उत्तर प्रदेश में प्रदूषण नियंत्रण को और अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (UPPCB) ने आर्टिफिशल इंटेलीजेंस (AI) के उपयोग का निर्णय लिया है। यह पहल मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के उस संकल्प के अनुरूप है, जिसके तहत शासन के प्रत्येक क्षेत्र में AI के सकारात्मक और प्रभावी उपयोग को बढ़ावा दिया जा रहा है।
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में प्रदूषण नियंत्रण को और अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (UPPCB) ने आर्टिफिशल इंटेलीजेंस (AI) के उपयोग का निर्णय लिया है। यह पहल मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के उस संकल्प के अनुरूप है, जिसके तहत शासन के प्रत्येक क्षेत्र में AI के सकारात्मक और प्रभावी उपयोग को बढ़ावा दिया जा रहा है।
इस उद्देश्य से मंगलवार को उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (UPPCB) और भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान (IIIT), लखनऊ के बीच एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए। समझौते के तहत IIIT लखनऊ द्वारा AI आधारित मॉनिटरिंग एवं एनालिटिक्स टूल विकसित किए जाएंगे। ये टूल वेब एवं PTZ कैमरों की लाइव फीड, सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) तथा उद्योगों से प्राप्त ऑनलाइन कंटीन्यूअस एमिशन/एफ्लुएंट मॉनिटरिंग सिस्टम (OCEEMS) के डेटा के साथ-साथ बायो-मेडिकल वेस्ट के प्रबंधन से संबंधित सूचनाओं का विश्लेषण करेंगे।
यह परियोजना तीन चरणों—परामर्श, कार्यान्वयन तथा कार्यान्वयन के बाद निगरानी—में क्रियान्वित की जाएगी। इससे प्रदूषण स्रोतों की रियल-टाइम निगरानी, नियमों के अनुपालन की जांच व त्वरित कार्रवाई को संभव बनाया जा सकेगा। MoU पर हस्ताक्षर UPPCB के अध्यक्ष डॉ. आर. पी. सिंह एवं IIIT लखनऊ के निदेशक डॉ. अरुण मोहन शैरी की उपस्थिति में UPPCB के सदस्य सचिव संजीव कुमार सिंह और IIIT लखनऊ के डॉ. दीपक कुमार सिंह द्वारा किए गए। इस अवसर पर IIIT लखनऊ से डॉ. बिंदु सिंह ,कुमार सिंधुरक्षित व UPPCB से अनिल कुमार माथुर भी उपस्थित रहे।