. आयुर्वेद में माना गया है कि मौसम बदलने के साथ अगर किसी तरह का संक्रमण होता है तो ये कमजोर रोग-प्रतिरोधक क्षमता की निशानी है।
Dadi Ke Nuskhe : आयुर्वेद में माना गया है कि मौसम बदलने के साथ अगर किसी तरह का संक्रमण होता है तो ये कमजोर रोग-प्रतिरोधक क्षमता की निशानी है। ऐसे में इस मौसम में कमजोर रोग-प्रतिरोधक की वजह से खांसी, बुखार और बदन दर्द की समस्या परेशान करने लगती है। कई बार दवा से आराम मिल जाता है, लेकिन वो इस समस्या का अस्थायी समाधान होता है। खांसी के लिए भी आयुर्वेद में बेहतरीन नुस्खा बताया गया है जिससे पुरानी से पुरानी खांसी को ठीक किया जा सकता है।
ऐसे में अदरक, काली मिर्च, इलायची और अजवाइन समेत कुछ चीजों को मिलाकर बनाया गया नुस्खा गंभीर से गंभीर खांसी से छुटकारा दिलाने में मदद कर सकता है।
किचन के मसालों में इलाज
इसके लिए काली मिर्च, अदरक, काला नमक, हरी इलायची और अजवाइन को सूखा भून लें और फिर थोड़े से पानी में गुड़ को अच्छी तरह से पका लें। गुड़ के पक जाने के बाद सारे मिश्रण को अच्छे से मिलाकर कुछ देर और पकाएं और फिर किसी कांच के बर्तन में रख लें।
सेवन का तरीका
वयस्क रात के समय गुनगुने पानी के साथ ले सकते हैं। अगर खांसी ज्यादा है तो दिन में भी आधा चम्मच गर्म पानी के साथ बनाए गए मिश्रण का सेवन करें। अगर बच्चों को खांसी है तो एक चौथाई चम्मच मिश्रण गर्म पानी के साथ रात को सोते समय दें।
तासीर
यहां ध्यान देने वाली बात ये है कि मिश्रण की तासीर गर्म है, और ऐसे में बच्चों को दिन में एक बार ही दें। इस मिश्रण का सेवन लगातार 3 से 7 दिन तक करें। इससे खांसी में आराम मिलेगा और पुरानी से पुरानी खांसी ठीक हो जाएगी।
सावधानी
ध्यान देने वाली बात ये है कि गर्भवती महिलाएं बिना डॉक्टर की सलाह के मिश्रण का सेवन न करें।