छठ पर्व में सूर्य देव और छठी मैया की पूजा की जाती है। यह त्योहार साल में दो बार मनाया जाता है-एक बार कार्तिक महीने में और दूसरी बात चैत्र महीने में।
Chaiti Chhath Puja 2026 : छठ पर्व में सूर्य देव और छठी मैया की पूजा की जाती है। यह त्योहार साल में दो बार मनाया जाता है-एक बार कार्तिक महीने में और दूसरी बात चैत्र महीने में। चैती छठ का पावन पर्व चैत्र शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि से शुरू होकर सप्तमी तिथि तक चलता है। 4 दिनों तक चलने वाले इस महापर्व में पहला दिन नहाय-खाय, दूसरा दिन खरना पूजा, तीसरा दिन संध्या अर्घ्य और चौथा दिन उषा अर्घ्य के नाम से जाना जाता है। यह पर्व 36 घंटे के निर्जला उपवास के साथ पूरे नियम और शुद्धता के साथ मनाया जाता है।
चैती छठ पूजा 2026 का पावन पर्व 22 मार्च (नहाय-खाय) से शुरू होकर 25 मार्च (उषा अर्घ्य) तक चलेगा, जिसमें 24 मार्च को संध्या अर्घ्य दिया जाएगा। यह चार दिवसीय महापर्व सूर्य देव और छठी मैया को समर्पित है, जो मुख्य रूप से बिहार, झारखंड और उत्तर प्रदेश में चैत्र मास के शुक्ल पक्ष में मनाया जाता है।
चैती छठ 2026 का पूरा पंचांग
नहाय-खाय (पहला दिन): 22 मार्च 2026 (रविवार) – व्रती स्नान कर शुद्ध भोजन ग्रहण करेंगे।
खरना (दूसरा दिन): 23 मार्च 2026 (सोमवार) – व्रती दिनभर उपवास के बाद शाम को गुड़ की खीर का प्रसाद ग्रहण करेंगे।
संध्या अर्घ्य (तीसरा दिन): 24 मार्च 2026 (मंगलवार) – डूबते सूर्य को अर्घ्य दिया जाएगा।
उषा अर्घ्य (चौथा दिन): 25 मार्च 2026 (बुधवार) – उगते सूर्य को अर्घ्य के साथ व्रत का समापन/पारण होगा।
यह पर्व 36 घंटे के निर्जला उपवास के साथ पूरे नियम और शुद्धता के साथ मनाया जाता है।