1. हिन्दी समाचार
  2. उत्तर प्रदेश
  3. लखनऊ यूनिवर्सिटी में संघ प्रमुख का छात्र संगठनों ने किया बड़ा विरोध, लगे ‘भागवत गो बैक’ के नारे

लखनऊ यूनिवर्सिटी में संघ प्रमुख का छात्र संगठनों ने किया बड़ा विरोध, लगे ‘भागवत गो बैक’ के नारे

लखनऊ विश्वविद्यालय (Lucknow University) में बुधवार सुबह RSS प्रमुख मोहन भागवत के पहुंचते ही बड़ा हंगामा देखने को मिला। NSUI, समाजवादी छात्र सभा और भीम आर्मी से जुड़े छात्र ‘गो बैक मोहन भागवत’ के नारे लगाने लगे। पुलिस ने जब छात्रों को रोकने की कोशिश की, तो नोकझोंक और खींचतान शुरू हो गई।

By संतोष सिंह 
Updated Date

लखनऊ। लखनऊ विश्वविद्यालय (Lucknow University) में बुधवार सुबह RSS प्रमुख मोहन भागवत के पहुंचते ही बड़ा हंगामा देखने को मिला। NSUI, समाजवादी छात्र सभा और भीम आर्मी से जुड़े छात्र ‘गो बैक मोहन भागवत’ के नारे लगाने लगे। पुलिस ने जब छात्रों को रोकने की कोशिश की, तो नोकझोंक और खींचतान शुरू हो गई। हालात बिगड़ते देख पुलिस ने प्रदर्शन कर रहे छात्रों को ठूंस-ठूंसकर जीप और बसों में भरा। कई छात्र लेट गए, तो उन्हें टांगकर ले जाया गया। सभी छात्रों को इको गार्डन भेजा गया। इसके बाद मोहन भागवत का कार्यक्रम शुरू हुआ।

पढ़ें :- जर्जर बारादरी को लेकर बढ़ा बवाल: लखनऊ विश्वविद्यालय में नमाज के जवाब में पढ़ी गई हनुमान चालीसा

NSUI कार्यकर्ता शुभम यादव ने कहा कि संघ से जुड़े लोगों को विश्वविद्यालय में कार्यक्रम करने की अनुमति दी जा रही है, जबकि विपक्षी छात्र संगठनों को हॉल तक नहीं मिलते। यूजीसी विवाद पर सुप्रीम कोर्ट ने स्टे दिया है। इसके बावजूद RSS प्रमुख की ओर से कोई बयान नहीं आया है।

प्रदर्शनकारी छात्रों ने क्या कहा?

छात्र अहमद ने कहा कि मोहन भागवत जैसे व्यक्ति को देशभर के विश्वविद्यालयों में प्रतिबंधित किया जाना चाहिए, लेकिन यहां उन्हें सम्मान दिया जा रहा है। गौरी जायसवाल ने कहा कि हमें अंदर नहीं जाने दिया जा रहा है। पुलिस छात्रों को रोककर रखे हुए है। हम चाहते हैं कि हमें अंदर जाने दिया जाए। हमसे कहा जा रहा है कि बाद में आइएगा। एनएसयूआई प्रदेश महासचिव शुभम खरवार का कहना है विश्वविद्यालय में संघ एवं एबीवीपी जैसे संगठन को कार्यक्रम करने के लिए हाल की मंजूरी दे दी जाती है परंतु अन्य संगठन एनएसयूआई समाजवादी छात्र सभा जैसे संगठन को विश्वविद्यालय में कार्यक्रम करने के लिए अनुमति नहीं दी जाती है दूसरी बात मोहन भागवत का शैक्षणिक स्तर से कोई लेना देना नहीं है तो ऐसे व्यक्ति को विश्वविद्यालय में बुलाकर मुख्य अतिथि के रूप में सम्मान करना यह सरासर गलत है हम ऐसे मनुवादी सोच के लोगों का विश्वविद्यालय में प्रदर्शन लगातार में जारी रखेंगे। प्रदर्शन में मुख्य तौर पर एनएसयूआई से शुभम खरवार ,अहमद रजा खान समाजवादी छात्र सभा से जीतू कश्यप , अंकित यादव, भीम आर्मी से विराट शहर शामिल रहे।

प्रदर्शन से पहले ही अलर्ट मोड़ में आई पुलिस

पढ़ें :- लखनऊ विश्वविद्यालय में लाल बारादरी को लेकर बढ़ा विवाद, समाजवादी छात्र सभा-NSUI के छात्रों ने किया विरोध प्रदर्शन, एबीवीपी कार्यकर्ता भी मैदान में उतरे

छात्रों के प्रदर्शन से पहले ही पुलिस अलर्ट मोड में आ गई थी। प्रदर्शन में शामिल होने की आशंका पर पुलिस सुबह 5 बजे ही समाजवादी छात्र सभा के सदस्य तौकील गाजी के हॉस्टल के रूम पर पहुंच गई। उन्हें हाउस अरेस्ट कर लिया। समाजवादी छात्र सभा के कई अन्य सदस्यों को हिरासत में ले लिया। उन्हें हसनगंज थाना ले गई।

लखनऊ में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत ने कहा कि शिक्षा और स्वास्थ्य मूलभूत आवश्यकता है, इन्हें व्यवसाय नहीं बनाया जा सकता। दोनों क्षेत्र समाज के प्रत्येक व्यक्ति के लिए सुलभ होने चाहिए। पश्चिमी देशों ने भारत की पारंपरिक शिक्षा व्यवस्था को हटाकर अपनी प्रणाली थोपी, ताकि उन्हें ‘काले अंग्रेज’ तैयार करने में सुविधा हो। अंग्रेजों ने जो बिगाड़ा, उसे सुधारने की आवश्यकता है। शोधार्थियों से आह्वान कहा कि भारत को समझने के लिए अपने ज्ञान शोध को प्रामाणिकता के साथ आगे बढ़ाएं। अज्ञानता के आधार पर भारत को नहीं समझा जा सकता। RSS प्रमुख ने लखनऊ विश्वविद्यालय के मालवीय सभागार में शोधार्थी संवाद कार्यक्रम में छात्रों को संबोधित किया।

इन टॉपिक्स पर और पढ़ें:
Hindi News से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक, यूट्यूब और ट्विटर पर फॉलो करे...