अगर प्रभुश्री राम राजा होते तो राजाओं की मदद लेते, क्योंकि उनके ससुर जनक जी राजा थे। उनके पिता दशरथ चक्रवर्ती राजा थे। वो स्वयं थे, ऐसे तमाम उदाहरण हैं, लेकिन उन्होंने बड़े आदमियों का सहयोग नहीं लिया। प्रभुश्रीराम ने वनवासियों का समर्थन लिया। वो विचारों से समाजवादी थे, उन्होंने सबरी के बेर खाना पसंद किया।
चंदौली। अगर प्रभुश्री राम राजा होते तो राजाओं की मदद लेते, क्योंकि उनके ससुर जनक जी राजा थे। उनके पिता दशरथ चक्रवर्ती राजा थे। वो स्वयं थे, ऐसे तमाम उदाहरण हैं, लेकिन उन्होंने बड़े आदमियों का सहयोग नहीं लिया। प्रभुश्रीराम ने वनवासियों का समर्थन लिया। वो विचारों से समाजवादी थे, उन्होंने सबरी के बेर खाना पसंद किया। हमारे निषाद समर्थन लिया। जो ऐसे लोगों को मित्र बनाता है वह समाजवादी नहीं है तो क्या है?
भारतीय जनता पार्टी (BJP) तो राजा राम की समर्थक है। जब वो वनवास से वापस आए तो राजा के रूप में विराजमान हुए। उनसे बीजेपी (BJP) जैसे ही लोगों ने गलती करवाई। बीजेपी (BJP) जैसे लोगों ने ही माता सीता की चुगली की और उन्हें घर से निकलवाया, लेकिन हम लोग उस राजा राम के समर्थक हैं जो वनवासी थे और समाजवादी के समर्थक थे। चंदौली से समाजवादी पार्टी (Samajwadi Party) के सांसद वीरेंद्र सिंह (MP Virendra Singh) ने अजीबो-गरीब दावा कर यूपी की सियासत को गरमा दिया है। उन्होंने भगवान राम को ही बांट दिया। एक राजा राम जो वनवास गए और दूसरे वे जो वनवास काटकर अयोध्या पहुंचे।
सपा के बीएलओ सम्मान समारोह (BLO Felicitation Ceremony) में चकिया क्षेत्र के एक निजी लॉन में आयोजित कार्यक्रम के दौरान सांसद वीरेंद्र सिंह (MP Virendra Singh) ने कहा कि भगवान श्री राम (Lord Shri Rama) फासिस्टवादी नहीं थे, बल्कि समाजवादी थे। उन्होंने वनवास के समय राजाओं के बजाय आदिवासी, दलित और वंचित वर्ग के लोगों से मदद ली। समाज के हर तबके को साथ लेकर चलने का उनका तरीका समाजवादी विचारधारा का प्रतीक है।
बीजेपी पर कसा तंज
उन्होंने आगे बीजेपी (BJP) पर तंज कसते हुए आरोप लगाया कि बीजेपी वालों ने चुगली करके माता सीता को घर से निकलवाया था। यह बयान रामायण की घटनाओं को राजनीतिक संदर्भ में पेश करने के कारण विवाद का विषय बन गया है और सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
केशव प्रसाद मौर्य पर भी साधा निशाना
कार्यक्रम में सांसद वीरेंद्र सिंह (MP Virendra Singh) ने उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य (Uttar Pradesh Deputy Chief Minister Keshav Prasad Maurya) को लेकर भी बड़ा दावा किया। उन्होंने कहा कि केशव मौर्य सिराथू से समाजवादी पार्टी के संपर्क में हैं और अखिलेश यादव तय करेंगे कि उन्हें पार्टी में लिया जाए या नहीं।यह बयान ऐसे समय में आया है जब केशव प्रसाद मौर्य (Keshav Prasad Maurya) ने हाल ही में दावा किया था कि कई सपा विधायक भाजपा में शामिल होने के लिए उनके संपर्क में हैं। वीरेंद्र सिंह ( Virendra Singh) ने इसे पलटवार बताते हुए कहा कि इसी तरह के बयानों के कारण केशव मौर्य सिराथू से चुनाव नहीं जीत पाए और अब फिर लड़ना पड़ रहा है।