1. हिन्दी समाचार
  2. दिल्ली
  3. सूचना और प्रसारण व संसदीय मामलों के राज्य मंत्री एल. मुरुगन का मंत्री पद और राज्यसभा से इस्तीफा, बताई ये वजह

सूचना और प्रसारण व संसदीय मामलों के राज्य मंत्री एल. मुरुगन का मंत्री पद और राज्यसभा से इस्तीफा, बताई ये वजह

सूचना और प्रसारण तथा संसदीय मामलों के राज्य मंत्री एल. मुरुगन (L. Murugan, Minister of State for Information and Broadcasting and Parliamentary Affairs) ने अपने मंत्रालय और राज्यसभा की सदस्यता (Rajya Sabha Membership)  से इस्तीफा दे दिया है। एल मुरुगन (L. Murugan) ने प्रधानमंत्री मोदी को लिखे अपने इस्तीफे में कहा है कि वह तमिलनाडु में भाजपा को मजबूत करने के लिए अपना पूरा समय देना चाहते हैं।

By santosh singh 
Updated Date

नई दिल्ली। सूचना और प्रसारण तथा संसदीय मामलों के राज्य मंत्री एल. मुरुगन (L. Murugan, Minister of State for Information and Broadcasting and Parliamentary Affairs) ने अपने मंत्रालय और राज्यसभा की सदस्यता (Rajya Sabha Membership)  से इस्तीफा दे दिया है। एल मुरुगन (L. Murugan) ने प्रधानमंत्री मोदी को लिखे अपने इस्तीफे में कहा है कि वह तमिलनाडु में भाजपा को मजबूत करने के लिए अपना पूरा समय देना चाहते हैं।

पढ़ें :- Viral-'समान डिग्री, समान सेवा… फिर वेतन अलग क्यों?' यूपी में जब हक की लड़ाई में महिला डॉक्टर की जिद्द बन पुलिस बस के सामने बनीं ढाल

अपने पत्र में एल. मुरुगन (L. Murugan) ने लिखा, ‘तमिलनाडु की आपकी हालिया यात्रा ने मुझ पर गहरी छाप छोड़ी है। हर जगह मैंने देखा कि लोगों ने कितने प्यार से आपका स्वागत किया और आपकी मौजूदगी से उनमें कितनी उम्मीद जगी। उनका उत्साह उस सुनहरे भविष्य के प्रति उनके गहरे भरोसे को दिखाता है जिसे बनाने के लिए आप तमिलनाडु में काम कर रहे हैं। हमारे राज्य के प्रति आपका समर्पण और हमारे लोगों का आपके लिए प्यार देखकर मुझे गर्व और कृतज्ञता महसूस हुई और तमिलनाडु, हमारी पार्टी और हमारे देश के लिए और अधिक काम करने का मेरा संकल्प और मजबूत हुआ।

छात्र जीवन से पार्टी से जुड़े हैं एल मुरुगन

पढ़ें :- वक्फ बोर्ड की खुतबा पहल पर उमर अब्दुल्ला का BJP पर हमला, बोले- धार्मिक मामलों में दखल बर्दाश्त नहीं

अपने पत्र में एल मुरुगन ने कहा कि मैं किसी राजनीतिक परिवार से नहीं आता। मैं एक बहुत गरीब परिवार से हूं। मेरे माता-पिता, जो दिहाड़ी मजदूर और पशु चराने का काम करते थे, आज भी कोनूर गांव में सादा जीवन बिता रहे हैं। उन्होंने कभी सोचा भी नहीं होगा कि उनका बेटा एक दिन केंद्र सरकार में सेवा करेगा। महाकवि भारती, सरदार पटेल और डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के राष्ट्रवादी विचारों से प्रेरित होकर, मैंने कॉलेज के दिनों में एबवीपी जॉइन किया। एबवीपी और भाजपा में लगभग तीस वर्ष तक मेरा मूल मंत्र यही रहा है- राष्ट्र सबसे पहले, पार्टी उसके बाद और मैं सबसे अंत में।

राज्य संगठन में भाजपा को मिलेगी मजबूती

बता दें कि एल मुरुगन 2021 में पहली बार राज्यसभा के लिए चुने गए थे। इसके बाद 2024 में दूसरी बार उन्हें राज्यसभा भेजा गया। मुरुगन के इस्तीफे के बाद राज्यसभा में तमिलनाडु में उनकी सीट खाली हो जाएगी। मुरुगन अब प्रदेश में पार्टी के संगठन को मजबूत करने का काम करेंगे। मुरुगन के जमीनी स्तर पर जाने से राज्य में भाजपा को संगठनात्मक रूप से मजबूती मिलने की उम्मीद है।

इन टॉपिक्स पर और पढ़ें:
Hindi News से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक, यूट्यूब और ट्विटर पर फॉलो करे...