लखनऊ। करोड़ों रुपये के बहुचर्चित एनएचएम (पहले एनआरएचएम) घोटाले में आरोपी पूर्व विधायक मुकेश श्रीवास्तव के छोटे भाई स्वास्थ्य विभाग में लिपिक अजय कुमार श्रीवास्तव पर शिकंजा कसने के बाद घोटालों में शामिल दो पूर्व सीएमओ पर आपराधिक मुकदमा चलाने की तैयारी है। विजिलेंस टीम ने गोंडा के तत्कालीन सीएमओ डॉ. संतोष कुमार श्रीवास्तव और बहराइच के तत्कालीन सीएमओ डॉ. सुरेश सिंह के खिलाफ आय से ज्यादा संपत्ति के मामलों की जांच पूरी कर रिपोर्ट शासन को भेद दी है। इसके साथ ही दोनों पूर्व सीएमओ के खिलाफ अभियोजन स्वीकृति मांगी गयी है।
लखनऊ। करोड़ों रुपये के बहुचर्चित एनएचएम (पहले एनआरएचएम) घोटाले में आरोपी पूर्व विधायक मुकेश श्रीवास्तव के छोटे भाई स्वास्थ्य विभाग में लिपिक अजय कुमार श्रीवास्तव पर शिकंजा कसने के बाद घोटालों में शामिल दो पूर्व सीएमओ पर आपराधिक मुकदमा चलाने की तैयारी है। विजिलेंस टीम ने गोंडा के तत्कालीन सीएमओ डॉ. संतोष कुमार श्रीवास्तव और बहराइच के तत्कालीन सीएमओ डॉ. सुरेश सिंह के खिलाफ आय से ज्यादा संपत्ति के मामलों की जांच पूरी कर रिपोर्ट शासन को भेद दी है। इसके साथ ही दोनों पूर्व सीएमओ के खिलाफ अभियोजन स्वीकृति मांगी गयी है।
जानकारी के अनुसार, डॉ. संतोष कुमार श्रीवास्तव और डॉ. सुरेश सिंह का आय से अधिक संपत्ति के मामले और पूर्व विधायक मुकेश श्रीवास्तव के साथ घोटालों में भी नाम है। सूत्रों की मानें तो शासन से मंजूरी मिलते ही विजिलेंस की टीम दोनों अधिकारियों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत कोर्ट में चार्जशीट दाखिल करेगी। जांच में दोनों अधिकारियों के कार्यकाल के दौरान एनआरएचएम और स्वास्थ्य विभाग की विभिन्न योजनाओं से जुड़े वित्तीय लेनदेन, खरीद-फरोख्त और निर्माण कार्यों में अनियमितताओं के पहलुओं की भी पड़ताल की गई है। डॉ. संतोष कुमार श्रीवास्तव के खिलाफ खुली जांच में आय से अधिक संपत्ति के प्रमाण मिले थे।
जांच रिपोर्ट के अनुसार, डॉ. संतोष कुमार श्रीवास्तव अपनी ज्ञात आय की तुलना में करीब 11.22 लाख रुपये के अतिरिक्त खर्च और संपत्ति का संतोषजनक हिसाब नहीं दे सके। इसके आधार पर उनके खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत एफआईआर दर्ज की गई थी। वहीं, डॉ. सुरेश सिंह के खिलाफ भी 11.61 लाख की आय से अधिक संपत्ति तथा एनआरएचएम मदों में वित्तीय और प्रशासनिक अनियमितताओं के आरोपों की जांच की गई है। इस मामले में विजिलेंस स्वास्थ्य विभाग से बजट आवंटन, भुगतान, खरीद और निर्माण कार्यों से जुड़े कई दस्तावेज तलब किए थे। सूत्रों ने यह भी बताया है कि बहुत जल्द स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों और अधिकारियों से भी पूछताछ होगी, जो कथित तौर पर मुकेश श्रीवास्तव के सिंडीकेट से जुड़े हुए हैं।
इससे पहले पूर्व विधायक मुकेश श्रीवास्तव उर्फ ज्ञानेन्द्र प्रताप के छोटे भाई स्वास्थ्य विभाग में लिपिक अजय कुमार श्रीवास्तव पर भी विजिलेंस टीम ने शिकंजा कसा था। विजिलेंस टीम ने अजय श्रीवास्तव के विरुद्ध आय से अधिक संपत्ति के मामले की जांच के तहत बुधवार को लखनऊ व गोंडा स्थित ठिकानों पर छापेमारी की थी, जिनमें लखनऊ स्थित छह मंजिला मिलेनिया रिजेन्सी होटल भी शामिल है।
छापेमारी के दौरान जांच में अजय कुमार श्रीवास्तव की 28 करोड़ रुपये की चल-अचल संपत्तियां सामने आई हैं। होटल रिजेन्सी में पूर्व विधायक की पत्नी पूजा श्रीवास्तव भी साझीदार हैं। विजिलेंस टीम ने बीते दिनों पूर्व विधायक को आय से अधिक संपत्ति के मामले में गिरफ्तार किया था। बता दें कि अजय एनएचएम घोटाले में मुकेश श्रीवास्तव के विरुद्ध दर्ज मुकदमे में भी आरोपी हैं।
विजिलेंस अयोध्या सेक्टर की टीम ने कोर्ट से सर्च वारंट हासिल कर आरोपी बहराइच निवासी अजय श्रीवास्तव के तीन ठिकानों पर छापेमारी की। सीएमओ कार्यालय बलरामपुर में तैनाती के दौरान आरोपी अजय श्रीवास्तव के विरुद्ध खुली जांच की गई थी, जिसमें उसकी आय से अधिक 763.65 प्रतिशत संपत्ति पाई गई थी। विजिलेंस ने मामले में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत केस दर्ज कर आगे की जांच शुरू की थी।