सएप पर हाईस्कूल और इंटरमीडिएट परीक्षा की फर्जी डेट शीट वायरल हो रही है।

By संतोष सिंह 
Updated Date

Up Board 2021 Exam Schedule Released Know Its Truth

लखनऊ। उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की हाईस्कूल की परीक्षा रद्द कर दी गई है और इंटरमीडिट परीक्षा को लेकर सरकार ने कोई फैसला नहीं किया है। इसी बीच व्हाट्सएप पर हाईस्कूल और इंटरमीडिएट परीक्षा की फर्जी डेट शीट वायरल हो रही है।

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वायरल हो रहे इस मैसेज के अनुसार यूपी बोर्ड द्वारा हाईस्कूल और इंटरमीडिएट परीक्षा कार्यक्रम जारी किया गया। यह परीक्षाएं कोविड-19 के नियमों को ध्यान में रखते हुए 5 जून से 25 जून के बीच कराई जाएंगी। यह मैसेज एक फेक पीडीएफ के साथ वायरल हो रहा है। तेजी से वायरल हो रहे इस मैसेज को यूपी बोर्ड के सचिव ने पूरी तरह खारिज कर दिया। यूपी बोर्ड सचिव दिव्य कांत शुक्ला का कहना है कि अभी परीक्षा कार्यक्रम जारी नहीं हुआ है, व्हाट्सअप पर फर्जी मैसेज वायरल है।

बता दें कि परीक्षाओं को लेकर माध्यमिक शिक्षा विभाग कई विकल्पों पर काम कर रहा है। विभाग के अधिकारी जल्द ही अपना प्रस्ताव सरकार के समक्ष प्रस्तुत करेंगे। मई के अंतिम सप्ताह तक सरकार इस पर निर्णय ले सकती है।

बोर्ड के अधिकारी ने बताया कि एक विकल्प यह है कि जुलाई के पहले सप्ताह से हाई स्कूल और इंटरमीडिएट दोनों की परीक्षा कराई जाए। एक विकल्प हाई स्कूल की परीक्षा रद्द कर इंटरमीडिएट की परीक्षा कराने का है। तीसरा विकल्प स्कूलों की ओर से भेजे गए आंतरिक मूल्यांकन के अंकों के आधार पर बोर्ड परीक्षा के अंक देकर प्रमोट करने का है।

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चौथा विकल्प है कि सीबीएसई की तर्ज पर पांच-पांच  शिक्षकों की कमेटी गठित कर मूल्यांकन कराकर परिणाम जारी किया जाए। इंटर की परीक्षा को लेकर विभाग सीबीएसई के निर्णय का इंतजार कर रहा है। उप मुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा का कहना है कि 20 मई के बाद बैठक कर मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार निर्णय लिया जाएगा।

विभाग के सामने ये हैं चुनौतियां

कई जिलों में जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय से लेकर यूपी बोर्ड और शासन के अधिकारी कोरोना संक्रमित हैं। कुछ अधिकारी पोस्ट कोविड दिक्कतों से जूझ रहे हैं।

कोरोना संक्रमण के बीच 56 लाख परीक्षार्थियों की परीक्षा को सोशल डिस्टेंसिंग के साथ कराना चुनौती है।

आगामी शैक्षिक सत्र में ज्यादा विलंब नहीं हो इसके लिए परीक्षा कराने के साथ समय पर परिणाम जारी करना भी चुनौती है।

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