शिवसेना (UBT) नेता संजय राउत (Sanjay Raut) ने गुरुवार को दावा किया कि सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी (BJP) की मंशा यह सुनिश्चित करना है कि बृहन्मुंबई नगर निगम (BMC) का महापौर कोई 'मराठी मानुष' न बने। मीडिया से बातचीत में राउत ने आरोप लगाया कि भाजपा मराठी लोगों को नुकसान पहुंचाना चाहती है।
मुंबई। शिवसेना (UBT) नेता संजय राउत (Sanjay Raut) ने गुरुवार को दावा किया कि सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी (BJP) की मंशा यह सुनिश्चित करना है कि बृहन्मुंबई नगर निगम (BMC) का महापौर कोई ‘मराठी मानुष’ न बने। मीडिया से बातचीत में राउत ने आरोप लगाया कि भाजपा मराठी लोगों को नुकसान पहुंचाना चाहती है।
बाहरी नेताओं को बुलाने की रणनीति
इसे पहले भाजपा नेता कृपाशंकर सिंह ने मीरा भयंदर नगर निगम में हिंदी भाषी महापौर चुने जाने की बात कही थी। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए राउत ने इसे भाजपा का षड्यंत्र बताया। सिंह का बयान बिना किसी मकसद के नहीं दिया गया था, बल्कि यह शिवसेना (UBT) और महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) के विरुद्ध बाहरी लोगों के बीच माहौल बनाने की एक रणनीति थी। इसके साथ ही राउत ने बताया कि यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, उप-मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और बिहार के उप-मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी निकाय चुनाव में भाजपा के प्रचार के लिए लाया जाएगा।
मराठी मानुष हमारे साथ
राउत ने कहा कि भाजपा ने तय कर लिया है कि मुंबई या कहीं और मराठी महापौर नहीं होना चाहिए। उनकी योजना है कि कोई मराठी मानुष बीएमसी (BMC) में मुंबई का नेतृत्व न करे। लेकिन मराठी मानुष शिवसेना (यूबीटी) और एमएनएस के साथ मजबूती से खड़ा है।
गौरव से कोई लेना-देना नहीं
यह टिप्पणी नगर निकाय चुनावों से ठीक दो सप्ताह पहले आई है। राउत ने कहा कि भाजपा वह दल नहीं है जो महाराष्ट्र के गौरव के लिए काम करती है। इसका संयुक्त महाराष्ट्र विषय से कोई लेना-देना नहीं है। बता दें कि 15 जनवरी को 29 नगर निगमों के चुनाव होंगे, जिसमें बीएमसी भी शामिल है। इस पर 1997 से 2022 तक अविभाजित शिवसेना का शासन था। यह चुनाव शिवसेना (UBT) और एमएनएस के लिए सबसे कठिन मुकाबलों में से एक माना जा रहा है।