Iran-US Ceasefire Efforts Fail : ईरान और अमेरिका के बीच मध्यस्थता कराने की कोशिश में जुटे पाकिस्तान के मंसूबों पर पानी फिरती नजर आ रहा है, क्योंकि इस्लामाबाद में अमेरिकी अधिकारियों के साथ प्रस्तावित बैठक में कोई भी ईरानी अधिकारी शामिल नहीं होगा। पाकिस्तान को ईरान ने स्पष्ट किया है कि उसका कोई भी अधिकारी इस्लामाबाद नहीं जाएगा और वह अमेरिकी शर्तों को अस्वीकार्य करता है।
Iran-US Ceasefire Efforts Fail : ईरान और अमेरिका के बीच मध्यस्थता कराने की कोशिश में जुटे पाकिस्तान के मंसूबों पर पानी फिरती नजर आ रहा है, क्योंकि इस्लामाबाद में अमेरिकी अधिकारियों के साथ प्रस्तावित बैठक में कोई भी ईरानी अधिकारी शामिल नहीं होगा। पाकिस्तान को ईरान ने स्पष्ट किया है कि उसका कोई भी अधिकारी इस्लामाबाद नहीं जाएगा और वह अमेरिकी शर्तों को अस्वीकार्य करता है।
वॉल स्ट्रीट जर्नल ने शुक्रवार को अपनी रिपोर्ट में कहा कि पाकिस्तान की ओर से अमेरिका और ईरान के बीच युद्धविराम के प्रयास विफल हो गए हैं। ईरान ने अपनी शुरुआती शर्तों को एक बार फिर दोहराया है। युद्धविराम समझौते को लेकर ईरान ने स्पष्ट किया है कि उन्हें इस मामले में अमेरिका की मांगें ‘अस्वीकार्य’ लगती हैं। वे इस्लामाबाद में अमेरिकी अधिकारियों के साथ बैठक के लिए अपने अधिकारी नहीं भेजेंगे। जिसके बाद बातचीत की मौजूदा रूपरेखा के दरवाजे प्रभावी रूप से बंद हो चुके हैं।
क्या है ईरान की शर्तें?
युद्धविराम के लिए बातचीत के शुरुआती दौर में ईरान ने कहा था कि वह तभी युद्ध समाप्त करेगा जब अमेरिका युद्ध में हुए नुकसान के लिए मुआवजा दे। अमेरिका मिडिल ईस्ट के अपने सभी सैन्य ठिकानों से वापसी करे और भविष्य में किसी भी हमले से सुरक्षा की गारंटी दे। हालांकि, ईरान की इन मांगों और अमेरिका की शर्तों के चलते बातचीत अटक गई है। एक्सियोस की एक रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिका ने इस समझौते के तहत यह प्रस्ताव रखा था कि अगर तेहरान ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’ के समुद्री रास्ते को वैश्विक व्यापार के लिए फिर से खोल देता है, तो इसके बदले में युद्धविराम लागू किया जा सकता है।