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कई संगठन दलितों, पिछड़ों और उपेक्षित वर्गों को भड़काकर लेती हैं राजनीतिक लाभ, ऐसे में पीड़ितों को नहीं मिलता न्याय: मायावती

बसपा सुप्रीमो ने आगे कहा, कई ऐसे संगठन व पार्टियां अपने संकीर्ण राजनैतिक स्वार्थ के लिए दलितों, पिछड़ों और अन्य उपेक्षित वर्गों के लोगों को भड़का कर व गुमराह करके उन्हें सड़कों पर उतारती हैं। पहले ऐसे संगठन व पार्टियां हिंसा, हंगामा व सड़क जाम जैसा बवाल आदि कराती हैं और फिर उनके मुखिया मगरमच्छ की तरह आंसू बहाने के लिए घटनास्थल पर पहुंचकर, अपनी राजनैतिक रोटी सेंकते हैं, तो उससे पीड़ितों को न्याय मिलने वाला नहीं है, बल्कि वर्तमान हालात में यह इन वर्गों के लोगों की मुसीबत व परेशानी को और भी अधिक बढ़ाने वाला ही है।

By शिव मौर्या 
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लखनऊ। बसपा सुप्रीमो मायावती ने दलितों, पिछड़ों और अन्य उपेक्षित वर्गों से अपील की। उन्होंने कहा, दलितों, पिछड़ों और अन्य उपेक्षित वर्गों से भावनाओं में बहकर सड़क पर उतरने के बजाय संविधान और कानून के दायरे में रहकर संघर्ष करने की अपील की है। उन्होंने कहा कि बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर ने इन वर्गों को वोट की ताकत और संवैधानिक अधिकार दिए हैं। इसलिए राजनीतिक सत्ता की मास्टर चाबी अपने हाथ में लेना ही उनके दुखों का स्थायी समाधान है।

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उन्होंने कहा, बाबा साहेब अपने लोगों को सलाह के तौर पर यह भी कहते रहे हैं कि इन्हें किसी भी मामले में अपने ऊपर होने वाली जुल्म-ज्यादती के विरुद्ध लड़ाई, कानून को अपने हाथ में लेकर नहीं बल्कि कानून के दायरे में रहकर करना है। संर्घष आदि भी कानूनी दायरे के अन्दर रहकर ही करना है। यदि मामला अदालत में जाता है और निचली अदालत में इंसाफ नहीं मिलने पर फिर इनको आगे सर्वोच्च अदालत में जाना चाहिये, ना कि इसके लिए जिला मेरठ, जिला सहारनपुर, जिला प्रयागराज व जिला हरदोई आदि की तरह तथा आयेदिन देश के अन्य राज्यों में भी सड़कों पर उतरना है।

बसपा सुप्रीमो ने आगे कहा, कई ऐसे संगठन व पार्टियां अपने संकीर्ण राजनैतिक स्वार्थ के लिए दलितों, पिछड़ों और अन्य उपेक्षित वर्गों के लोगों को भड़का कर व गुमराह करके उन्हें सड़कों पर उतारती हैं। पहले ऐसे संगठन व पार्टियां हिंसा, हंगामा व सड़क जाम जैसा बवाल आदि कराती हैं और फिर उनके मुखिया मगरमच्छ की तरह आंसू बहाने के लिए घटनास्थल पर पहुंचकर, अपनी राजनैतिक रोटी सेंकते हैं, तो उससे पीड़ितों को न्याय मिलने वाला नहीं है, बल्कि वर्तमान हालात में यह इन वर्गों के लोगों की मुसीबत व परेशानी को और भी अधिक बढ़ाने वाला ही है।

मायावती ने कहा, ऐसे में अपनी समस्याओं का हल बाबा साहेब डा. भीमराव अम्बेडकर के बताये गये सही व शान्तिपूर्ण रास्ते पर चलना होगा। अपनी एकजुटता एवं अपने वोट की ताकत से सत्ता की मास्टर चाबी प्राप्त करना है, जो लाख दुखों की बस एक ही दवा है और जिसके लिए बी.एस.पी. लगातार तत्पर व प्रयासरत भी है तथा इस मार्ग से बिल्कुल नहीं भटकना है।

 

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