आरएफएल (RFL) , एम3एम इंडिया होल्डिंग्स (M3M India Holdings) , आरएचसी होल्डिंग प्राइवेट लिमिटेड (RHC Holding Pvt Ltd) , हिलग्रो इंफ्रास्ट्रक्चर प्राइवेट लिमिटेड (Hilgro Infrastructure Pvt Ltd) , डायोन ग्लोबल सॉल्यूशंस (Dion Global Solutions) और प्रियस कमर्शियल (Prius Commercial) के कॉरपोरेट कार्यालयों सहित दिल्ली-एनसीआर (Delhi-NCR) में नौ स्थानों पर छापेमारी की थी। छापेमारी शनिवार को समाप्त हुई।
नई दिल्ली। प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने रेलिगेयर फिनवेस्ट लिमिटेड (RFL) से 2,000 करोड़ रुपये से अधिक के कथित धनशोधन मामले की जांच के सिलसिले में शनिवार को तलाशी पूरी कर ली। सूत्रों ने बताया कि एजेंसी ने शुक्रवार को छापेमारी शुरू की थी। आरएफएल (RFL) , एम3एम इंडिया होल्डिंग्स (M3M India Holdings) , आरएचसी होल्डिंग प्राइवेट लिमिटेड (RHC Holding Pvt Ltd) , हिलग्रो इंफ्रास्ट्रक्चर प्राइवेट लिमिटेड (Hilgro Infrastructure Pvt Ltd) , डायोन ग्लोबल सॉल्यूशंस (Dion Global Solutions) और प्रियस कमर्शियल (Prius Commercial) के कॉरपोरेट कार्यालयों सहित दिल्ली-एनसीआर (Delhi-NCR) में नौ स्थानों पर छापेमारी की थी। छापेमारी शनिवार को समाप्त हुई।
अधिकारियों ने कहा कि तलाशी के दौरान डिजिटल साक्ष्य सहित “आपत्तिजनक” दस्तावेज जब्त किए गए और आपराधिक गतिविधियों से उत्पन्न आय की पहचान की गई है। ईडी (ED) का धनशोधन का मामला दिल्ली पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा ( EOW) की प्राथमिकी से उपजा है। इस मामले में संघीय एजेंसी ने फोर्टिस के पूर्व प्रवर्तकों मलविंदर मोहन सिंह (Federal agency arrests former Fortis promoters Malvinder Mohan Singh) , शिविंदर मोहन सिंह (Shivinder Mohan Singh) और रेलिगेयर एंटरप्राइजेज लिमिटेड (Religare Enterprises Limited) के सीएमडी सुनील गोधवानी (CMD Sunil Godhwani) को गिरफ्तार किया था।