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सौंदर्यीकरण के नाम पर मणिकर्णिका घाट को पूरी तरह से कर दिया गया तबाह…यूपी कांग्रेस अध्यक्ष का पीएम मोदी पर निशाना

अजय राय ने आगे कहा, हर साल मणिकर्णिका घाट पर 'पंचकोशी यात्रा' होती है, जिसमें करोड़ों लोग शामिल होते हैं और संकल्प लेते हैं। मणिकर्णिका घाट की आग आजतक नहीं बुझी है। वहां फूस में आग का छोटा सा टुकड़ा दिया जाता है, जिससे दाह संस्कार होता है-ये उस घाट की महत्ता है। जो आत्मा उस घाट में शांत होती है, उन्हें 'तारक मंत्र' दिया जाता है, ताकि उस आत्मा को मोक्ष की प्राप्ति हो। इसीलिए काशी को 'मोक्ष की नगरी' कहा जाता है।

By शिव मौर्या 
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नई दिल्ली। उत्तर प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष अजय राय और पार्टी के प्रवक्ता अभय दुबे ने शुक्रवार को एक प्रेस कॉफ्रेंस की। इस दौरान यूपी भाजपा अध्यक्ष अजय राय ने कहा कि, हमारे देश और काशी की विरासत को योगी-मोदी सरकार पूरी तरह से ध्वस्त कर रही है। BJP सरकार ने बाबा विश्वनाथ के दरबार में कॉरिडोर के नाम पर एक मॉल बनाया। इसे बनाने के लिए हजारों साल पुराने मंदिर तोड़ दिए गए और अक्षय वट वृक्ष को काटकर खत्म कर दिया। इतना ही नहीं, मुक्तेश्वर महादेव जी का मंदिर, कसौटी के पत्थर पर बना लक्ष्मीनारायण जी का मंदिर भी तोड़ दिया और अब उसकी मूर्ति भी गायब है। यह सब तोड़कर नरेंद्र मोदी वाहवाही लूटते हैं कि उन्होंने काशी को बहुत अच्छा बना दिया।

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उन्होंने आगे कहा, नरेंद्र मोदी ने साल 2023 में मणिकर्णिका घाट का सुंदरीकरण करने के लिए शिलान्यास किया था, लेकिन सौंदर्यीकरण के नाम पर उन्होंने घाट को पूरी तरह से तबाह कर दिया। पूरी दुनिया में मणिकर्णिका घाट का बहुत महत्व है। हिंदू समाज के लोगों की जब मृत्यु होती है, तो उनकी अंतिम इच्छा होती है कि उनका शरीर मणिकर्णिका घाट पर जलाया जाए। विदेश में भी रहने वाले लोग चाहते हैं कि उनके पार्थिव शरीर का दाह संस्कार मणिकर्णिका घाट पर किया जाए। जिस मणिकर्णिका घाट का जीर्णोद्धार लोकमाता अहिल्याबाई होलकर जी द्वारा कराया गया, BJP सरकार ने उनकी मूर्तियों को, महादेव के शिवलिंग के साथ माता पार्वती की मणि को भी तोड़ दिया।

अजय राय ने आगे कहा, हर साल मणिकर्णिका घाट पर ‘पंचकोशी यात्रा’ होती है, जिसमें करोड़ों लोग शामिल होते हैं और संकल्प लेते हैं। मणिकर्णिका घाट की आग आजतक नहीं बुझी है। वहां फूस में आग का छोटा सा टुकड़ा दिया जाता है, जिससे दाह संस्कार होता है-ये उस घाट की महत्ता है। जो आत्मा उस घाट में शांत होती है, उन्हें ‘तारक मंत्र’ दिया जाता है, ताकि उस आत्मा को मोक्ष की प्राप्ति हो। इसीलिए काशी को ‘मोक्ष की नगरी’ कहा जाता है।

उन्होंने कहा, नरेंद्र मोदी जब गुजरात के मुख्यमंत्री थे, तब भी इन्होंने तमाम मंदिरों को तोड़ा था। उस वक़्त VHP के अशोक सिंघल ने इसका विरोध करते हुए कहा था- ऐसा काम कभी कांग्रेस ने भी नहीं किया। नरेंद्र मोदी ने कहा था- मुझे मां गंगा ने बुलाया है लेकिन गंगा नदी में चलाए जा रहे क्रूज का सारा मल-मूत्र मां गंगा में गिराया जा रहा है। जब इसका वीडियो वायरल हुआ तो NGT ने 5,000 का जुर्माना लगाया। हैरानी की बात है कि उस क्रूज का नाम स्वामी विवेकानंद जी के नाम पर रखा गया है। यानी- BJP विवेकानंद जी का भी अपमान कर रही है। BJP सरकार बनारस की दालमंडी को तबाह करने पर तुली हुई है। इस सरकार ने न तो मंडी के पुनर्वास की कोई योजना बनाई है और न ही लोगों की बात सुन रही है। दालमंडी के तबाह होने से लाखों लोग बेरोजगार हो जाएंगे और तमाम व्यापारियों के परिवार बर्बाद हो जाएंगे।

यूपी भाजपा अध्यक्ष ने कहा, हमारी मांग है, मणिकर्णिका घाट पर जारी कार्रवाई को तत्काल रोका जाए। काशी के धर्माचार्य से बातचीत कर आगे का काम किया जाए। दालमंडी को बर्बाद करने का काम रोका जाए और उसके पुनर्वास की पूरी व्यवस्था की जाए। कांग्रेस पार्टी बनारस में ऐसे गलत काम होने नहीं देगी। हम लोगों के साथ मजबूती से खड़े हैं और डटकर इस सरकार का मुकाबला करेंगे। साफ है- योगी और मोदी सरकार सिर्फ हिंदुत्व का दिखावा करते हैं, असल में यह पूरी तरह से नास्तिक हैं।

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वहीं, कांग्रेस प्रवक्ता अभय दुबे ने कहा, काशी वह अलौकिक भूमि है, जिसका सृजन स्वयं भगवान शंकर ने किया और सृजित करके अपना दिव्य निवास बनाया। लेकिन इस अलौकिक भूमि पर तथाकथित धर्म का आडंबर करने वाले BJP सरकार ने इतना बड़ा विध्वंस किया, जिसकी कल्पना नहीं की जा सकती है। BJP के लोग सिर्फ पत्थर की पूजा करते हैं, भगवान को छोड़ देते हैं। मगर काशी पत्थर से नहीं बनी है, बल्कि यह भगवान शंकर की आराधना और पूजा से बनी है। BJP सरकार ने मणिकर्णिका घाट पर विध्वंस कर भगवान शंकर और लोकमाता अहिल्या जी का अपमान किया है। ये जघन्य अपराध है और ऐसा मोदी जी के इशारे पर हुआ है। हालांकि, मंदिरों को ध्वस्त करना नरेंद्र मोदी की विरासत रही है।

 

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