उत्तर प्रदेश के डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक स्वास्थ्य विभाग को लेकर कई बड़े और अहम फैसले ले रहे हैं। कर्मचारियों के साथ ही लोगों की समस्याओं को दूर करने के लिए लगातार कदम उठा रहे हैं। लेकिन महराजगंज के मुख्य चिकित्साधिकारी (सीएमओ) सरकार की मंशा पर पानी फेरने में जुटे हुए हैं।
लखनऊ। उत्तर प्रदेश के डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक स्वास्थ्य विभाग को लेकर कई बड़े और अहम फैसले ले रहे हैं। कर्मचारियों के साथ ही लोगों की समस्याओं को दूर करने के लिए लगातार कदम उठा रहे हैं। लेकिन महराजगंज के मुख्य चिकित्साधिकारी (सीएमओ) सरकार की मंशा पर पानी फेरने में जुटे हुए हैं।
दरअसल, मामला महिला स्वास्थ्य कर्मियों (ANM) से जुड़ा हुआ है। करीब दो दर्जन महिला स्वास्थ्य कर्मियों (ANM) का नियमों के अनुसार तबादला महराजगंज से विभिन्न जिलों में किया गया, जिसमें रिता यादव, वंदना, गौरी त्रिपाठी, रीना कनौजिया समेत अन्य शामिल हैं। इनका आरोप है कि, तबादले के बाद भी महराजगंज के सीएमओ सुरेंद्र कुमार चौधरी इन्हें रिलीव नहीं कर रहे हैं, जिसके कारण महिला स्वास्थ्य कर्मी दर—दर भटकने को मजबूर हैं।

कुछ महिला कर्मचारियों ने रिलीव नहीं किए जाने के पीछे के कारण को लेकर सीएमओ महराजगंज पर गंभीर आरोप लगाए हैं। दरअसल, बीते दिनों इनके स्थानान्तरण को लेकर परिवार कल्याण के महानिदेशक की तरफ से आदेश जारी किया गया था, जिसके बाद भी महराजगंज के मुख्य चिकित्साधिकारी (सीएमओ) के द्वारा इनके आदेश की अवहेलना की जा रही है।
बता दें कि, स्वास्थ्य मंत्री और शासन के निर्देश पर महानिदेशक, परिवार कल्याण, लखनऊ ने महिला स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं के ट्रांसफर की प्रक्रिया की थी। सीएमओ स्तर से ऑनलाइन फॉरवर्ड की प्रक्रिया पूरी होने के बाद 3 सितंबर 2026 को ट्रांसफर लिस्ट जारी हुई। इसके बाद भी महिला स्वास्थ्य कर्मियों (ANM) को महराजगंज के सीएमओ के द्वारा कार्यमुक्त नहीं किया जा रहा है।
सूत्रों का कहना है कि, सीएमओ महराजगंज खुद को उंची पहुंच होने का हवाला देते हैं, जिसके कारण वो महिला स्वास्थ्य कर्मियों (ANM) के ट्रांसफर के बाद भी रिलीव नहीं कर रहे हैं।