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‘नेहरू ने जलन के कारण संसद को नेताजी का जन्मदिन मनाने से रोका…’ सुब्रमण्यम स्वामी ने 26 जनवरी के फुल ड्रेस रिहर्सल को लेकर किया बड़ा दावा

Subhash Chandra Bose 129th Birth Anniversary : आज 23 जनवरी 2026 को अंग्रेजी हुकूमत की नींद उड़ा देने वाले महान राष्ट्रनायक नेताजी सुभाष चंद्र बोस की 129वीं जंयती है। इस मौके पर पीएम नरेंद्र मोदी समेत तमाम नेताओं ने उन्हें श्रद्धांजलि दी। इस बीच, नई दिल्ली में 26 जनवरी को भारत के 77वें गणतंत्र दिवस से पहले कर्तव्य पथ पर बारिश के बीच फुल ड्रेस रिहर्सल की जा रही है। जिसको लेकर पूर्व केन्द्रीय मंत्री और भाजपा नेता सुब्रमण्यम स्वामी ने बड़ा दावा किया है।

By Abhimanyu 
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Subhash Chandra Bose 129th Birth Anniversary : आज 23 जनवरी 2026 को अंग्रेजी हुकूमत की नींद उड़ा देने वाले महान राष्ट्रनायक नेताजी सुभाष चंद्र बोस की 129वीं जंयती है। इस मौके पर पीएम नरेंद्र मोदी समेत तमाम नेताओं ने उन्हें श्रद्धांजलि दी। इस बीच, नई दिल्ली में 26 जनवरी को भारत के 77वें गणतंत्र दिवस से पहले कर्तव्य पथ पर बारिश के बीच फुल ड्रेस रिहर्सल की जा रही है। जिसको लेकर पूर्व केन्द्रीय मंत्री और भाजपा नेता सुब्रमण्यम स्वामी ने बड़ा दावा किया है।

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सुब्रमण्यम स्वामी ने नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जंयती पर गणतंत्र दिवस के फुल ड्रेस रिहर्सल का दिन तय किए जाने को लेकर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने शुक्रवार को एक्स में लिखा, “प्रधान मंत्री के तौर पर नेहरू ने जानबूझकर 26 जनवरी गणतंत्र दिवस के लिए 23 जनवरी को रिहर्सल का दिन तय किया था। 23 जनवरी नेताजी सुभाष चंद्र बोस के जन्मदिन से टकराता है। यह टकराव नेहरू की जलन की वजह से था, जिन्होंने इस तरह संसद को नेताजी का जन्मदिन धूमधाम से मनाने से रोका। मोदी को इसे 22 जनवरी या 24 जनवरी को रिहर्सल गणतंत्र दिवस बनाकर ठीक करना चाहिए था। लेकिन मोदी ने ऐसा नहीं किया। क्यों? डरे हुए थे?”

इससे पहले पीएम नरेंद्र मोदी ने नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जंयती पर एक्स पोस्ट में लिखा, “नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती पर, जिसे पराक्रम दिवस के रूप में मनाया जाता है, हम उनके अदम्य साहस, संकल्प और राष्ट्र के लिए उनके अद्वितीय योगदान को याद करते हैं। उन्होंने निडर नेतृत्व और अटूट देशभक्ति का उदाहरण पेश किया। उनके आदर्श आज भी पीढ़ियों को एक मज़बूत भारत बनाने के लिए प्रेरित करते हैं।”

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