गोंडा, बाराबंकी, अयोध्या सहित आठ जिलों व नेपाल को जोड़ने वाले महत्वपूर्ण पुल संजय सेतु की जर्जर हालत को देखते इससे गुजरने वाले बड़े लोडेड वाहनों को बंद कर दिया गया है। अब हल्के वाहन ही इस पुल से निकालें जाएंगे। बहराइच जिले के जरवल रोड थाने की पुलिस उस पार व रामनगर थाने की पुलिस चौकाघाट पर लगाई गई है।
रामनगर। गोंडा, बाराबंकी, अयोध्या सहित आठ जिलों व नेपाल को जोड़ने वाले महत्वपूर्ण पुल संजय सेतु की जर्जर हालत को देखते इससे गुजरने वाले बड़े लोडेड वाहनों को बंद कर दिया गया है। अब हल्के वाहन ही इस पुल से निकालें जाएंगे। बहराइच जिले के जरवल रोड थाने की पुलिस उस पार व रामनगर थाने की पुलिस चौकाघाट पर लगाई गई है। पुल के 62 ज्वाइंटरों में से नौ खराब हैं, जिनमें पांच तो बहुत ही खराब हैं और एक जानलेवा दिख रहा है। जहां मिट्टी भरी बोरी से बंद कराकर खतरे का बोर्ड लगाया गया है। इसे देखते बहराइच व बाराबंकी पुलिस ने सुरक्षा के दृष्टि से बड़े लोडेड वाहनों को इस पर चलना बंद करा दिया है।
सोशल मीडिया पर हल्ला मचने लगा और बहराइच व बाराबंकी की पुलिस को रविवार से बड़े भारी लोडेड वाहनों जैसे डंफर,टेलर व बड़ी ट्रकों को इस पुल से निकलने पर रोक लगाना पड़ा ताकि कोई बड़ी घटना न हो। एनएचआई ने इस खुले जॉइंटर के पास दो बोरियो में मिट्टी डालकर खुला ज्वाइंट भराया है और दोनों ओर पुल कमजोर है सुरक्षित चले का बोर्ड लगाया है। लेकिन कोई स्थाई मरम्मत नहीं कराई है। जरवल से आते समय यह 34वां जॉइंटर है जिसकी मरम्मत बहुत जरूरी हो गई है। संजय सेतु के बगल पीपे का पुल बहुत धीमी गति से बन रहा जिससे समय ज्यादा लगेगा और डेढ़ माह तक गोंडा, बहराइच, श्रावस्ती, बलराम पुर, सिद्धार्थनगर सहित नेपाल बार्डर तक आने जाने वाले बड़े लोडेड वाहनों को अयोध्या सीतापुर से आना जाना पड़ेगा जिससे मंहगाई बढ़ेगी।
बताते हैं इस पुल की कई स्प्रिंग व बेयरिंग खराब हैं इसी वजह से बार बार दिक्कत बनी है। कोतवाल जरवल रोड संतोष सिंह ने बताया कि पुल के पास पुलिस लगी है जो बड़े वाहनों को रोक रही है। उधर रामनगर कोतवाल अनिल पांडेय ने बताया कि चौकाघाट के पास पुलिस बल लगाया गया है।इस संबंध में एनएचआई के अवर अभियंता अनंत मौर्य ने बताया कि जब अस्थाई पीपे का पुल बन जाएगा, तभी पुल की मरम्मत संभव है। 77 पीपे आ गए है। पुराने पुल पर काम ज्यादा होना है जो पूर्ण रूप से बंद होने पर ही संभव है।
लोक निर्माण विभाग (PWD) ने पुल की मरम्मत से पहले वैकल्पिक मार्ग बनाने का काम शुरू कर दिया गया है। यह फैसला घाघरा पुल की सुरक्षा और यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए लिया गया है। प्रयागराज से सैकड़ों की संख्या में पीपे के पुल मंगाए गए हैं, जिन्हें घाघरा नदी में लगाकर वैकल्पिक मार्ग तैयार किया जा रहा है। अब तक चार पीपे के पुल लगाए जा चुके हैं। लोक निर्माण विभाग को 15 अप्रैल तक इस वैकल्पिक मार्ग को तैयार करने का निर्देश दिया गया है। वर्तमान में, घाघरा पुल के ज्वाइंटर की मरम्मत पूरी होने तक हल्के और छोटे वाहनों को धीमी गति से, एक-एक करके पुल से गुजरने की अनुमति दी गई है।
वैकल्पिक मार्ग पूरी तरह से तैयार होने के बाद संजय सेतु को मरम्मत के लिए पूरी तरह बंद कर दिया जाएगा। यह पुल 1980 के दशक में बना था और गोंडा, बाराबंकी, अयोध्या सहित आठ जिलों तथा पड़ोसी राष्ट्र नेपाल को जोड़ने वाला एक महत्वपूर्ण मार्ग है। स्थानीय लोगों द्वारा भारत सरकार की प्रस्तावित फोर लेन परियोजना को जल्द मंजूरी देने की मांग की जा रही है।
ताकि यहां एक नया और स्थायी पुल बन सके। प्रतिदिन इस पुल से लाखों की संख्या में लोग आते जाते हैं और मरम्मत के लिए इस पुल को बंद किया जाना था। लेकिन लोगों के काफी विरोध के बाद अब वैकल्पिक मार्ग बनाया जा रहा है इसके बाद ही इस पुल को मरम्मत के लिए बंद किया जाएगा।