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‘राहुल गांधी को भगवान परशुराम की बराबरी करना काफी महंगा पड़ेगा…’ डिप्टी CM ब्रजेश पाठक ने फरसा वाले पोस्टर पर दी तीखी प्रतिक्रिया

Rahul Gandhi Lord Parashurama poster controversy : लोकसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी आज (शुक्रवार को) 56 साल के हो गए हैं। इस मौके पर यूपी के वाराणसी में यूथ कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने अपने नेता का जन्मदिन अनोखे अंदाज में मनाया। कार्यकर्ताओं ने गंगा नदी में राहुल गांधी की तस्वीर पर दूध चढ़ाना भी शामिल था। जिसमें उन्हें भगवान परशुराम की तरह दिखाया गया। इस पर यूपी के डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक की तीखी प्रतिक्रिया सामने आयी है।

By Abhimanyu 
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Rahul Gandhi Lord Parashurama poster controversy : लोकसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी आज (शुक्रवार को) 56 साल के हो गए हैं। इस मौके पर यूपी के वाराणसी में यूथ कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने अपने नेता का जन्मदिन अनोखे अंदाज में मनाया। कार्यकर्ताओं ने गंगा नदी में राहुल गांधी की तस्वीर पर दूध चढ़ाना भी शामिल था। जिसमें उन्हें भगवान परशुराम की तरह दिखाया गया। इस पर यूपी के डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक की तीखी प्रतिक्रिया सामने आयी है।

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दरअसल, यूथ कांग्रेस कार्यकर्ताओं के इस पोस्टर में राहुल गांधी को भगवान परशुराम के अवतार में दिखाया गया है। जिसमें उनके एक हाथ में फरसा और दूसरे हाथ में संविधान की प्रति है। इस पर डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने समाचार एजेंसियों से बातचीत में कहा, “कांग्रेस पार्टी के नेताओं की बुद्धि पर पत्थर पड़ गया है। भगवान परशुराम- भगवान विष्णु के अवतार हैं। भगवान परशुराम की बराबरी करना राहुल गांधी को काफी महंगा पड़ेगा। जो सनातन विरोधी है, वो भगवान परशुराम की बराबरी कैसे कर सकता है।”

डिप्टी सीएम ने आगे कहा, “राहुल गांधी के वंशजों ने गोपाष्टमी के दिन गौरक्षकों-संतों पर लाठियां और गोलियां चलवा करके नई दिल्ली को, संसद भवन के आस-पास को खून से रंगने का काम किया था। और इन्हें के वंशजों ने इनकी सरकार में भगवान राम को काल्पनिक माना था। इन्हीं के लोगों ने सनातन संस्कृति को कभी स्वीकार नहीं किया।” उन्होंने आगे कहा, ” राहुल गांधी जब बिहार गए तो देवोत्थावनी एकादशी थी और उस दिन तालाब में मच्छलियां मारने लगे।”

ब्रजेश पाठक ने कहा, “राहुल गांधी को आत्म मंथन करना चाहिए। ऐसा कोई उदाहरण या वाकया नहीं है कि वो सनातन धर्म के साथ खड़े हों। उन्होंने तुष्टिकरण की राजनीति की है। आपको देश की जनता से क्षमा मांगना चाहिए। मैं ईश्वर से कामना करता हूं कि उन्हें सदबुद्धि दे।”

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