यूपी में माैसम का उतार चढ़ाव जारी है। सोमवार को अचानक एक नए कमजोर विक्षोभ के विकसित होने से बादलों की सक्रियता बढ़ी और मेरठ, आगरा, मुरादाबाद, बरेली, हरदोई जैसे कुछ पश्चिमी जिलों में हल्की बूंदाबांदी हुई। इसके असर से ज्यादातर जिलों में अधिकतम तापमान सामान्य से नीचे दर्ज किया गया।
लखनऊ। यूपी में माैसम का उतार चढ़ाव जारी है। सोमवार को अचानक एक नए कमजोर विक्षोभ के विकसित होने से बादलों की सक्रियता बढ़ी और मेरठ, आगरा, मुरादाबाद, बरेली, हरदोई जैसे कुछ पश्चिमी जिलों में हल्की बूंदाबांदी हुई। इसके असर से ज्यादातर जिलों में अधिकतम तापमान सामान्य से नीचे दर्ज किया गया। 24.4 डिग्री सेल्सियस अधिकतम तापमान के साथ बरेली में सबसे ठंडा दिन रहा। वहीं 14.5 डिग्री तापमान के साथ अयोध्या और बुलंदशहर में सबसे ठंडी रात रही।
माैसम विभाग (Meteorological Department) का कहना है कि मंगलवार को प्रदेश में कहीं कहीं बादलों की आवाजाही रहेगी। लेकिन माैसम लगभग शुष्क रहेगा। वहीं 26 मार्च से एक और विक्षोभ सक्रिय हो रहा है जिसके असर से पश्चिमी जिलों में फिर से बूंदाबांदी के आसार हैं। मौसम विभाग (Meteorological Department) के अनुसार मंगलवार से कुछ जिलों में हवाएं भी चल सकती हैं। आंचलिक मौसम विज्ञान केंद्र, लखनऊ के वरिष्ठ वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह (Atul Kumar Singh, Senior Scientist at the Regional Meteorological Centre, Lucknow) ने बताया कि 28 मार्च से फिर एक और पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) सक्रिय होगा जिसका असर पूरे प्रदेश में देखने को मिलेगा। इस दाैरान पूर्वी और पश्चिमी दोनों संभागों में हल्की से मध्यम बारिश के संकेत हैं।
विभाग का कहना है कि मंगलवार से अगले दो दिन धूप की तपिश बढ़ने से प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में तापमान में तीन से चार डिग्री तक की बढ़ोतरी देखने को मिलेगी।
उत्तर-पश्चिम भारत में चोटियों पर बर्फबारी
लगातार तीन सक्रिय पश्चिमी विक्षोभों (Western Disturbance) के कारण उत्तर-पश्चिम भारत में मौसम का मिजाज बदला हुआ है। सोमवार को जम्मू-कश्मीर और हिमाचल प्रदेश की चोटियों पर बर्फबारी हुई और हरियाणा, राजस्थान समेत मैदानी क्षेत्रों में गरज-चमक और तेज हवाओं के साथ हल्की बारिश हुई। इस पूरे हफ्ते उत्तर-पश्चिम भारत में छिटपुट से लेकर व्यापक वर्षा होने की संभावना है। कुछ जगहों पर तेज हवाएं भी चलेंगी।
मौसम विभाग (Meteorological Department) के अनुसार, पिछले 24 घंटों के दौरान जम्मू-कश्मीर-लद्दाख-गिलगित-बाल्टिस्तान, मुजफ्फरबाद, उत्तराखंड, हरियाणा, राजस्थान और पश्चिमी मध्य प्रदेश में कई जगहों पर 30-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलीं। कुछ जगहों पर गरज और चमक के साथ बारिश भी हुई। अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय, इम्फाल, विदर्भ, छत्तीसगढ़, कोंकण और गोवा, मध्य महाराष्ट्र, मराठवाड़ा, गुजरात क्षेत्र और कच्छ में छिटपुट स्थानों पर हल्की बारिश दर्ज की गई। असम में कुछ स्थानों पर भारी बारिश (7-11 सेंटीमीटर) दर्ज की गई।
विभाग के अनुसार, इस सप्ताह पूर्वोत्तर और उससे सटे पूर्वी भारत में छिटपुट से लेकर व्यापक वर्षा होने और तेज हवाएं चलने की संभावना है। 24 और 27-28 मार्च को अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय में छिटपुट भारी वर्षा की संभावना है। 23 से 25 मार्च के दौरान कोंकण और केरल के कुछ क्षेत्रों में गर्म और आर्द्र मौसम रहने की संभावना है। उत्तर-पश्चिम भारत में अगले 4 दिनों के दौरान अधिकतम तापमान में 3-5 डिग्री सेल्सियस की क्रमिक वृद्धि होने की संभावना है।
कुल्लू-चंबा में बारिश, शिमला में ओलावृष्टि
हिमाचल प्रदेश में बदले मौसम के बीच सोमवार को रोहतांग दर्रा सहित लाहौल और मनाली की ऊंची चोटियों पर हिमपात हुआ। कुल्लू में तेज हवाओं के साथ बारिश हुई। राजधानी शिमला में शाम को ओलावृष्टि हुई। मंगलवार और बुधवार को प्रदेश के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बारिश-बर्फबारी के आसार हैं। अन्य जिलों में मौसम साफ बना रहेगा। 26 मार्च को पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता से कई जगह बारिश-बर्फबारी और ओलावृष्टि का यलो अलर्ट जारी हुआ है। 27-28 मार्च को मौसम साफ रहने की संभावना है। 29 मार्च को दोबारा बादल बरसने का पूर्वानुमान है। बदले मौसम से सराज और करसोग क्षेत्र में ठंड का प्रकोप बढ़ गया है। रविवार रात को ताबो में न्यूनतम तापमान माइनस 0.4, कुकुमेसरी में 0.8, कल्पा में 2.6, कुफरी में 5.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।