मोदी केवल भाषणबाजी करते हैं?

नई दिल्ली: मार्क्‍सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) ने शनिवार को कहा कि भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार के पास पाकिस्तान और कश्मीर के मुद्दों से निपटने के लिए ठोस नीतियों की कमी है। माकपा ने यह बात ऐसे समय में कही है, जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने केरल के कोझिकोड में आयोजित एक रैली में पाकिस्तान के खिलाफ हमला बोला और उसे दुनिया में “आतंकवाद का निर्यातक” बताया।




माकपा के पोलित ब्यूरो के सदस्य मोहम्मद सलीम ने कहा कि प्रधानमंत्री केवल भाषणबाजी में विश्वास रखते हैं। हमने उन्हें 2014 के लोकसभा चुनाव के दौरान देखा और सुना है और अभी भी वे उन्हीं बातों को दुहरा रहे हैं। लगता है जैसे अभी भी विपक्ष में हैं। अभी भी हम केवल भाषणबाजी सुन रहे हैं.. कार्रवाई कब होगी?

केरल के कोझिकोड में एक पार्टी रैली को संबोधित करते हुए मोदी ने कहा कि आतंक के निर्यात के लिए विश्व स्तर पर पाकिस्तान को अलग-थलग करने के लिए काम किया जाएगा। लेकिन सलीम ने इस कदम से कोई फायदा मिलेगा, इस पर आशंका जताई और कहा, “पठानकोट हमले के बाद हमने मोदी सरकार का यही तेवर देखा है और अब उड़ी हमले के बाद इसी तरह के तेवर हैं, वह एक बार फिर से वही चीज कर रहे हैं। इस सरकार की पाकिस्तान और कश्मीर के बारे में कोई ठोस नीति नहीं है?”

उन्होंने कहा, “खाली बोलने से काम नहीं चलेगा। सरकार को निश्चित योजना और नीतियों के साथ बाहर आना चाहिए। लेकिन दुर्भाग्य से हम इस सरकार की ओर से ऐसा कुछ भी नहीं देख रहे हैं।”