उत्तराखंड में स्थित गढ़वाल राइफल्स रेजीमेंटल सेंटर (GRRC) के भवानी दत्त परेड ग्राउंड में भारत को 258 नए अग्निवीर मिल गए हैं। इन जवानों ने 24 हफ्तों की बेहद कठिन और कड़े अनुशासन वाली ट्रेनिंग सफलतापूर्वक पूरी की है। साथ ही पासिंग आउट परेड (Convocation Ceremony) के दौरान पवित्र गीता और तिरंगे को साक्षी मानकर इन जवानों ने देश की रक्षा के लिए अपना सबकुछ कुर्बान करने की शपथ भी ली।
लैंसडौन। उत्तराखंड में स्थित गढ़वाल राइफल्स रेजीमेंटल सेंटर (GRRC) के भवानी दत्त परेड ग्राउंड में भारत को 258 नए अग्निवीर मिल गए हैं। इन जवानों ने 24 हफ्तों की बेहद कठिन और कड़े अनुशासन वाली ट्रेनिंग सफलतापूर्वक पूरी की है। साथ ही पासिंग आउट परेड (Convocation Ceremony) के दौरान पवित्र गीता और तिरंगे को साक्षी मानकर इन जवानों ने देश की रक्षा के लिए अपना सबकुछ कुर्बान करने की शपथ भी ली।
खुशी से छलकीं सर्वश्रेष्ठ अग्निवीर की आंखें
इस ऐतिहासिक पासिंग आउट परेड में कोर्स-08 के बैच-01 के अग्निवीर आयुष सिंह गुसाई को ओवरऑल बेस्ट अग्निवीर (Best Agniveer) के खिताब से नवाजा गया। जब आयुष को सम्मानित किया गया, तो उनकी और उनके परिवार की आंखें खुशी से छलक उठीं। आयुष के पिता भी गढ़वाल राइफल्स से सूबेदार पद से सेवानिवृत्त हुए हैं।
इन्हें मिला उत्कृष्ट प्रदर्शन का सम्मान
परेड के दौरान मुख्य अतिथि ने ट्रेनिंग के अलग-अलग क्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले निम्नलिखित अग्निवीरों को मेडल देकर सम्मानित किया—
नव-नियुक्त सैनिकों को संबोधित करते हुए ब्रिगेडियर विनोद सिंह नेगी समारोह के मुख्य अतिथि और कमान अधिकारी ब्रिगेडियर विनोद सिंह नेगी ने कहा कि गढ़वाल राइफल्स का इतिहास बेहद गौरवशाली रहा है। उन्होंने उम्मीद जताते हुए कहा कि ये सभी अग्निवीर सेना के कड़े अनुशासन, वीरता और रेजीमेंट की शोहरत को देश और दुनिया में एक नए मंज़िल पर ले जाएंगे। देश के कोने-कोने से अग्निवीरों के माता-पिता और परिजन, इस शानदार परेड को देखने के लिए लैंसडौन पहुंचे थे।