वैदिक ज्योतिष में बुध ग्रह को ‘ग्रहों का राजकुमार’ कहा जाता है। बुध देव को बुद्धि, वाणी और तर्कशक्ति का स्वामी माना जाता है। इसके अलावा, गणित, व्यापार और संचार की पूरी व्यवस्था बुध के ही नियंत्रण में होती है।
Budh Ki Chaal : वैदिक ज्योतिष में बुध ग्रह को ‘ग्रहों का राजकुमार’ कहा जाता है। बुध देव को बुद्धि, वाणी और तर्कशक्ति का स्वामी माना जाता है। इसके अलावा, गणित, व्यापार और संचार की पूरी व्यवस्था बुध के ही नियंत्रण में होती है। बुध देव के चाल बदलने का असर सभी राशियों पर पड़ता है। ज्योतिष के अनुसार, जब भी बुध की चाल में कोई बदलाव आता है, तो व्यक्ति की सोचने-समझने की क्षमता और व्यावसायिक कौशल पर इसका सीधा प्रभाव पड़ता है।
द्रिक पंचांग के अनुसार, 15 फरवरी को महाशिवरात्रि के शुभ अवसर पर बुध अपनी दिशा बदलकर ‘उत्तरवर्ती’ होने जा रहे हैं। आइए जानते हैं कि बुध की इस बदलती चाल का जीवन के विभिन्न क्षेत्रों पर क्या प्रभाव पड़ेगा?
मिथुन राशि
बुध आपकी राशि के स्वामी हैं, इसलिए उनका प्रभाव सबसे ज्यादा आप पर दिखाई देगा। बुध देव के चाल बदलने से आत्मबल मजबूत रहेगा। आपकी बातचीत की शैली बड़ी उपलब्धि दिला सकती है। परिवार के ससुराल पक्ष से धन लाभ के संकेत हैं।
कन्या राशि
कन्या राशि वालों के लिए यह समय आर्थिक स्थिति को संतुलित करने वाला रहेगा। आय में बढ़ोतरी के अवसर मिल सकते हैं। सेहत पहले से बेहतर रहेगी। पुराने कर्ज से राहत मिल सकती है। व्यापार से जुड़े लोगों को अच्छा फायदा मिलने की संभावना है।
तुला राशि
तुला राशि के जातकों के लिए यह अवधि प्रेम जीवन में सकारात्मक बदलाव ला सकती है। रचनात्मक कार्यों में रुचि बढ़ेगी। नई योजनाओं में सफलता मिल सकती है। संतान पक्ष से सुखद समाचार मिल सकता है। व्यवसाय में नए संपर्क लाभदायक साबित होंगे। समाज में आपकी प्रतिष्ठा बढ़ेगी।