देश की प्रमुख एयरलाइन इंडिगो (IndiGo Airlines) के शीर्ष नेतृत्व में एक बड़ा बदलाव हुआ है। इंडिगो के सीईओ पीटर एल्बर्स (CEO Peter Elbers) ने इस्तीफा दे दिया है। एयरलाइन का कहना है कि उन्हें तत्काल प्रभाव से पद से मुक्त कर दिया गया है। मंगलवार को विमानन कंपनी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी पीटर एल्बर्स (CEO Peter Elbers) ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया।
नई दिल्ली। देश की प्रमुख एयरलाइन इंडिगो (IndiGo Airlines) के शीर्ष नेतृत्व में एक बड़ा बदलाव हुआ है। इंडिगो के सीईओ पीटर एल्बर्स (CEO Peter Elbers) ने इस्तीफा दे दिया है। एयरलाइन का कहना है कि उन्हें तत्काल प्रभाव से पद से मुक्त कर दिया गया है। मंगलवार को विमानन कंपनी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी पीटर एल्बर्स (CEO Peter Elbers) ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया। यह बड़ा कदम ऐसे समय में उठाया गया है जब एयरलाइन हाल ही में एक गंभीर ‘ऑपरेशनल संकट’ से गुजरी है, इस संकट ने भारत के विमानन क्षेत्र में प्रबंधन के स्तर पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए थे।
जानिए इस बारे में क्या है अपडेट?
पीटर एल्बर्स (Peter Elbers) का यह इस्तीफा दिसंबर महीने में एयरलाइन की ओर से सामना किए गए अब तक के सबसे खराब परिचालन संकट के बाद आया है। इस संकट के दौरान एयरलाइन के संचालन में बड़ी बाधाएं आई थीं, जिसके कारण न केवल आम जनता की ओर से एयरलाइन को भारी आलोचनाओं का सामना करना पड़ा, बल्कि सरकारी स्तर पर भी इंडिगो की कड़ी जांच की गई थी। एयरलाइन की ओर से मंगलवार को जारी बयान में साफ किया गया है कि पीटर एल्बर्स (Peter Elbers) का इस्तीफा 10 मार्च 2026 से ही प्रभावी हो गया है।
राहुल भाटिया संभालेंगे कमान
इस चुनौतीपूर्ण समय में कंपनी को स्थिरता प्रदान करने के लिए इंडिगो के मौजूदा प्रबंध निदेशक राहुल भाटिया को यह अहम कमान सौंपी गई है। पीटर एल्बर्स के बाहर जाने के बाद, राहुल भाटिया (Rahul Bhatia) अब अंतरिम आधार पर कंपनी के प्रबंधन का प्रभार संभालेंगे। एयरलाइन ने आधिकारिक रूप से इस बात की पुष्टि की है कि जब तक नए सीईओ की नियुक्ति या कोई आगे की व्यवस्था नहीं हो जाती, तब तक राहुल भाटिया ही कंपनी के सभी मामलों और कामकाज की देखरेख करेंगे।
पीटर एल्बर्स की विदाई का मतलब?
पीटर एल्बर्स (Peter Elbers) का जाना इंडिगो के लिए एक महत्वपूर्ण मोड़ है। दिसंबर के भारी दबाव और सरकारी जांच के बाद, एयरलाइन के लिए अब पहली प्राथमिकता अपने परिचालन को सुचारू बनाए रखना और यात्रियों के साथ-साथ सरकार का भरोसा फिर से जीतना होगा। राहुल भाटिया के नेतृत्व में कंपनी फिलहाल स्थिरता तलाश रही है, जबकि इंडस्ट्री की नजरें इस बात पर टिकी होंगी कि इंडिगो के अगले स्थायी सीईओ के रूप में किसे चुना जाता है।