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कांग्रेस की बागी विधायक अदिति सिंह बोलीं- पार्टी से टिकट मांगना मेरा विशेषाधिकार

रायबरेली सदर से कांग्रेस विधायक अदिति सिंह एक बार फिर बयान देकर राजनीतिक गलियारों की सरगर्मी बढ़ा दिया है। एक न्यूज चैनल को दिए इंटरव्यू में जब अदिति से पूछा गया आप फिलहाल किस पार्टी में हैं? आप अब भी कांग्रेस की विधायक हैं या 2022 के चुनाव से पहले बीजेपी या समाजवादी पार्टी में शामिल होंगी। इस सवाल को सुनकर अदिति मुस्कुराते हुए कहा कि मुझे लगता है कि आपने कुछ पार्टियों का नाम छोड़ दिया है। शायद, बसपा और आम आदमी पार्टी भी विकल्प हो सकता है?

By संतोष सिंह 
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लखनऊ। रायबरेली सदर से कांग्रेस विधायक अदिति सिंह एक बार फिर बयान देकर राजनीतिक गलियारों की सरगर्मी बढ़ा दिया है। एक न्यूज चैनल को दिए इंटरव्यू में जब अदिति से पूछा गया आप फिलहाल किस पार्टी में हैं? आप अब भी कांग्रेस की विधायक हैं या 2022 के चुनाव से पहले बीजेपी या समाजवादी पार्टी में शामिल होंगी। इस सवाल को सुनकर अदिति मुस्कुराते हुए कहा कि मुझे लगता है कि आपने कुछ पार्टियों का नाम छोड़ दिया है। शायद, बसपा और आम आदमी पार्टी भी विकल्प हो सकता है? मैं निश्चित रूप से इस समय कांग्रेस की विधायक हूं।

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बता दें कि अदिति प्रियंका गांधी वाड्रा की बेहद करीबी रही हैं, लेकिन उन्होंने कहा कि हाल के दिनों में उनकी प्रियंका के साथ कोई बातचीत नहीं हुई है। अदिति ने कहा कि उन्हें बार-बार यूपी आना चाहिए। लखनऊ में कांग्रेस नेताओं का कहना है कि श्रीमती ​सिंह को 2022 में कांग्रेस का टिकट नहीं मिलेगा। इस पर अदिति ने कहा कि टिकट मांगना मेरा विशेषाधिकार है।

अदिति सिंह ने कहा कि कई बार नेतृत्व, उनके सलाहकार या मंडली उन्हें जो बताता है। उसके आधार पर निर्णय लेता है, जो हमेशा उनके हित में नहीं हो सकता है। अदिति ने आगे कहा कि मुझे लगता है कि कांग्रेस अपने नेताओं पर जल्दबाजी में एक्शन लेती है। पार्टी उन्हें सफाई देने का मौका नहीं देती। उन्हें काम करने की आजादी नहीं दी जाती है। नेताओं की अपनी पसंद-नापसंद रखने की छूट नहीं दी जाती है। ज्योतिरादित्य सिंधिया को देखिए कि उन्होंने पार्टी के साथ रहने की पूरी कोशिश की, लेकिन चुनाव के बाद, कांग्रेस के पास सीएम और प्रदेश अध्यक्ष एक ही व्यक्ति था। सरकार बनाने में मदद करने के बाद उन्होंने दो साल इंतजार किया।

अदिति सिंह ने कहा कि  मैंने कई मौकों पर सरकार की आलोचना भी की है

अदिति सिंह ने आगे कहा कि मैंने योगी सरकार की तारीफ इसलिए की, क्योंकि मुझे लगा कि वो अच्छा काम कर रहे हैं। जब मैं सरकार की आलोचना करती हूं, तो शायद उसे उतना आकर्षण नहीं मिलता, क्योंकि विपक्ष में रहना मेरा काम है। मैंने कई मौकों पर सरकार की आलोचना भी की है। बता दें कि अदिति ने योगी सरकार की तारीफ की थी। इसके अलावा उन्होंने जम्मू-कश्मीर में अनुच्छेद 370 को खत्म करने का समर्थन किया था। उन्होंने आगे कहा कि यूपी में कांग्रेस का हाल आपके सामने है। मुझे नहीं लगता कि प्रसाद के साथ सही तरीके से व्यवहार किया गया था। उनके  साथ बेहतर व्यवहार किया जा सकता था।

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जनता बोली- कांग्रेस अगर अदिति को मैदान में नहीं उतारा, तो इस सीट से 100 फीसदी हारेगी

रायबरेली विधानसभा वो सीट है जहां अदिति सिंह के परिवार का करीब तीन दशक से कब्जा है। उनके पिता अखिलेश सिंह 1993 से 2007 तक कांग्रेस के लिए कांग्रेस के विधायक थे। 2007 में निर्दलीय के रूप में जीतने से पहले कांग्रेस ने उन्हें निष्कासित कर दिया था । 2012 में पीस पार्टी उन्हें जीत मिली थी। अदिति को 2017 में कांग्रेस की टिकट पर जीत मिली।

इस सीट पर यादवों और मुस्लिम मतदाताओं का अच्छा अनुपात है। यहां राजनीतिक समझदारी ये है कि यहां सिंह परिवार है जो चुनाव जीतता है न कि पार्टी। लालूपुर में स्थानीय लोगों ने दावा किया कि अगर कांग्रेस दीदी (अदिति सिंह) को मैदान में नहीं उतारती है तो वह इस सीट से 100 फीसदी हार जाएगी। कहा जाता है कि अखिलेश सिंह ने रायबरेली लोकसभा सीट से सोनिया गांधी की जीत में अहम भूमिका निभाई थी।

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