1. हिन्दी समाचार
  2. देश
  3. सिंधु जल संधि खत्म कर जनता को मूर्ख न बनाए, आतंक के आकाओं को सबक सिखाने के लिए युद्ध की तैयारी करे सरकार : स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती

सिंधु जल संधि खत्म कर जनता को मूर्ख न बनाए, आतंक के आकाओं को सबक सिखाने के लिए युद्ध की तैयारी करे सरकार : स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती

पहलगाम आतंकी हमला (Pahalgam Terror Attack) हिंदुओं पर सोची समझी साजिश के तहत हुआ है। धर्म पूछकर मारा जाना, यह बर्बरता की निशानी है। आतंकियों की ये सीधी युद्ध की चेतावनी है। सरकार को इसकी निंदा नहीं, बल्कि दंडात्मक कार्रवाई करनी चाहिए। सिंधु जल संधि (Indus Water Treaty) को खत्म करके जनता को मूर्ख नहीं बना सकते।

By santosh singh 
Updated Date

आगरा। पहलगाम आतंकी हमला (Pahalgam Terror Attack) हिंदुओं पर सोची समझी साजिश के तहत हुआ है। धर्म पूछकर मारा जाना, यह बर्बरता की निशानी है। आतंकियों की ये सीधी युद्ध की चेतावनी है। सरकार को इसकी निंदा नहीं, बल्कि दंडात्मक कार्रवाई करनी चाहिए। सिंधु जल संधि (Indus Water Treaty) को खत्म करके जनता को मूर्ख नहीं बना सकते। सबसे पहले आतंकी हमले के जिम्मेदार की पहचान कर उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई करें। इसके बाद सीमापार बैठे आकाओं को सबक सिखाने के लिए सरकार युद्ध की तैयारी करे। देश की जनता सरकार के साथ है। पहलगाम में हुए हत्याकांड से व्यथित जगद्गुरु शंकराचार्य ज्योतिष्पीठाधीश्वर स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती (Jagadguru Shankaracharya Jyotirpeethadhiswar Swami Avimukteshwaranand Saraswati) ने ये बात यूपी के आगरा जिले में शुक्रवार को कही।

पढ़ें :- UP News: यूपी में जिला पंचायत अध्यक्ष बने प्रशासक, सरकार ने जारी किया आदेश

उन्होंने दयालबाग स्थित डॉ. दीपिका उपाध्याय (Dr. Deepika Upadhyay) के आवास पर पत्रकारों से वार्ता की। इससे पहले उन्होंने निर्माणाधीन आश्रम का अवलोकन किया। उन्होंने पहलगाम की घटना पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की। कहा कि बार-बार पानी बंद करने की हमारी सरकार की ओर से बात की जाती है। क्या सचमुच यह संभव है? पानी बंद करा देने की धमकी देने से यह आतंकी कार्रवाई बंद नहीं होगी। अच्छा हो कि अब सीधी कार्रवाई की जाए।

पढ़ें :- बिहार में बहुत जल्दी सरकार गिरने वाली है...तेज प्रताप यादव के बयान के बाद बढ़ी सियासी हलचल

उन्होंने गोमाता के संरक्षण पर बात करते हुए कहा कि गोमाता की रक्षा के लिए मुहिम चला रहे है। गोमाता के संरक्षण के लिए 33 करोड़ मतदाता तैयार करना लक्ष्य है। हर विधानसभा क्षेत्र में एक गो सांसद नियुक्त किए जा रहे हैं। मतदाता इन गो सांसदों को चुनकर संसद में भेजेंगे। तभी गोसेवा का सच्चे मायने में संरक्षण हो पाएगा। अंत में उन्होंने भक्तों को आशीर्वाद देते हुए देसी गाय, जिसे रामा गाय का नाम दिया है, के संरक्षण का आह्वान किया। दोपहर को सड़क मार्ग से हरिद्वार के लिए प्रस्थान कर गए, जहां वे बद्रीनाथ और केदारनाथ के पट खुलवाएंगे।

Hindi News से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक, यूट्यूब और ट्विटर पर फॉलो करे...