1. हिन्दी समाचार
  2. एस्ट्रोलोजी
  3. Falgun Month 2024 : फाल्गुन मास में जरूर करें इस स्तोत्र का पाठ , करियर में मिलेगी सफलता

Falgun Month 2024 : फाल्गुन मास में जरूर करें इस स्तोत्र का पाठ , करियर में मिलेगी सफलता

हिंदू पंचांग के अनुसार, फाल्गुन मास शुरू हो चुका है। इस मास में भगवान श्री कृष्ण और भगवान शिव की उपासना विशेष रूप से फलित होती है।

By अनूप कुमार 
Updated Date

Falgun Month 2024 : हिंदू पंचांग के अनुसार, फाल्गुन मास शुरू हो चुका है। इस मास में भगवान श्री कृष्ण और भगवान शिव की उपासना विशेष रूप से फलित होती है। धर्मिक ग्रंथों के अनुसार ,  फाल्गुन मास में भगवान कृष्ण और शिव जी की उपासना करने से समस्त मनोकामना पूर्ण होती है।  जीवन में सुख समृद्धि आती है। बता दें कि फाल्गुन मास में प्रत्येक दिन भगवान श्री कृष्ण के शतनामावली स्तोत्र का पाठ करने से विशेष लाभ प्राप्त होता है। आइए पढ़ते हैं, श्री कृष्ण शतनामावली स्तोत्र।

पढ़ें :- Panchgrahi Yog 2026 : मकर संक्रांति पर्व बनेगा दुर्लभ और प्रभावशाली पंचग्रही योग, इन राशियों को होगा अचानक धनलाभ, चमक सकता है भाग्य

मान-सम्मान में वृद्धि होती
शतनामावली स्तोत्र बेहद ही चमत्कारी माना जाता है। इस स्तोत्र के पाठ से मान-सम्मान में वृद्धि होती है। साथ ही हर बिगड़े काम बन जाते हैं। इस स्तोत्र का पाठ करने से बाल-गोपाल प्रसन्न होते हैं और अपनी कृपा जातक पर बरसाते हैं।

“श्रीकृष्ण शतनामावली स्तोत्र”

श्रीकृष्ण: कमलानाथो वासुदेवः सनातनः !
वसुदेवात्मजः पुण्यो लीलामानुषविग्रहः ॥
श्रीवत्सकौस्तुभधरो यशोदावत्सलो हरिः !
चतुर्भुजात्तचक्रासिगदाशंखाद्युदायुधः ॥
देवकीनन्दनः श्रीशो नन्दगोपप्रियात्मजः !
यमुनावेगसंहारी बलभद्रप्रियानुजः ॥
पूतनाजीवितहरः शकटासुरभञ्जनः !
नन्दव्रजजनानन्दी सच्चिदानन्दविग्रहः ॥
नवनीतविलिप्ताङ्गो नवनीतनटोऽनघः !
नवनीतनवाहारो मुचुकुंदप्रसादकः ॥
षोडशस्त्रीसहस्रेशो त्रिभंगीललिताकृतिः !
शुकवागमृताब्धीन्दुः गोविन्दो गोविदां पतिः॥
वत्सवाटचरोऽनन्तो धेनुकासुरमर्द्दनः !
तृणीकृततृणावर्तो यमलार्जुनभञ्जनः ॥
उत्तालतालभेत्ता च तमालश्यामलाकृतिः !
गोपगोपीश्वरो योगी कोटिसूर्यसमप्रभः॥
इलापतिः परंज्योतिः यादवेन्द्रो यदूद्वहः
वनमाली पीतवासा पारिजातापहारकः ॥
गोवर्धनाचलोद्धर्त्ता गोपालस्सर्वपालकः !
अजो निरञ्जनः कामजनकः कञ्जलोचनः॥
मधुहा मथुरानाथो द्वारकानायको बली !
वृन्दावनांतसञ्चारी तुलसीदामभूषणः ॥
स्यमन्तकमणेर्हर्ता नरनारायणात्मकः !
कुब्जाकृष्टांबरधरो मायी परमपूरुषः ॥
मुष्टिकासुरचाणूरमल्लयुद्धविशारदः !
संसारवैरि कंसारी मुरारी नरकान्तकः ॥
अनादिब्रह्मचारी च कृष्णाव्यसनकर्शकः !
शिशुपालशिरच्छेत्ता दुर्योधनकुलान्तकः ॥
विदुराक्रूरवरदो विश्वरूपप्रदर्शकः !
सत्यवाक्सत्यसंकल्पः सत्यभामारतो जयी ॥
सुभद्रापूर्वजो विष्णुः भीष्ममुक्तिप्रदायकः !
जगद्गुरुर्जगन्नाथो वेणुनादविशारदः ॥
वृषभासुरविध्वंसी बाणासुरबलांतकः !
युधिष्ठिरप्रतिष्ठाता बर्हिबर्हावतंसकः ॥
पार्थसारथिरव्यक्तो गीतामृतमहोदधिः !
कालीयफणिमाणिक्यरञ्जितश्रीपदांबुजः ॥
दामोदरो यज्ञभोक्ता दानवेन्द्रविनाशकः
नारायणः परंब्रह्म पन्नगाशनवाहनः ॥
जलक्रीडासमासक्तगोपीवस्त्रापहारकः !
पुण्यश्लोकस्तीर्थपादो वेदवेद्यो दयानिधिः ॥
सर्वभूतात्मकस्सर्वग्रहरूपी परात्परः !
एवं कृष्णस्य देवस्य नाम्नामष्टोत्तरं शतं, ॥
कृष्णनामामृतं नाम परमानन्दकारकं,
अत्युपद्रवदोषघ्नं परमायुष्यवर्धनम् !
श्रीकृष्ण: कमलानाथो वासुदेवः सनातनः !
वसुदेवात्मजः पुण्यो लीलामानुषविग्रहः ॥

पढ़ें :- 11 जनवरी 2026 का राशिफल: इन राशि के लोग आज व्यवसायिक योजनाओं पर ध्यान केंद्रित करें, मिलेगा लाभ
Hindi News से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक, यूट्यूब और ट्विटर पर फॉलो करे...