नगर कालपी में कानून-व्यवस्था को ठेंगा दिखाते हुए दबंगों ने जिस तरह सरेआम आतंक मचाया, उसने पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया है। सोमवार की शाम विधायक लिखी गाड़ी का रौब दिखाकर एक युवक से रंगदारी मांगने और विरोध करने पर उसे बेरहमी से पीटने की सनसनीखेज वारदात सामने आई है। इस घटना के बाद लोगों में दहशत हैं और पुलिस की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठ खड़े हुए हैं।
कालपी (जालौन)। नगर कालपी में कानून-व्यवस्था को ठेंगा दिखाते हुए दबंगों ने जिस तरह सरेआम आतंक मचाया, उसने पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया है। सोमवार की शाम विधायक लिखी गाड़ी का रौब दिखाकर एक युवक से रंगदारी मांगने और विरोध करने पर उसे बेरहमी से पीटने की सनसनीखेज वारदात सामने आई है। इस घटना के बाद लोगों में दहशत हैं और पुलिस की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठ खड़े हुए हैं।
पीड़ित शिवम यादव पुत्र स्व. प्रताप सिंह, निवासी मोहल्ला मिर्जामंडी, कालपी ने थाना कालपी में तहरीर दी है। बताया कि वह अपने घेरा से गाय के लिए चारा डालकर घर लौट रहा था। जैसे ही वह स्वान गुंडा मस्जिद के पास पहुंचा, तभी एक चार पहिया वाहन UP-92 AQ 1617 आकर रुका। वाहन पर बड़े-बड़े अक्षरों में विधायक लिखा था जो साफ तौर पर रसूख दिखाकर डराने की साजिश का हिस्सा प्रतीत होता है।
गाड़ी से शिवम यादव उर्फ दाऊ पुत्र बलवान सिंह (निवासी हरीगंज, कालपी), उसके साथ सुमित निषाद समेत 6–7 युवक उतरे और रंगदारी की मांग करने लगे। पीड़ित के विरोध करते ही गाली-गलौच शुरू हो गई। आरोपियों ने खुलेआम धमकी दी कि गाड़ी पर विधायक लिखा है, पहचानता नहीं? साइड से निकल जा, नहीं तो जान से हाथ धो बैठेगा।
इसके बाद दबंगों ने लात-घूंसों से हमला बोल दिया। जान बचाने के लिए पीड़ित कुलिया की ओर भागा, लेकिन हमलावरों ने पीछा कर सड़क पर गिराया और लाठी-डंडों से बेरहमी से पीटा। मां-बहन की गालियां देते हुए जान से मारने की धमकियां दी गईं। घटना शाम करीब 5 बजे की है, जब सड़क पर आवाजाही बनी हुई थी। इसके बावजूद दबंगों का दुस्साहस देखने लायक था।
तहरीर में यह भी उल्लेख है कि मुख्य आरोपी शिवम यादव उर्फ दाऊ आपराधिक प्रवृत्ति का बताया जा रहा है, जिसके खिलाफ पहले से कई मुकदमें दर्ज होने की चर्चा है।सवाल यह है कि ऐसे तत्वों के हौसले इतने बुलंद कैसे हैं कि वे विधायक लिखी गाड़ी की आड़ में आम नागरिकों को कुचलने पर उतर आएं?
घटना के बाद इलाके में भारी आक्रोश है। लोगों की साफ मांग है कि आरोपियों पर तत्काल, सख्त और निष्पक्ष कार्रवाई हो। पुलिस जांच की बात कह रही है, लेकिन अब निगाहें इस पर टिकी हैं कि कानून असर दिखाएगा या रसूख के आगे फिर घुटने टेक देगा।