देश की पहली हाई-एल्टीट्यूड वाइल्डलाइफ सफारी लद्दाख में वन्यजीव और एडवेंचर टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए शुरू की गई है। पर्यटकों को इसके जरिए ऊंचाई वाले इलाकों में पाए जाने वाले दुर्लभ वन्यजीवों, खासकर स्नो लेपर्ड को उनके प्राकृतिक आवास में देखने का अवसर मिलेगा।
लेह। देश की पहली हाई-एल्टीट्यूड वाइल्डलाइफ सफारी लद्दाख में वन्यजीव और एडवेंचर टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए शुरू की गई है। पर्यटकों को इसके जरिए ऊंचाई वाले इलाकों में पाए जाने वाले दुर्लभ वन्यजीवों, खासकर स्नो लेपर्ड को उनके प्राकृतिक आवास में देखने का अवसर मिलेगा।
बता दें कि इस सफारी को लद्दाख के कठिन और ऊंचाई वाले क्षेत्रों में संचालित किया जाएगा, जहां सर्दियों के दौरान स्नो लेपर्ड की गतिविधियां देखने की संभावना अधिक रहती है। साथ ही पर्यटकों को स्थानीय गाइड और विशेषज्ञों की मदद से वन्यजीवों को सुरक्षित दूरी से देखने का मौका मिलेगा।
इस सफारी के दौरान प्रमुख क्षेत्र के तौर पर हेमिस नेशनल पार्क और उसके आसपास के इलाकों को शामिल किया गया है। इसके अलावा लद्दाख के अलग-अलग हाई-एल्टीट्यूड वाइल्डलाइफ जोन में भी पर्यटकों को ले जाया जा सकता है। यहां स्नो लेपर्ड के अलावा हिमालयी आइबेक्स, ब्लू शीप यानी भरल, कियांग और अन्य दुर्लभ वन्यजीवों को देखने का भी मौका मिल सकता है।
आपको बता दें कि इस पहल का उद्देश्य सिर्फ पर्यटन को बढ़ावा देना नहीं, बल्कि वन्यजीव संरक्षण और स्थानीय समुदायों की आजीविका को भी काफी मजबूत करना है। स्नो लेपर्ड को बेहद संवेदनशील और दुर्लभ प्रजाति माना जाता है, इसलिए सफारी के दौरान पर्यावरण और वन्यजीवों को नुकसान न पहुंचे, इसका विशेष तौर पर ध्यान रखा जाएगा।