देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET-UG 2026 के पेपर लीक मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने अपनी जांच लगभग पूरी कर ली है। सूत्रों के मुताबिक एजेंसी ने चार्जशीट का अंतिम ड्राफ्ट तैयार कर लिया है…
नई दिल्ली: देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET-UG 2026 के पेपर लीक मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने अपनी जांच लगभग पूरी कर ली है। सूत्रों के मुताबिक एजेंसी ने चार्जशीट का अंतिम ड्राफ्ट तैयार कर लिया है, जिसकी कानूनी टीम और विशेषज्ञ बारीकी से समीक्षा कर रहे हैं। यदि सब कुछ तय योजना के अनुसार रहा तो अगले 10 दिनों के भीतर अदालत में चार्जशीट दाखिल कर दी जाएगी। फिलहाल जांच एजेंसी को इस मामले में किसी बड़े नए आरोपी की गिरफ्तारी की संभावना बेहद कम नजर आ रही है।
अब तक 13 आरोपी गिरफ्तार, 100 से ज्यादा लोगों से पूछताछ
CBI की जांच में अब तक कुल 13 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। इन्हीं आरोपियों को चार्जशीट में मुख्य आरोपी बनाया जाएगा। जांच के दौरान एजेंसी ने 100 से अधिक लोगों से पूछताछ की और कई राज्यों में छापेमारी की। हालांकि अब तक किसी बड़े राजनीतिक या हाई-प्रोफाइल नाम की संलिप्तता सामने नहीं आई है। अधिकारियों का कहना है कि मामले से जुड़े सभी पहलुओं की गहन जांच के बाद ही चार्जशीट तैयार की गई है।
देशभर में फैला था नेटवर्क
जांच के दौरान CBI ने दिल्ली, जयपुर, गुरुग्राम, लातूर, पुणे और नासिक समेत कई शहरों में कार्रवाई की। गिरफ्तार आरोपियों में कोचिंग सेंटर संचालक, डॉक्टर, शिक्षक और परीक्षा से जुड़े अन्य लोग शामिल हैं। एजेंसी ने आरोपियों के मोबाइल फोन, लैपटॉप और कई अहम दस्तावेज जब्त किए। इन सभी की फोरेंसिक जांच कराई गई, जिससे डिजिटल और तकनीकी सबूत भी हाथ लगे हैं। इन्हीं साक्ष्यों को अब अदालत में पेश किया जाएगा।
टेलीग्राम पर सख्ती की वजह भी आई सामने
जांच के दौरान CBI को पता चला कि कुछ गिरोह एन्क्रिप्टेड मैसेजिंग प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल कर परीक्षा से जुड़ी अवैध गतिविधियां चला रहे थे। एजेंसी का मानना है कि ऐसे प्लेटफॉर्म पर निगरानी करना अन्य सोशल मीडिया ऐप्स की तुलना में ज्यादा चुनौतीपूर्ण है। इसी कारण री-एग्जाम से पहले सुरक्षा व्यवस्था और डिजिटल निगरानी दोनों को मजबूत किया गया है, ताकि किसी भी तरह की गड़बड़ी को रोका जा सके।
NTA की परीक्षा प्रणाली में होंगे बड़े बदलाव
सूत्रों के अनुसार, जांच के दौरान सामने आई कमियों के आधार पर राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) अपनी परीक्षा प्रक्रिया में कई बदलाव करने की तैयारी कर रही है। उद्देश्य भविष्य में पेपर लीक जैसी घटनाओं पर पूरी तरह रोक लगाना और परीक्षा प्रणाली को अधिक सुरक्षित व पारदर्शी बनाना है। CBI का मानना है कि इस मामले में जुटाए गए डिजिटल और वैज्ञानिक साक्ष्य अदालत में अभियोजन पक्ष को मजबूत आधार देंगे।