पश्चिम बंगाल में टीएमसी नेताओं को पुलिस की ओर से जारी किए गए समन को लेकर सियासत गरमा गई है। तृणमूल कांग्रेस सांसद महुआ मोइत्रा ने पुलिस की कार्रवाई पर तंज कसते हुए समन को ‘प्यार भरा बुलावा’ करार दिया है।
West Bengal Politics: पूरा मामला कोलकाता के कैमक स्ट्रीट स्थित टीएमसी नेता अभिषेक बनर्जी के कार्यालय में हुए होर्डिंग विवाद से जुड़ा है। 27 अगस्त को कार्यालय में मौजूद लोगों और कोलकाता नगर निगम के कर्मचारियों के बीच झड़प की स्थिति बनी थी। इसके बाद पुलिस के हस्तक्षेप से नगर निगम के कर्मचारियों ने कार्यालय के भीतर प्रवेश किया और विवादित होर्डिंग को हटा दिया। इस मामले में पुलिस ने टीएमसी के कई नेताओं को पूछताछ के लिए समन भेजा है। टीएमसी के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी मंगलवार को पुलिस के सामने पेश हुए थे, जहां उनसे कई घंटे तक पूछताछ की गई।
इसके अगले दिन पार्टी के राज्यसभा सांसद डेरेक ओ’ब्रायन भी शेक्सपीयर सरणी थाने पहुंचे। पुलिस के मुताबिक, इस मामले में दर्ज दो एफआईआर में अभिषेक बनर्जी को आरोपी बनाया गया है। डेरेक ओ’ब्रायन और पूर्व विधायक हुमायूं कबीर समेत कुछ अन्य लोगों के नाम भी मामले में शामिल हैं। इसी कार्रवाई पर महुआ मोइत्रा ने सरकार और पुलिस पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि जब भी पार्टी के नेताओं को पुलिस बुलाएगी, वे पूछताछ के लिए जाएंगे, लेकिन जनता भी पूरी कार्रवाई को देख रही है।
महुआ मोइत्रा ने तंज कसते हुए कहा कि कैमक स्ट्रीट के मामले में पुलिस के समन ‘प्यार भरे बुलावे’ हैं। जब भी इतने प्यार से बुलाया जाएगा, हम जाएंगे। वे हमसे बहुत प्यार करते हैं। महुआ ने यह भी दावा किया कि बार-बार की जा रही पूछताछ और समन से जनता का ध्यान अब इस बात पर जा रहा है कि आखिर पुलिस और सरकार किस तरह कार्रवाई कर रही है। उन्होंने कहा कि अंततः इसका राजनीतिक नुकसान बीजेपी को ही हो सकता है। महुआ ने अपनी पुरानी पूछताछ का जिक्र करते हुए पुलिस की कार्यशैली पर भी सवाल उठाए। उन्होंने दावा किया कि नदिया में पूछताछ के दौरान एक पुलिस अधिकारी ने उनसे उस कमरे को लेकर माफी मांगी थी, जहां उन्हें बैठाया गया था।
हालांकि, इस पूरे मामले में पुलिस की जांच जारी है और टीएमसी नेताओं से पूछताछ को कानूनी प्रक्रिया का हिस्सा बताया जा रहा है। फिलहाल, महुआ मोइत्रा के ‘प्यार भरे बुलावे’ वाले बयान ने इस विवाद को और ज्यादा राजनीतिक रंग दे दिया है।