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जून में गर्मी और महंगाई लोगों के छुड़ा रही पसीने, दाल, दूध-सब्जियों के दामों में लगी आग, चुनाव बाद आम जनता को क्यों मिली यह मार?

लोकसभा चुनाव खत्म होते ही रसोई पर मंहगाई की मार पड़ी है। आम आदमी की थाली से दाल और सब्जी गायब होने लगी है। दूध-दही के दामों में पहले ही इजाफा हो चुका है। अब आलू और टमाटर के भाव सातवें आसमान पर पहुंच गए हैं। दाल की कीमतों आग लग गई है और आटा-चावल भी मंहगे होते जा रहे हैं।

By संतोष सिंह 
Updated Date

नई दिल्ली। लोकसभा चुनाव खत्म होते ही रसोई पर मंहगाई की मार पड़ी है। आम आदमी की थाली से दाल और सब्जी गायब होने लगी है। दूध-दही के दामों में पहले ही इजाफा हो चुका है। अब आलू और टमाटर के भाव सातवें आसमान पर पहुंच गए हैं। दाल की कीमतों आग लग गई है और आटा-चावल भी मंहगे होते जा रहे हैं।

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जून महीने में गर्मी के साथ-साथ महंगाई ने भी लोगों के छुड़ा दिए हैं पसीने 

जून  महीने में गर्मी के साथ-साथ महंगाई ने भी लोगों के पसीने छुड़ा दिए हैं। दो जून की रोटी भी आम लोगों की जेब पर भारी पड़ रही है। महंगाई के आकड़ों के ने सारी पोल खोल कर रख दी है। मई के महीने में थोक महंगाई दर बढ़कर 15 महीने के उच्चतम स्तर पर पहुंच गई। मई में थोक महंगाई दर 2.61 फीसदी पर पहुंच गया है। यह अप्रैल के महीने में केवल 1.26 पर्सेंट ही थी। लेकिन मई के महीने में ये बढ़कर 2.61 फीसदी हो गई है।

सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, मई में खाने की चीजें भी 10 महीने के उच्चतम स्तर 9.82 फीसदी पर पहुंच गई। दाल हो या सब्जी, फल हो या तेल सभी की कीमतों में इजाफा हो रहा है। जून में पसीने छुड़ाने वाली गर्मी में महंगाई से राहत मिलने की उम्मीद बहुत ही कम है।

जून महीने की गर्मी के बीच तेल, दूध, सब्जियां, आलू और प्याज की कीमतों में बढ़ोतरी हुई

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जून महीने की गर्मी के बीच तेल, दूध, सब्जियां, आलू और प्याज की कीमतों में बढ़ोतरी हुई है। अमूल, पराग, मदर डेयरी जैसी डेयरी फर्म ने दूध, दही, पनीर आदि प्रोडक्टस की कीमते पहले ही बढ़ा दी हैं। खाने वाले तेल की कीमतों में भी हाल के दिनों में तेजी से बढ़ोतरी हुई है। प्याज की कीमतों में बीते एक हफ्ते में 50 पर्सेंट की तेजी आई है। आलू की कीमतों में भी काफी तेजी आई है।

अरहर की दाल के दाम आज 220 से 230 तक पहुंच गए हैं

अब आंकड़ों में महंगाई की बात करें तो खाद्य महंगाई दर 1.88 प्रतिशत बढ़ गई है तो सब्जियों की महंगाई दर 32.42 पर्सेंट हो गई है। प्याज की महंगाई दर 58.05 फीसदी हो गई है। आलू की महंगाई दर 64.05 प्रतिशत है। दालों की महंगाई दर 21.95 फीसदी है। पिछले एक हफ्ते में सब्जियों के दामों में काफी वृद्धि हुई है। दाल की कीमत चिकन से ज्यादा जा पहुंची है। हालात यह हैं कि पिछले 20 दिन से दाल के रेट लगातार चढ़ते ही जा रहे हैं। जो अरहर की दाल 180 रुपये किलो में मिल रही थी, उसके दाम आज 220 से 230 तक पहुंच गए हैं।

सब्जी महंगी होने की वजह?

आम आदमी की जेब पर महंगाई की मार पड़ने की कई वजहे हैं। प्रचंड गर्मी की वजह से खेतों में ही सब्जियां सूख रही हैं। पौधों में फल लगने के बाद गर्मी की वजह से झुलस रहे हैं। हरी सब्जियों पर मौसम की मार ज्यादा पड़ रही है। कोल्ड स्टोर में सब्जियों को रखने की जगह तक नहीं बची है। गर्मी की वजह से ही जल्दी सब्जियां खराब हो रही हैं। इतना ही नहीं सब्जियों की ढुलाई में भी मुश्किल आ रही है।

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