1. हिन्दी समाचार
  2. क्षेत्रीय
  3. नीतीश कुमार, भाजपा और चिराग पासवान से हैं नाराज! JDU उम्मीदवारों की लिस्ट जारी न होने की वजह आयी सामने

नीतीश कुमार, भाजपा और चिराग पासवान से हैं नाराज! JDU उम्मीदवारों की लिस्ट जारी न होने की वजह आयी सामने

NDA seat sharing Controversy: बिहार चुनाव के लिए एनडीए में सीट बंटवारे की घोषणा के बाद घटक दलों में असंतोष की बातें खुलकर सामने आने लगी हैं। जीतनराम मांझी और उपेंद्र कुशवाहा अपनी पार्टी को सिर्फ छह-छह सीटें मिलने से खुश नहीं हैं। वहीं, सीएम नीतीश कुमार भी भाजपा और एलजेपी से नाराज बताए जा रहे हैं। जिससे साफ है कि एनडीए में कुछ ठीक नहीं चल रहा है।

By Abhimanyu 
Updated Date

NDA seat sharing Controversy: बिहार चुनाव के लिए एनडीए में सीट बंटवारे की घोषणा के बाद घटक दलों में असंतोष की बातें खुलकर सामने आने लगी हैं। जीतनराम मांझी और उपेंद्र कुशवाहा अपनी पार्टी को सिर्फ छह-छह सीटें मिलने से खुश नहीं हैं। वहीं, सीएम नीतीश कुमार भी भाजपा और एलजेपी से नाराज बताए जा रहे हैं। जिससे साफ है कि एनडीए में कुछ ठीक नहीं चल रहा है।

पढ़ें :- Video- BJP MLA अरविंद पांडे पर जमीन कब्जा का लगा गंभीर आरोप, पीड़ित ने धामी से लगाई गुहार, नहीं मिला न्याय तो सामूहिक आत्मदाह

जेडीयू के बराबर भाजपा को सीट मिलने से नाराज नीतीश कुमार

सूत्रों की मानें तो सीएम नीतीश कुमार सीट बंटवारे में जेडीयू के बराबर भाजपा को सीट मिलने से नाखुश हैं। बराबर सीट के लेने के लिए भाजपा 2020 के अपने स्ट्राइक रेट को वजह बता रही है। इसके अलावा, उनकी असहमति चिराग पासवान की एलजेपी-आर के खाते में 29 सीटें जाने से भी खुश नही हैं, जिसने पिछले चुनाव में जेडीयू के खिलाफ कैंडिडेट उतारे थे और नीतीश की पार्टी को नुकसान झेलना पड़ा था। इसी वजह से पार्टी ने अभी तक अपने उम्मीदवारों की लिस्ट जारी नहीं की है।

हालांकि, जेडीयू की ओर से ललन सिंह, उमेश कुशवाहा और बिजेंद्र यादव जैसे नेता बिना लिस्ट जारी किए ही नामांकन दाखिल कर चुके हैं। पार्टी के भरोसेमंद नेताओं को जेडीयू की ओर से सिंबल दिया जा रहा है, लेकिन लिस्ट नहीं आई है। बताया जा रहा है कि जेडीयू को कम सीट मिलने से नीतीश ने कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा और ललन सिंह से नाराजगी जाहिर की है। वहीं, भाजपा भी नीतीश को मनाने की कोशिश करेगी।

उपेंद्र कुशवाहा महुआ सीट जाने से नाराज

पढ़ें :- अपने बूथ पर काम करें, 2027 में कोई चूक नहीं होनी चाहिए...प्रदेशभर से आए कार्यकर्ताओं से बोले अखिलेश यादव

खबर है कि आरएलएम के खाते से महुआ सीट एलजेपी (आर) जबकि दिनारा जेडीयू के खाते में जाने की सूचना मिलते ही उपेंद्र कुशवाहा ने कड़ा एतराज जताया है। बताया जा रहा है कि उपेंद्र कुशवाहा महुआ सीट से अपने बेटे को लड़ाना चाहते थे, लेकिन इस सीट को एलजेपी को दे दिया गया। बताया जा रहा है कि आरएलएम ने सासाराम, मधुबनी, दिनारा, बाजपट्टी, महुआ और उजियारपुर सीट मांगी थी।

आरएलएम ने अपने नेताओं और कार्यकर्ताओं से कहा है कि भाजपा सहित एनडीए के किसी प्रत्याशी के नामांकन में वे शामिल न हों। जिसके बाद भाजपा नेता उपेंद्र कुशवाहा के घर उन्हें मनाने पहुंचे। लेकिन, कोई फायदा नहीं हुआ।  आरएलएम प्रमुख और राज्यसभा सांसद उपेंद्र कुशवाहा, केंद्रीय मंत्री नित्यानंद राय के साथ बुधवार को दिल्ली हवाई अड्डे पहुंचे हैं। इस दौरान उपेंद्र कुशवाहा ने कहा, “गठबंधन में कुछ मुद्दे हैं जिन्हें सुलझाना ज़रूरी है। हम यहाँ केंद्रीय गृह मंत्री से मिलने आए हैं और मुझे उम्मीद है कि सभी मुद्दों का समाधान हो जाएगा।”

इन टॉपिक्स पर और पढ़ें:
Hindi News से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक, यूट्यूब और ट्विटर पर फॉलो करे...