महाराष्ट्र में इन दिनों सियासी सरगर्मी खूब बढ़ी हुई है। उद्धव ठाकरे की शिवसेना में बड़ी टूट हो गयी है। इसके बाद अब आदित्य ठाकरे ने अपनी पार्टी के बागी सांसदों पर बड़ा हमला बोला है। उन्होंने सोमवार को सोशल मीडिया एक्स पर एक पोस्ट शेयर की। इसमें उन्होंने बागी सांसदों पर विचारधारा के बजाय निजी लालच को प्राथमिकता देने का आरोप लगाया।
Maharashtra Politics: महाराष्ट्र में इन दिनों सियासी सरगर्मी खूब बढ़ी हुई है। उद्धव ठाकरे की शिवसेना में बड़ी टूट हो गयी है। इसके बाद अब आदित्य ठाकरे ने अपनी पार्टी के बागी सांसदों पर बड़ा हमला बोला है। उन्होंने सोमवार को सोशल मीडिया एक्स पर एक पोस्ट शेयर की। इसमें उन्होंने बागी सांसदों पर विचारधारा के बजाय निजी लालच को प्राथमिकता देने का आरोप लगाया। बागी सांसदों को उन्होंने बिकाऊ तक करार दिया। उन्होंने कहा कि, इन सांसदों ने उन मतदाताओं के साथ धोखा किया, जिन्होंने उन्हें महाविकास अघाड़ी और इंडिया गठबंधन के समर्थन में जिताया था।
आदित्य ठाकरे ने कहा कि, ये सभी सांसद कांग्रेस और महाविकास अघाड़ी की मदद से चुनाव जीते थे। मतदाताओं ने एनडीए की विचारधारा के खिलाफ वोट किया था लेकिन अब इन्होंने अपनी प्रतिष्ठा को बेच दिया है। साथ ही आरोप लगाया कि, इन्होंने केवल पैसों के लिए अपनी विचारधारा को बदल दिया। उन्होंने यह भी याद दिलाया कि चुनाव के समय इन नेताओं ने ही गठबंधन के बड़े नेताओं से अपने क्षेत्र में रैलियां करने की मांग की थी।
बता दें कि, उद्धव ठाकरे की शिवसेना के 6 सांसद बागी हो गए हैं। बीते दिनों पार्टी ने एक बैठक बुलाई थी लेकिन ये सांसद नहीं पहुंचे थे। इसके बाद उन्हें कारण बताओ नोटिस भी जारी कर दिया गया था। लोकसभा में पार्टी के मुख्य सचेतक (चीफ व्हिप) अनिल देसाई ने यह नोटिस भेजा है। इसमें सांसदों को सख्त चेतावनी दी गई है कि उन्हें दल-बदल विरोधी कानून के तहत अयोग्य ठहराया जा सकता है। सांसदों को 24 घंटे के भीतर लिखित में अपना स्पष्टीकरण देने को कहा गया है। पार्टी ने साफ किया है कि अगर वे जवाब नहीं देते हैं, तो यह माना जाएगा कि उन्होंने खुद ही पार्टी की सदस्यता छोड़ दी है। इसके बाद संविधान की दसवीं अनुसूची के तहत उन पर कार्रवाई का रास्ता साफ हो जाएगा।