सूचना और प्रसारण तथा संसदीय मामलों के राज्य मंत्री एल. मुरुगन (L. Murugan, Minister of State for Information and Broadcasting and Parliamentary Affairs) ने अपने मंत्रालय और राज्यसभा की सदस्यता (Rajya Sabha Membership) से इस्तीफा दे दिया है। एल मुरुगन (L. Murugan) ने प्रधानमंत्री मोदी को लिखे अपने इस्तीफे में कहा है कि वह तमिलनाडु में भाजपा को मजबूत करने के लिए अपना पूरा समय देना चाहते हैं।
नई दिल्ली। सूचना और प्रसारण तथा संसदीय मामलों के राज्य मंत्री एल. मुरुगन (L. Murugan, Minister of State for Information and Broadcasting and Parliamentary Affairs) ने अपने मंत्रालय और राज्यसभा की सदस्यता (Rajya Sabha Membership) से इस्तीफा दे दिया है। एल मुरुगन (L. Murugan) ने प्रधानमंत्री मोदी को लिखे अपने इस्तीफे में कहा है कि वह तमिलनाडु में भाजपा को मजबूत करने के लिए अपना पूरा समय देना चाहते हैं।
It has been the greatest honour of my life to serve Bharat Mata and Tamil Nadu under the leadership of Hon’ble Prime Minister Shri @narendramodi Ji.
From the son of daily wage labourers to serving in the Union Council of Ministers under the leadership of Hon’ble PM Shri @narendramodi Ji has been the greatest privilege of my life.
Now, I wish to return to the grassroots, stand with our karyakartas and dedicate myself full-time to strengthening the BJP in Tamil Nadu ahead of the 2029 Lok Sabha elections.
Nation First. Party Next. Self Last. 🙏🇮🇳
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@NitinNabin @blsanthosh
— Dr.L.Murugan (@DrLMurugan) October 13, 2026
अपने पत्र में एल. मुरुगन (L. Murugan) ने लिखा, ‘तमिलनाडु की आपकी हालिया यात्रा ने मुझ पर गहरी छाप छोड़ी है। हर जगह मैंने देखा कि लोगों ने कितने प्यार से आपका स्वागत किया और आपकी मौजूदगी से उनमें कितनी उम्मीद जगी। उनका उत्साह उस सुनहरे भविष्य के प्रति उनके गहरे भरोसे को दिखाता है जिसे बनाने के लिए आप तमिलनाडु में काम कर रहे हैं। हमारे राज्य के प्रति आपका समर्पण और हमारे लोगों का आपके लिए प्यार देखकर मुझे गर्व और कृतज्ञता महसूस हुई और तमिलनाडु, हमारी पार्टी और हमारे देश के लिए और अधिक काम करने का मेरा संकल्प और मजबूत हुआ।
छात्र जीवन से पार्टी से जुड़े हैं एल मुरुगन
अपने पत्र में एल मुरुगन ने कहा कि मैं किसी राजनीतिक परिवार से नहीं आता। मैं एक बहुत गरीब परिवार से हूं। मेरे माता-पिता, जो दिहाड़ी मजदूर और पशु चराने का काम करते थे, आज भी कोनूर गांव में सादा जीवन बिता रहे हैं। उन्होंने कभी सोचा भी नहीं होगा कि उनका बेटा एक दिन केंद्र सरकार में सेवा करेगा। महाकवि भारती, सरदार पटेल और डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के राष्ट्रवादी विचारों से प्रेरित होकर, मैंने कॉलेज के दिनों में एबवीपी जॉइन किया। एबवीपी और भाजपा में लगभग तीस वर्ष तक मेरा मूल मंत्र यही रहा है- राष्ट्र सबसे पहले, पार्टी उसके बाद और मैं सबसे अंत में।
राज्य संगठन में भाजपा को मिलेगी मजबूती
बता दें कि एल मुरुगन 2021 में पहली बार राज्यसभा के लिए चुने गए थे। इसके बाद 2024 में दूसरी बार उन्हें राज्यसभा भेजा गया। मुरुगन के इस्तीफे के बाद राज्यसभा में तमिलनाडु में उनकी सीट खाली हो जाएगी। मुरुगन अब प्रदेश में पार्टी के संगठन को मजबूत करने का काम करेंगे। मुरुगन के जमीनी स्तर पर जाने से राज्य में भाजपा को संगठनात्मक रूप से मजबूती मिलने की उम्मीद है।