प्रदेश में स्वास्थ्य व्यवस्था बिलकुल चरमरा चुकी है। आलम यह है सरकारी अस्पतालों में मरीजरों को स्ट्रेचर तक नहीं मिल पा रहा है। मजबूरन लोग प्राईवेट अस्पताल की ओर अपना रूख कर रहे है। ताजा मामला गया के मगध मेडिकल कॉलेस अस्पताल का है, जहां पर एक बुजुर्ग महिला को समुचित इलाज न मिलने के कारण अस्पताल से चली गई।
पटना। प्रदेश में स्वास्थ्य व्यवस्था बिलकुल चरमरा चुकी है। आलम यह है सरकारी अस्पतालों में मरीजरों को स्ट्रेचर तक नहीं मिल पा रहा है। मजबूरन लोग प्राईवेट अस्पताल की ओर अपना रूख कर रहे है। ताजा मामला गया के मगध मेडिकल कॉलेस अस्पताल का है, जहां पर एक बुजुर्ग महिला को समुचित इलाज न मिलने के कारण अस्पताल से चली गई। स्ट्रेचर न मिलने के कारण महिला को उनका पोता स्कूटी से लेकर निजी अस्पताल चला गया। अब इसका वीडियो तेजी से सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसने अब राज्य की स्वास्थ्य व्यवस्था पर सवाल खड़ा कर दिया है।
गया मेडिकल कॉलेज में स्ट्रेचर नहीं! दादी को स्कूटी पर ले जाने को मजबूर युवक, सिस्टम पर उठे सवाल…पूरी खबर को पढ़ने के लिए लिंक पर क्लिक करें..https://t.co/Hlu6VGYwUj#gayamedicalcollege, #anugrahnarayanmagadhmedicalcollegehospital,
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गया निवासी प्यारी देवी को कई दिनों से सांस लेने में तकलीफ हो रही थी। इस पर उनके पोते ने उनको गया स्थित मगध मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती कराया था। अस्पताल में प्यारी देवी को समुचित इलाज नहीं मिल पर पा रहा था। इस पर परिजन उन्हें लेकर प्राइवेट अस्पताल ले गए। परिजनों ने आरोप लगाते हुए बताया कि अस्पताल में न तो मरीज को समय पर डाक्टर देखने आ रहे थे और ना ही किसी तरह का इलाज मिल रहा था। मरीज की हालत लगातार बिगड़ती जा रही थी। इस कारण मजबूरी में निजी अस्पताल ले जाने का फैसला करना पड़ा। परिजनों ने आरोप लगाते हुए बताया कि मरीज को वार्ड से बाहर ले जाने के लिए अस्पताल प्रशासन की ओर से स्ट्रेचर तक उपलब्ध नहीं कराया गया था। अस्पताल प्रबंधन ने स्ट्रेचर न होने की बात कही, जिसके बाद युवक ने अपनी दादी को स्कूटी पर बैठाकर अस्पताल से बाहर निकाला और दूसरे अस्पताल ले गया। अब इसका वीडियो तेजी से सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है और लोगों में सरकार के प्रति आक्रोश पैदा हो रहा है। वहीं, अस्पताल प्रशासन ने इस मामले में अनभिज्ञता जताई है। अस्प्ताल के अधीक्षक डॉ. किशोर कुमार सिंहा ने बताया कि उन्हें घटना की जानकारी नहीं है। उन्होने कहा कि अस्पताल में स्ट्रेचर की कोई कमी नहीं है। मामले की जांच कर दोषियों पर कार्रवाई की जाएगी।