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सीएम योगी ने यूपी डीजीपी का प्रभार एडीजी लॉ एंड ऑर्डर प्रशांत कुमार को सौंपा

यूपी के एडीजी लॉ एंड ऑर्डर प्रशांत कुमार डीजीपी का कार्यभार संभालेंगे। बता दें कि इन्हें फिलहाल डीजीपी प्रभारी बनाया गया है। उत्तर प्रदेश पुलिस महानिदेशक (डीजीपी ) हितेश चंद्र अवस्थी बुधवार को रिटायर हो रहे हैं। ऐसे में नए डीजीपी की चयन की प्रक्रिया अब फाइनल स्तर तक पहुंच गई है। सूत्रों के मुताबिक एडीजी बीएसएफ मुकुल गोयल का नाम लगभग फाइनल हो चुका था, लेकिन ऐन वक्त पर सीएम योगी ने प्रशांत कुमार पर अपनी मुहर लगा दी है।

By संतोष सिंह 
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लखनऊ। यूपी के एडीजी लॉ एंड ऑर्डर प्रशांत कुमार डीजीपी का कार्यभार संभालेंगे। बता दें कि इन्हें फिलहाल डीजीपी प्रभारी बनाया गया है। उत्तर प्रदेश पुलिस महानिदेशक (डीजीपी ) हितेश चंद्र अवस्थी बुधवार को रिटायर हो रहे हैं। ऐसे में नए डीजीपी की चयन की प्रक्रिया अब फाइनल स्तर तक पहुंच गई है। सूत्रों के मुताबिक एडीजी बीएसएफ मुकुल गोयल का नाम लगभग फाइनल हो चुका था, लेकिन ऐन वक्त पर सीएम योगी ने प्रशांत कुमार पर अपनी मुहर लगा दी है।

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डीजीपी का कार्यभार संभालते हुए एडीजी प्रशांत कुमार 

एडीजी लॉ एंड ऑर्डर प्रशांत कुमार की गिनती तेज तर्रार अफसरों में होती है। एडीजी लॉ एंड ऑर्डर बनने से पहले प्रशांत लगभग तीन साल तक मेरठ जोन केएडीजी थे। उनके कार्यकाल में सबसे अधिक एनकाउंटर मेरठ जोन में ही हुए। वे मेरठ रेंज में 2007 में डीआईजी के पद पर तैनात रह चुके हैं। उन्हें मिर्जापुर, फैजाबाद (अब अयोध्या) और सहारनपुर रेंज में तैनाती का अच्छा अनुभव रहा है। प्रशांत भदोही, पौरी गढ़वाल( अब उतराखंड का हिस्सा) , सोनभद्र, जौनपुर, गाजियाबाद, बाराबंकी और सहारनपुर जिलों में कप्तान के रूप में काम करने का मौका मिल चुका है।

इससे पहले बीते मंगलवार को यूपीएससी  ने तीन सीनियर आईपीएस अफसरों को इसके लिए शॉर्टलिस्ट किया है। इनमें डीजी ईओडब्ल्यू आरपी सिंह, एडीजी बीएसएफ मुकुल गोयल और नासिर कमाल का नाम है। वरिष्ठता के अनुसार नासिर कमाल बाकी दोनों लोगों के मुकाबले सबसे सीनियर हैं । मौजूदा समय वह केंद्र सरकार की प्रतिनियुक्ति पर हैं। हालांकि, इनका कार्यकाल कम है। ऐसे में इन्हें डीजीपी की रेस से बाहर बताया जा रहा है।

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सीएम योगी से दो अफसरों ने की मुलाकात

नासिर कमाल के बाद डीजी ईओडब्ल्यू आरपी सिंह और एडीजी बीएसएफ मुकुल गोयल का नाम यूपीएससी की लिस्ट में है। इन दोनों अफसरों ने मंगलवार को बारी-बारी से सीएम योगी आदित्यनाथ से मुलाकात भी कर ली है। बताया जाता है कि इन्हीं दोनों अफसरों में से किसी एक को यूपी पुलिस की कमान सौंपी जा सकती है।

 विधानसभा चुनाव डीजीपी के लिए होगा लक्ष्य

डीजीपी की कुर्सी उसे ही मिलेगी जो 2022 विधानसभा चुनाव के लिए फिट बैठ सकता है। 1986 बैच के नासिर कमाल लंबे समय से केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर हैं। यूपी की राजनीति से उन्हें बहुत वाकिफ नहीं माना जा रहा है। जुलाई 2022 में ही इनका रिटायरमेंट भी है। वरिष्ठता के लिहाज से 1987 बैच के IPS अफसर मुकुल गोयल दूसरे नंबर पर हैं। वह भी केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर हैं ।  वर्तमान में एडीजी बीएसएफ के पद पर तैनात हैं। इनका रिटायरमेंट फरवरी 2024 में है।

गोयल लंबे समय तक पश्चिमी यूपी के कई जिलों में एसपी रह चुके हैं। सपा सरकार में वह एडीजी लॉ एंड ऑर्डर जैसे महत्वपूर्ण पद पर रहे। इन्हें प्रदेश के राजनीतिक गलियारे से वोटरों के रूझान तक कि बेहतर समझ है। इसलिए डीजीपी के लिए इनका नाम करीब फाइनल माना जा रहा है।

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लेकिन केंद्रीय पोस्टिंग में अभी इनके सामने डीजी बीएसएफ बनने का बड़ा मौका है। वरिष्ठता सूची में तीसरा नाम 1987 बैच के आईपीएस अफसर आरपी सिंह का है। वर्तमान में व​ह डीजी ईओडब्ल्यू (आर्थिक अपराध शाखा) और एसआईटी के पद पर तैनात हैं। फरवरी 2023 में इनका रिटायरमेंट है। जल निगम, खाद्यान और बाइक बोट जैसे बड़े घोटालों की जांच में कड़ी कार्रवाइयों ने सरकार की नजर में इनकी बेहतर छवि बनाई है।

इसकी वजह से डीजीपी की कुर्सी इन्हें मिलने की भी संभावना प्रबल बताई जा रही है। फिलहाल माना जा रहा है कि केंद्र की तरफ से किसी और अधिकारी को नही भेजा गया तो मुकुल गोयल या आरपी सिंह में से किसी एक को डीजीपी बनाया जाएगा।

यूपी के गृह विभाग ने पैनल में इन आईपीएस अफसरों का नाम भी शामिल किया

आईपीएस आरके विश्वकर्मा: 1988 बैच के आरके विश्वकर्मा का मई 2023 में रिटायरमेंट है। डीजी आरके विश्वकर्मा भी दो महत्वपूर्ण पदों का काम संभाल रहे हैं। वह पुलिस भर्ती बोर्ड के अध्यक्ष हैं और डीजी फायर सर्विस के पद पर भी तैनात हैं। मौजूदा समय में वह शासन के विश्वस्त अधिकारियों में हैं। तेजतर्रार अफसरों में इनकी गिनती की जाती है। 112 यूपी प्रॉजेक्ट को जमीन पर उतारने में इनकी भी अहम भूमिका रही है। सरकार की जातीय समीकरण की राजनीति के लिहाज से भी फिट हैं।

आईपीएस आनंद कुमार: 1988 बैच के आईपीएस आनंद अप्रैल 2024 में रिटायर होंगे। कई मामलों के लिए बदनाम यूपी की जेलों को सुधारने में बड़े पैमाने पर काम किया है। वर्तमान सरकार में लंबे समय तक एडीजी कानून एवं व्यवस्था के पद पर रहते हुए कानून व्यवस्था को पटरी पर लाने में इनकी अहम भूमिका रही।

आईपीएस डॉ. देवेंद्र सिंह चौहान: 1988 बैच के अफसर डॉ. देवेंद्र सिंह चौहान वर्तमान में डीजी इंटेलिजेंस के पद पर तैनात हैं। इनका रिटायरमेंट मार्च 2023 में होना है। सरकार अगर वरिष्ठता को अनदेखा करती है तो टॉप फाइव दावेदारों में इनका भी नंबर है।

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आईपीएस अनिल कुमार अग्रवाल: 1988 बैच के आईपीएस अनिल कुमार अग्रवाल वर्तमान में केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर हैं और मिनिस्ट्री आफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज में तैनात हैं। हाल ही में इनका सचिव स्तर पर केंद्र में इम्पैनलमेंट हुआ है। सपा सरकार में इनकी ही देख रेख में 112 यूपी प्रॉजेक्ट जमीन पर आया। लंबे समय तक वह एडीजी डायल 100 के पद पर रहे। अप्रैल 2023 में इनका रिटायरमेंट है।

यूपी के डीजीपी समेत नौ आईपीएस आज रिटायर होंगे

पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) हितेश चंद्र अवस्थी समेत नौ आईपीएस अधिकारी 30 जून यानी आज सेवा से रिटायर हो जाएंगे। 1985 बैच के आईपीएस अधिकारी अवस्थी के अलावा केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर रेलवे सुरक्षा बल के डीजी पद पर तैनात इसी बैच के अरुण कुमार भी रिटायर होंगे।

इनके अलावा प्रांतीय पुलिस सेवा से प्रोन्नत हुए सात आईपीएस अधिकारी भी आज रिटायर हो रहे हैं। इनमें आईजी इंटेलीजेंस जेके शुक्ला, आईजी पुलिस मुख्यालय राजेश पांडेय, निलंबित चल रहे डीजीपी दिनेश चंद्र दुबे, डीआईजी पीटीसी सीतापुर दिलीप कुमार, डीआईजी यूपी पावर कार्पोरेशन साधना गोस्वामी, एसपी विजिलेंस वीरेंद्र कुमार मिश्र और एसपी यूपी-112 माधव प्रसाद वर्मा शामिल हैं। पीपीएस संवर्ग के 12 अफसर भी 30 जून को ही रिटायर हो रहे हैं।

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