Divya Mittal arrived in Mirzapur : पिछले दिनों यूपी कैडर की पूर्व आईएएस अधिकारी दिव्या मित्तल ने प्रशासनिक सेवा छोड़ने के बाद राजनीति के अखाड़े में उतरने का फैसला किया था। इस ऐलान के बाद दिव्या मित्तल 11 अक्टूबर 2026 को पहली बार मिर्जापुर पहुंचीं। जहां पर उनका लोगों ने जबर्दस्त तरीके से स्वागत किया।
Divya Mittal arrived in Mirzapur : पिछले दिनों यूपी कैडर की पूर्व आईएएस अधिकारी दिव्या मित्तल ने प्रशासनिक सेवा छोड़ने के बाद राजनीति के अखाड़े में उतरने का फैसला किया था। इस ऐलान के बाद दिव्या मित्तल 11 अक्टूबर 2026 को पहली बार मिर्जापुर पहुंचीं। जहां पर उनका लोगों ने जबर्दस्त तरीके से स्वागत किया।
मिर्जापुर के जिगना पहुंची पूर्व आईएएस दिव्या मित्तल को समर्थकों ने फूल माला पहनाई और पुष्पवर्षा की। इस दौरान लोगों ने “दिव्या दीदी ज़िंदाबाद” के नारे भी लगाए। यूपी चुनाव से पहले उनके इस दौरे को राजनीतिक सफर का पहला कदम माना जा रहा है। बता दें कि मिर्जापुर का डीएम रहते हुए दिव्या मित्तल ने लहुरियादह गांव में पानी की समस्या खत्म की थी, जोकि हलिया विकास खंड में पहाड़ी की चोटी पर स्थित है।
दिव्या मित्तल के प्रयासों के चलते आजादी के लगभग 75 साल बाद, अगस्त 2023 में लहुरियादह गांव के 125 परिवारों के घरों तक पहली बार नल से पानी पहुंचा था। जिसके बाद उनके अचानक हुए ट्रांसफर ने सवाल खड़े किए थे। आईएएस दिव्या मित्तल की करीब 17 साल की सरकारी नौकरी बाकी थी, लेकिन उन्होंने अपने मन की संतुष्टि और जीवन के अगले अध्याय के लिए सिविल सेवा को अलविदा कह दिया।
सिविल सेवा छोड़ने के बाद राजनीति में उतरने का फैसला
पूर्व आईएएस दिव्या मित्तल ने 29 सितंबर को ‘आम लोगों की आवाज बनने के लिए’ राजनीति के अखाड़े में उतरने का फैसला कर लिया है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि वो किसी अन्य राजनीति पार्टी में शामिल नहीं होंगी, बल्कि लोगों के साथ मिलकर जनता के मुद्दे पर सवाल पूछेंगी। इसके साथ ही उन्होंने एक नंबर जारी कर लोगों से अपने इस मुहीम में जुड़ने की अपील की है।
पूर्व आईएएस ने कहा था कि अब वो राजनीति करेंगी। इस दौरान वो उन लोगों की आवाज बनेंगी, जिनकी वजह किसी सरकारी दफ्तर नहीं पहुंच पाती और पहुंच भी जाये तो सुनी जाती। उन्हें उन लोगों की तरफ से देश की आजादी के 80 सालों का हिसाब चाहिए। वह डरने वाली नहीं है, जिन लोगों ने उनका समर्थन किया था। उनके साथ मिलकर एक ऐसा मंच बनाएंगी जो सिस्टम से डरेंगे नहीं।