Mayawati's reaction on Election Survey : बसपा सुप्रीमो मायावती ने अगले साल यूपी, उत्तराखंड और पंजाब में होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर जारी किए जा रहे सर्वे पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने इसको बसपा के खिलाफ साजिश करार दिया है। इसके साथ यूपी की पूर्व सीएम ने 2007 के नतीजों की याद दिलाते हुए अपने कार्यकर्ताओं को इन सर्वे पर ध्यान न देने की सलाह दी है।
Mayawati’s reaction on Election Survey : बसपा सुप्रीमो मायावती ने अगले साल यूपी, उत्तराखंड और पंजाब में होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर जारी किए जा रहे सर्वे पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने इसको बसपा के खिलाफ साजिश करार दिया है। इसके साथ यूपी की पूर्व सीएम ने 2007 के नतीजों की याद दिलाते हुए अपने कार्यकर्ताओं को इन सर्वे पर ध्यान न देने की सलाह दी है।
मायावती ने शनिवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर कहा, “उत्तर प्रदेश, उत्तराखण्ड एवं पंजाब राज्य में होने वाले आगामी विधानसभा आमचुनाव में पार्टी के अच्छे व दमदार उम्मीदवारों के चयन सहित सघन ज़मीनी तैयारियों आदि के बीच यहाँ जातिवादी मीडिया/सोशल मीडिया द्वारा भी, अभी से ही षडयंत्र के तहत धनबल के दुरुपयोग के सहारे फेक व ध्यान भटकाने वाला, सर्वे/सर्वेक्षण आदि का मिथ्या प्रचार शुरू कर दिया गया है, जिसमें स्वाभाविक तौर पर बहुजन समाज पार्टी (बी.एस.पी.) को निशाना बनाया जाना यह अति-दुखद एवं दुर्भाग्यपूर्ण है।”
बसपा सुप्रीमो ने आगे कहा, “वैसे यहाँ यह कड़वी वास्तविकता भी उल्लेखनीय है कि जातिवादी मीडिया द्वारा चुनाव के दौरान बी.एस.पी. के विरुद्ध हमेशा ही मिथ्या व अनर्गल प्रचार किया जाता है तथा फेक व प्रायोजित सर्वे/सर्वेक्षण आदि में हमेशा कम व कमज़ोर करके आँका जाता रहा है। यहाँ तक कि सन 2007 में भी इनका बर्ताव ऐसा ही जातिवादी व द्वेषपूर्ण रहा था जबकि बी.एस.पी. ने तमाम लोगों के क़यासों व उम्मीदों पर पानी फेरते हुये पूर्ण बहुमत की अपनी सरकार बनायी थी और फिर यूपी में सबके साथ न्याय करने हेतु ’क़ानून द्वारा क़ानून का राज’ कायम करने सहित ’सर्वजन हिताय व सर्वजन सुखाय’ के नये संवैधानिक कल्याणकारी युग की शुरूआत हुई थी।”
अपने कार्यकर्ताओं का हौसला बढ़ाते हुए उन्होंने कहा, “इसीलिय यूपी में पहले सपा और अब भाजपा राज से त्रस्त सर्वसमाज से तथा ख़ासकर ’बहुजन समाज’ के लोगों से यही अपील है कि वे विरोधी पार्टियों तथा जातिवादी तत्वों के साम, दाम, दण्ड, भेद आदि हथकण्डों सहित सभी प्रकार के मिथ्या व दुष्प्रचार आदि से ज़रूर सावधान रहें और अपनी मा. बहनजी के नेतृत्व में पाँचवीं बार बी.एस.पी. की सरकार बनाने में पूरे जी-जान से लगातार लगे रहें, जिसमें ही सबका हित निहित व सुरक्षित भी है।”
1. उत्तर प्रदेश, उत्तराखण्ड एवं पंजाब राज्य में होने वाले आगामी विधानसभा आमचुनाव में पार्टी के अच्छे व दमदार उम्मीदवारों के चयन सहित सघन ज़मीनी तैयारियों आदि के बीच यहाँ जातिवादी मीडिया/सोशल मीडिया द्वारा भी, अभी से ही षडयंत्र के तहत धनबल के दुरुपयोग के सहारे फेक व ध्यान भटकाने वाला, सर्वे/सर्वेक्षण आदि का मिथ्या प्रचार शुरू कर दिया गया है, जिसमें स्वाभाविक तौर पर बहुजन समाज पार्टी (बी.एस.पी.) को निशाना बनाया जाना यह अति-दुखद एवं दुर्भाग्यपूर्ण है।
2. वैसे यहाँ यह कड़वी वास्तविकता भी उल्लेखनीय है कि जातिवादी मीडिया द्वारा चुनाव के दौरान बी.एस.पी. के विरुद्ध हमेशा ही मिथ्या व अनर्गल प्रचार किया जाता है तथा फेक व प्रायोजित सर्वे/सर्वेक्षण आदि में हमेशा कम व कमज़ोर करके आँका जाता रहा है। यहाँ तक कि सन 2007 में भी इनका बर्ताव ऐसा ही जातिवादी व द्वेषपूर्ण रहा था जबकि बी.एस.पी. ने तमाम लोगों के क़यासों व उम्मीदों पर पानी फेरते हुये पूर्ण बहुमत की अपनी सरकार बनायी थी और फिर यूपी में सबके साथ न्याय करने हेतु ’क़ानून द्वारा क़ानून का राज’ कायम करने सहित ’सर्वजन हिताय व सर्वजन सुखाय’ के नये संवैधानिक कल्याणकारी युग की शुरूआत हुई थी।
3. इसीलिय यूपी में पहले सपा और अब भाजपा राज से त्रस्त सर्वसमाज से तथा ख़ासकर ’बहुजन समाज’ के लोगों से यही अपील है कि वे विरोधी पार्टियों तथा जातिवादी तत्वों के साम, दाम, दण्ड, भेद आदि हथकण्डों सहित सभी प्रकार के मिथ्या व दुष्प्रचार आदि से ज़रूर सावधान रहें और अपनी मा. बहनजी के नेतृत्व में पाँचवीं बार बी.एस.पी. की सरकार बनाने में पूरे जी-जान से लगातार लगे रहें, जिसमें ही सबका हित निहित व सुरक्षित भी है।पढ़ें :- मायावती ने भतीजी दीपिका का भी काटा पत्ता, ईशान आनंद ही होंगे बसपा सुप्रीमो के उत्तराधिकारी!
— Mayawati (@Mayawati) October 17, 2026
बता दें कि एक मीडिया ग्रुप की ओर से कराये गए सर्वे में 71% लोगों को भाजपा समर्थक बताया गया है, जबकि26% ने SP-कांग्रेस गठबंधन का समर्थन किया। वहीं, केवल 3 प्रतिशत लोग ही बसपा के पक्ष में खड़े नजर आए। ये सर्वे 17 सितंबर से 2 अक्टूबर 2026 के बीच प्रदेश के सभी 75 जिलों में किया गया, जिसमें 30,925 लोगों की राय जानी गयी। (हम इस सर्वे के निष्पक्ष होने की पुष्टि नहीं करते हैं।)