केशव प्रसाद मौर्य ने सोशल मीडिया एक्स पर लिखा, अपनी नाकामियों पर पर्दा डालकर भाजपा और उसके नेतृत्व पर आरोप लगाना आज विपक्ष का सुविधाजनक बहाना बन चुका है। कड़वी सच्चाई यह है कि 'परिवारवादी राजनीति' से आजिज आकर इन दलों के सांसद और विधायक अपने 'अंधकारमय भविष्य' का अंदाज़ा लगाकर स्वाभाविक रूप से सुरक्षित राजनीतिक ठिकाना तलाशने की जुगत भिड़ाने लगते हैं।
लखनऊ। पश्चिम बंगाल से लेकर महाराष्ट्र तक विपक्षी दलों में टूट हो रही है। इसको लेकर विपक्ष भाजपा पर गंभीर आरोप लगा रही है। अब उत्तर प्रदेश के डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने विपक्षी दल के नेताओं पर पलटवार करते हुए निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि, अपनी राजनीतिक नाकामियों, नेतृत्व संकट और संगठनात्मक कमजोरी पर आत्ममंथन करने के बजाय हर बात के लिए भाजपा पर दोष मढ़ना आज विपक्ष का प्रिय शगल बन चुका है।
केशव प्रसाद मौर्य ने सोशल मीडिया एक्स पर लिखा, अपनी नाकामियों पर पर्दा डालकर भाजपा और उसके नेतृत्व पर आरोप लगाना आज विपक्ष का सुविधाजनक बहाना बन चुका है। कड़वी सच्चाई यह है कि ‘परिवारवादी राजनीति’ से आजिज आकर इन दलों के सांसद और विधायक अपने ‘अंधकारमय भविष्य’ का अंदाज़ा लगाकर स्वाभाविक रूप से सुरक्षित राजनीतिक ठिकाना तलाशने की जुगत भिड़ाने लगते हैं।
अपनी नाकामियों पर पर्दा डालकर भाजपा और उसके नेतृत्व पर आरोप लगाना आज विपक्ष का सुविधाजनक बहाना बन चुका है। कड़वी सच्चाई यह है कि ‘परिवारवादी राजनीति’ से आजिज आकर इन दलों के सांसद और विधायक अपने ‘अंधकारमय भविष्य’ का अंदाज़ा लगाकर स्वाभाविक रूप से सुरक्षित राजनीतिक ठिकाना तलाशने की…
— Keshav Prasad Maurya (@kpmaurya1) June 18, 2026
ममता बनर्जी की तृणमूल कांग्रेस और उद्धव ठाकरे की शिवसेना में लगातार टूट, पलायन और पार्टी नेतृत्व पर ‘घटते भरोसे’ की कहानी है। यही हाल राहुल गांधी के नेतृत्व वाले इंडी गठबंधन का भी है, जो एकता का दावा तो ऐसा करता है कि फेवीकोल का जोड़ भी शरमा जाए। लेकिन भीतर से वह ‘तार-तार’ है।
उन्होंने आगे लिखा, अपनी राजनीतिक नाकामियों, नेतृत्व संकट और संगठनात्मक कमजोरी पर आत्ममंथन करने के बजाय हर बात के लिए भाजपा पर दोष मढ़ना आज विपक्ष का प्रिय शगल बन चुका है, जबकि जनता साफ देख रही है कि समस्या भाजपा नहीं, बल्कि विपक्ष की अपनी विफलताएं हैं।