केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शनिवार को आयोजित ऑल इंडिया फिंगरप्रिंट कॉन्फ्रेंस में साफ कहा कि बदलते दौर में अपराधियों से मुकाबला करने के लिए सिर्फ पारंपरिक पुलिसिंग काफी नहीं है…
नई दिल्ली: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शनिवार को आयोजित ऑल इंडिया फिंगरप्रिंट कॉन्फ्रेंस में साफ कहा कि बदलते दौर में अपराधियों से मुकाबला करने के लिए सिर्फ पारंपरिक पुलिसिंग काफी नहीं है। उन्होंने जांच एजेंसियों से अपील की कि वे आधुनिक तकनीक का ज्यादा से ज्यादा इस्तेमाल करें, ताकि अपराधों की जांच तेज, सटीक और पारदर्शी बन सके।
अपने संबोधन में शाह ने कहा कि देश में आपराधिक मामलों की जांच से लेकर अदालत में दोष सिद्ध होने तक की पूरी प्रक्रिया को टेक्नोलॉजी से जोड़ने की जरूरत है। उनका मानना है कि डिजिटल सिस्टम, फोरेंसिक साइंस और मजबूत फिंगरप्रिंट डेटाबेस की मदद से अपराधियों की पहचान आसान होगी और केस जल्द निपट सकेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि कई बार छोटी-सी तकनीकी जानकारी बड़े अपराधों की गुत्थी सुलझाने में अहम भूमिका निभाती है।
गृह मंत्री ने राज्यों की पुलिस और जांच एजेंसियों से आपसी समन्वय बढ़ाने पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि यदि सभी राज्यों का डेटा बेहतर तरीके से एक-दूसरे से जुड़ा रहेगा तो अलग-अलग राज्यों में सक्रिय अपराधियों तक पहुंचना आसान होगा। इससे संगठित अपराध और अंतरराज्यीय गैंग पर भी प्रभावी कार्रवाई की जा सकेगी।
सरकार पिछले कुछ समय से फोरेंसिक इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने और डिजिटल क्रिमिनल जस्टिस सिस्टम पर लगातार काम कर रही है। ऐसे में अमित शाह का यह बयान इसी दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। आने वाले समय में जांच एजेंसियों की कार्यप्रणाली में तकनीक की भूमिका और भी बढ़ सकती है, जिससे न्यायिक प्रक्रिया को गति मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।