Aamras vs. Mango Shake: पूरे देश में तापमान बढ़ने के साथ ही भारतीय घरों में आम से बने पेय पदार्थों का चलन काफी बढ़ गया है। हालांकि, आहार विशेषज्ञ और स्वास्थ्य विशेषज्ञ उपभोक्ताओं को सलाह दे रहे हैं कि वे फलों के राजा आम का सेवन करते समय सावधानी बरतें। जब आमरस (Pure mango pulp) और मैंगो शेक (Mango mixed with milk and sugar) के बीच चयन करने की बात आती है, तो विशेषज्ञ सामान्य स्वास्थ्य और वजन नियंत्रण के लिए आमरस को प्राथमिकता देते हैं। लेकिन शर्त यह है कि उसमें अलग से चीनी न मिलाई गई हो।
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कैलोरी की मात्रा और पाचन तंत्र पर असर
आहार विशेषज्ञों का कहना है कि इन दोनों समर ड्रिंक्स के बीच मुख्य अंतर उनकी कैलोरी डेंसिटी और पाचन प्रक्रिया में है। एक प्रमुख क्लिनिकल न्यूट्रिशनिस्ट ने बताया कि आमरस पूरी तरह से फल का शुद्ध गूदा है। यह बिना किसी बाहरी फैट के आम के प्राकृतिक विटामिन, डाइटरी फाइबर और एंटीऑक्सीडेंट को सुरक्षित रखता है। वहीं इसके विपरीत, मैंगो शेक में दूध और अक्सर रिफाइंड चीनी मिलाई जाती है, जिससे कुल कैलोरी और फैट की मात्रा काफी बढ़ जाती है। हांलाकि चिकित्सा विशेषज्ञों मानना है कि दूध और आम का मिश्रण कभी कभार पाचन तंत्र के लिए भारी हो सकता है। जहां एक ओर आमरस आसानी से अवशोषित होकर शरीर को तुरंत हाइड्रेट करता है, वहीं गाढ़ा मैंगो शेक पचने में काफी अधिक समय लगाता है।
अतिरिक्त चीनी को लेकर चिंताएं
डाइट एक्सपर्ट्स के अनुसार, आम के पेय पदार्थों में ऊपर से चीनी नहीं मिलाई जानी चाहिए। आम में प्राकृतिक रूप से Fructose की भरपूर मात्रा होती है। ऐसे में मैंगो शेक में रिफाइंड चीनी मिलाने से ब्लड ग्लूकोज का स्तर काफी तेजी से बढ़ सकता है। इनके अनुसार टाइप-2 डायबिटीज या मोटापे जैसी जीवनशैली से जुड़ी बीमारियों से पीड़ित लोगों को आम के स्लाइस या बिना चीनी वाले घर के बने आमरस का सेवन करना चाहिए।
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स्वस्थ सेवन के लिए विशेषज्ञों के दिशा-निर्देश
गर्मियों में आम के स्वास्थ्य लाभों को अधिकतम करने के लिए विशेषज्ञों ने निम्नलिखित सुझाव दिए हैं—
प्रतिदिन केवल एक छोटी कटोरी आमरस या एक छोटा गिलास शेक ही लें।
इन ड्रिंक्स का सेवन सुबह के नाश्ते या दोपहर के भोजन के समय करें ताकि शरीर दिनभर इस ऊर्जा का उपयोग कर सके।
रात को सोने से पहले इसके सेवन से बचें।
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पूरी तरह से फल की प्राकृतिक मिठास पर निर्भर रहें। साथ ही यदि शेक बना रहे हैं, तो बिना चीनी के लो-फैट या प्लांट-बेस्ड (Such as almonds or soy) दूध का उपयोग करें।