बिहार में मकर संक्रांति को लेकर लोगों में काफी उत्साह देखा जा रहा है। परंपरागत रूप से यह पर्व सूर्य के मकर राशि में प्रवेश के साथ मनाया जाता है। हालांकि, इस बार देश के विभिन्न हिस्सों में दो दिन यानी 14 और 15 जनवरी को मकर संक्रांति का त्योहार मनाया जा रहा है। मकर संक्रांति के मौके पर बिहारा की राजनीति में बड़ा उल्टफेर होता हुआ दिख रहा है।
पटना। बिहार में मकर संक्रांति को लेकर लोगों में काफी उत्साह देखा जा रहा है। परंपरागत रूप से यह पर्व सूर्य के मकर राशि में प्रवेश के साथ मनाया जाता है। हालांकि, इस बार देश के विभिन्न हिस्सों में दो दिन यानी 14 और 15 जनवरी को मकर संक्रांति का त्योहार मनाया जा रहा है। मकर संक्रांति के मौके पर बिहारा की राजनीति में बड़ा उल्टफेर होता हुआ दिख रहा है।
दरअसल, बिहार चुनाव से पहले पार्टी और परिवार से अलग हुए तेज प्रताप यादव ने दही चूड़ा भोज का आयोजन किया है। इस भोज में शामिल होने के लिए आरजेडी प्रमुख लालू यादव भी पहुंचे हैं। इसके साथ ही, बिहार के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान भी तेजप्रताप के आवास पर पहुंचे हैं।
तेज प्रताप और लालू यादव के एक साथ आने के बाद बिहार की राजनीति में बड़ा उल्टफेर होना तय माना जा रहा है। दरअसल, कहा जा रहा है कि, अब लालू परिवार फिर से एक हो जाएगा। वहीं, लालू प्रसाद ने पत्रकारों के सवाल पर कहा कि वो तेज प्रताप से नाराज नहीं हैं। वह साथ रहें, स्वस्थ रहे हमारी यही कामना है।

बता दें कि, जनशक्ति दल के प्रमुख तेज प्रताप यादव की तरफ से बिहार के लोगों को मकर संक्रांति की शुभकामनाएं दी गई हैं। उनहोंने कहा, आप सभी लोग दही-चूड़ा भोज आमंत्रित हैं। इस भोज में सत्ता पक्ष और विपक्ष के सभी नेता, विधायक को निमंत्रण देने का काम किया गया है। यह भोज राजनीति से ऊपर है। हमलोग एक नया बिहार बनाने का काम करें। इस महान पर्व में सभी एकत्रित हों, राजनीति अलग जगह है लेकिन व्यक्तिगत संबंध अलग जगह है। इसलिए आप सभी लोग चूड़ा दही के भोज में आएं।