देश के सर्राफा बाजार (Bullion Market) में एक बार फिर सोने और चांदी (Gold and Silver) के दामों ने आग लगा दी है। कारोबारियों के मुताबिक चांदी (Silver) 4 लाख रुपये प्रति किलो के पार पहुंच गई है, जबकि सोना (Gold) भी मजबूती के साथ 1,88,000 रुपये के स्तर पर पहुंच गया है।
नई दिल्ली। देश के सर्राफा बाजार (Bullion Market) में एक बार फिर सोने और चांदी (Gold and Silver) के दामों ने आग लगा दी है। कारोबारियों के मुताबिक चांदी (Silver) 4 लाख रुपये प्रति किलो के पार पहुंच गई है, जबकि सोना (Gold) भी मजबूती के साथ 1,88,000 रुपये के स्तर पर पहुंच गया है। इस तेजी ने निवेशकों और आम ग्राहकों, दोनों को चौंका दिया है। सुरक्षित निवेश विकल्पों की बढ़ती मांग और वैश्विक संकेतों का असर साफ दिखाई दे रहा है।
स्थानीय सर्राफा बाजार (Bullion Market) में चांदी की कीमतों ने अब तक का उच्चतम स्तर छू लिया है। लगातार बढ़ते दामों के बीच चांदी 4 लाख रुपये प्रति किलो से ऊपर कारोबार कर रही है। वहीं सोने के भाव भी तेजी के साथ ऊपर गए हैं और यह 1,88,000 रुपये तक पहुंच चुका है। व्यापारियों का कहना है कि हाल के दिनों में खरीदारी और निवेश दोनों में इजाफा हुआ है, जिससे बाजार में तेजी बनी हुई है।
सुरक्षित निवेश की ओर झुकाव
बाजार जानकारों के अनुसार आर्थिक अनिश्चितता और वैश्विक हालात के चलते निवेशक एक बार फिर सोना-चांदी (Gold-Silver) जैसे सुरक्षित विकल्पों की ओर रुख कर रहे हैं। शेयर बाजार (Stock Market) में उतार-चढ़ाव और महंगाई की आशंकाओं के बीच बुलियन निवेशकों के लिए भरोसेमंद विकल्प बनता जा रहा है। यही कारण है कि आभूषण खरीद के साथ-साथ निवेश के रूप में भी मांग बढ़ी है।
वैश्विक संकेतों का असर
अंतरराष्ट्रीय बाजार में डॉलर की कमजोरी, ब्याज दरों को लेकर अनिश्चितता और भू-राजनीतिक तनाव जैसे कारक कीमती धातुओं की कीमतों को प्रभावित कर रहे हैं। भारत जैसे आयात-आधारित देश में इन वैश्विक संकेतों का सीधा असर घरेलू सर्राफा बाजार (Bullion Market) पर पड़ता है। विशेषज्ञों का मानना है कि जब तक वैश्विक स्तर पर अस्थिरता बनी रहेगी, तब तक सोना-चांदी (Gold-Silver) की कीमतों में मजबूती देखने को मिल सकती है।
ग्राहकों और निवेशकों की बढ़ी दिलचस्पी
बढ़ते दामों के बावजूद बाजार में खरीदारी जारी है। आभूषण व्यवसायियों का कहना है कि विवाह और त्योहारों के मौसम को देखते हुए ग्राहक अभी भी खरीदारी कर रहे हैं, जबकि निवेशक भाव और ऊपर जाने की संभावना को देखते हुए खरीद को अवसर मान रहे हैं। कुल मिलाकर, सर्राफा बाजार में सोने-चांदी की चमक फिलहाल और तेज होती दिख रही है।
कमजोर रुपया बना बड़ी वजह
जानकारों का कहना है कि रुपये की कमजोरी ने घरेलू बाजार में कीमतों को और ऊपर धकेल दिया है। भारतीय रुपया आज लगभग अपने अब तक के सबसे निचले स्तर के के करीब पहुंच गया है जब रुपया कमजोर होता है तो आयात होने वाले सोने और चांदी की कीमतें अपने आप बढ़ जाती हैं। साथ ही, डॉलर की कमजोरी ने भी कीमतों को ऊपर चढ़ने में मदद की है।
सोने से ज्यादा क्यों चमक रही चांदी?
इंडस्ट्रीज में चांदी की बढ़ती मांग और दुनिया भर के बाजारों में इसके कम होते स्टॉक की वजह से कीमतों में यह ‘आग’ लगी है। एक्सपर्ट के मुताबिक हाल के दिनों में चांदी की मांग ज्यादा मजबूत रही है। एक तरफ इंडस्ट्रियल यानी फैक्ट्री और टेक से जुड़ी मांग बढ़ी है, वहीं दूसरी तरफ सुरक्षित निवेश के तौर पर भी लोग चांदी की ओर तेजी से बढ़ रहे हैं। कमजोर डॉलर (Dollar) ने भी चांदी को सपोर्ट दिया है, इसी वजह से चांदी ने सोने से बेहतर प्रदर्शन किया है।
क्या अभी और बढ़ेंगे सोने-चांदी के दाम?
एक्सपर्ट का मानना है कि जब तक ग्लोबल मार्केट (Global Market) में तनाव कम नहीं होता और डॉलर में स्थिरता नहीं आती, तब तक सोने और चांदी की कीमतों में तेजी का यह रुख बना रह सकता है। आम लोगों के लिए शादी-ब्याह के सीजन में यह खबर थोड़ी परेशान करने वाली हो सकती है। हालांकि इतनी तेज बढ़त के बाद बीच बीच में मुनाफावसूली भी देखने को मिल सकती है, इसलिए आगे उतार चढ़ाव बना रह सकता है।