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‘वॉटर मदर’ ने 200 चेक डैम बनाकर देश के 500 गांवों की तस्वीर बदल दी

देश अपने इतिहास के सबसे गंभीर जल संकट का सामना कर रहा है। देश में करीब 60 करोड़ लोग पानी की गंभीर समस्या का सामना कर रहे हैं। करीब दो लाख लोग स्वच्छ पानी न मिलने के चलते हर साल अपनी जान गंवा देते हैं। पानी की इस गंभीर समस्या को देखते हुए आज फिक्की फ्लो लखनऊ चैप्टर ने विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर जल योद्धा अमला रुइया के साथ एक आभासी कार्यक्रम का आयोजन किया।

By प्रिन्स राज 
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लखनऊ। देश अपने इतिहास के सबसे गंभीर जल संकट का सामना कर रहा है। देश में करीब 60 करोड़ लोग पानी की गंभीर समस्या का सामना कर रहे हैं। करीब दो लाख लोग स्वच्छ पानी न मिलने के चलते हर साल अपनी जान गंवा देते हैं। पानी की इस गंभीर समस्या को देखते हुए आज फिक्की फ्लो लखनऊ चैप्टर ने विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर जल योद्धा अमला रुइया के साथ एक आभासी कार्यक्रम का आयोजन किया।

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उत्तर प्रदेश में जन्मी 75 वर्षीय अमला रुइया को ‘वॉटर मदर’ के नाम से भी जाना जाता है। उन्होंने वॉटर हार्वेस्टिंग सिस्टम से लगभग 200 चेक डैम बनाकर देश के 500 से भी ज्यादा गांवों की तस्वीर बदल दी है। सूखे से परेशान गांव के 2 लाख लोगों को डैम बनने के बाद पानी मिलने लगा और इन गांवों की सालाना आय 300 करोड़ रुपए से ज्यादा हो गई। अमला ने बताया था कि वो अब तक 6 लाख लोगों की पानी की समस्या को सुलझा चुकी हैं।

उन्होंने अब तक कई सूखे गांव की पानी से जुड़ी समस्याओं का समाधान किया है। उनके इस मिशन की शुरुआत राजस्थान के मारवाड़ रीजन से हुई ,जहां वर्ष (1999-2000) में एक बूंद भी बारिश नहीं हुई थी और लोग पानी की समस्या से जूझ रहे थे, तब अमला ने वहां पानी पहुंचाने का लक्ष्य तय किया था। उसके बाद यह सिलसिला चलता गया। अमला का कहना है कि जल संचयन की नीति अपनाकर पानी की समस्या को दूर किया जा सकता है।

डैम में जमा पानी का इस्तेमाल खेती के लिए होता है। किसान अब एक साल में तीन फसलों की खेती करते हैं। रुइया का कहना है कि आने वाले समय में वे और उनकी टीम उतर प्रदेश समेत अन्य राज्यों में भी ऐसा ही काम करेगी। उनकी टीम छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा में भी काम कर रही है। बता दें कि वे मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र के कई इलाकों में भी इस तरह का काम कर चुकी हैं। आज हमें समय समय पर जल जागरूकता अभियान चलाने की जरूरत है।

फिक्की फ्लो लखनऊ चैप्टर की चेयरपर्सन आरुषि टंडन ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि आज विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर हम इस कार्यक्रम के माध्यम से सभी को पर्यावरण संरक्षण और जल संचयन के बारे में जागरूक करने का प्रयास कर रहे हैं। जल संरक्षण और उसकी महत्ता को समझते हुए इसे बचाने के लिए हमे सामूहिक प्रयास करने की आवश्यकता है। इस कार्यक्रम की अध्यक्षता और संचालन फ्लो लखनऊ की सदस्य शची सिंह ने किया,कार्यक्रम में सीमू घई, वंदिता अग्रवाल,स्वाति वर्मा ,शमा गुप्ता सहित पूरे देश की फ्लो सदस्यों ने भाग लिया। फेसबुक पर इसका सीधा प्रसारण भी किया गया।

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