यूपी विधानसभा चुनाव (UP Assembly Elections) के बीच पूर्व मंत्री और अपनी जनता पार्टी के अध्यक्ष स्वामी प्रसाद मौर्य (Swami Prasad Maurya) और भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस पार्टी के बीच गठबंधन लगभग फाइनल हो गया है। स्वामी प्रसाद मौर्य (Swami Prasad Maurya) जल्द कांग्रेस (Congress) से गठबंधन का ऐलान कर सकते हैं।
लखनऊ। यूपी विधानसभा चुनाव (UP Assembly Elections) के बीच पूर्व मंत्री और अपनी जनता पार्टी के अध्यक्ष स्वामी प्रसाद मौर्य (Swami Prasad Maurya) और भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस पार्टी के बीच गठबंधन लगभग फाइनल हो गया है। स्वामी प्रसाद मौर्य (Swami Prasad Maurya) जल्द कांग्रेस (Congress) से गठबंधन का ऐलान कर सकते हैं। सूत्रों के मुताबिक दोनों के बीच दस सीटों पर सहमति बन गई हैं। उनकी पार्टी कांग्रेस के सिंबल पर चुनाव लड़ सकती है।
यूपी चुनाव 2027 (UP Elections 2027) से स्वामी प्रसाद मौर्य (Swami Prasad Maurya) आज इंडिया गठबंधन में शामिल होने का ऐलान कर सकते हैं। सूत्रों का दावा है कि अपनी जनता पार्टी ने कांग्रेस से 12 सीटें देने की मांग की थी, लेकिन 10 सीटों पर सहमति बन गई है। उनकी पार्टी के सभी उम्मीदवार कांग्रेस के सिंबल पर चुनाव लड़ेंगे। स्वामी प्रसाद मौर्य (Swami Prasad Maurya) और उनके बेटे उत्कृष्ट मौर्य भी कांग्रेस के सिंबल पंजे पर चुनाव लड़ सकते हैं। वहीं उनकी बेटी और पूर्व सांसद संघमित्रा मौर्य (Former MP Sanghamitra Maurya) भी बिल्सी से विधानसभा चुनाव लड़ने की तैयारी में है।
बीजेपी के मौर्य और कुशवाहा वोटबैंक में सेंधमारी
सियासी जानकारों की माने स्वामी प्रसाद मौर्य (Swami Prasad Maurya) के साथ आने से कांग्रेस पार्टी को फायदा हो सकता है। प्रदेश में मौर्य और कुशवाहा वोट बैंक करीब 6 से 15 फीसदी तक है। जिससे कांग्रेस पार्टी बीजेपी (BJP) के मौर्य वोट बैंक में सेंधमारी कर सकती है। बीजेपी (BJP) से नाराज मौर्य और कुशवाहा समाज के लोग कांग्रेस पार्टी के साथ जा सकते हैं।
बता दें कि अक्टूबर महीने के पहले हफ्ते में स्वामी प्रसाद मौर्य (Swami Prasad Maurya) ने दिल्ली में कांग्रेस नेता राहुल गांधी (Rahul Gandhi) से मुलाकात की थी, जिसके बाद ही मौर्य ने इंडिया गठबंधन (INDIA Alliance) में शामिल होने की जानकारी दी थी और ख़ुद को इंडिया गठबंधन का हिस्सा बताया था। उन्होंने बताया कि इसके पीछे साझा विचारधारा अहम हैं। उनका ‘लक्ष्य बीजेपी हटाओ, देश बचाओ और संविधान बचाओ’ है।
मौर्य ने दावा किया कि राष्ट्रीय स्तर पर सिर्फ कांग्रेस ही विकल्प है। इसलिए उन्होंने बीजेपी (BJP) को सत्ता से हटाने के लिए इंडिया गठबंधन में शामिल होने का फैसला किया। हालांकि राहुल गांधी (Rahul Gandhi) से मुलाकात के दौरान सीटों को लेकर बातचीत फ़ाइनल नहीं हो पाई थी। लेकिन, अब सूत्रों की माने तो कांग्रेस अपनी जनता पार्टी के दस सीटें देने को राजी हो गई है।