1. हिन्दी समाचार
  2. एस्ट्रोलोजी
  3. Sawan Shivratri 2025 : शिवरात्रि की चार प्रहर पूजा से मिलता है महादेव का वरदान , भोले भंडारी को पंचामृत अभिषेक से करें प्रसन्न

Sawan Shivratri 2025 : शिवरात्रि की चार प्रहर पूजा से मिलता है महादेव का वरदान , भोले भंडारी को पंचामृत अभिषेक से करें प्रसन्न

सावन मास में शिवरात्रि का विशेष महत्व है। इस दिन बनने वाला मुहूर्त भगवान शिव के पूजन के लिए अलौकिक माना जाता है।

By अनूप कुमार 
Updated Date

Sawan Shivratri 2025 :  सावन मास में शिवरात्रि का विशेष महत्व है। इस दिन बनने वाला मुहूर्त भगवान शिव के पूजन के लिए अलौकिक माना जाता है। शिव भक्त शिव उत्सव के इस खास दिन का इंतजार बेसब्री से करते हैं। शिव आराधना के शुभ फलों की प्राप्ति के लिए शिवरात्रि के जागरण (रात भर जागना) की आवश्यकता होती है। जागरण के दौरान, भक्त भगवान शिव के मंत्रों का जाप करते हैं, भजन गाते हैं और धार्मिक ग्रंथों का पाठ करते हैं, जिससे उन्हें आध्यात्मिक उन्नति प्राप्त होती है।

पढ़ें :- Adhik Mass Masik Durga Ashtami 2026 : अधिकमास की दुर्गा अष्टमी मां जगदंबा की कृपा प्राप्ति का विशेष अवसर , जानें महाउपाय

इस साल सावन शिवरात्रि 23 जुलाई 2025, बुधवार को पड़ रही है।

भगवान शिव की कृपा प्राप्त करने और आध्यात्मिक लाभ प्राप्त करने के लिए शिवरात्रि के दिन शिवलिंग का अभिषेक पूरे विधि विधान से करना चाहिए।

 पंचामृत अभिषेक 
इसके बाद, दूध, दही, घी, शहद और गंगाजल को मिलाकर अभिषेक करें। घी का दीपक जलाकर आरती करें और मंत्रों का जाप करें।

शिवरात्रि की चार प्रहर पूजा
रात्रि को चार प्रहरों में भगवान शिव की पूजा का विशेष महत्व है। हर प्रहर में अलग-अलग तरीके से शिव जी की आराधना की जाती है।
प्रथम प्रहर: शाम 06:59 से रात 09:36 तक
द्वितीय प्रहर: रात 09:36 से 12:13 तक
तृतीय प्रहर: रात 12:13 से 02:50 तक
चतुर्थ प्रहर: रात 02:50 से सुबह 05:27 तक
इन समयों में जल, दूध, शहद आदि से महादेव का अभिषेक करना उत्तम माना जाता है.

पढ़ें :- 22 मई 2026 का राशिफल : इन राशियों को मिल सकता है धन लाभ, जानें आपका दिन कैसा रहेगा?

Hindi News से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक, यूट्यूब और ट्विटर पर फॉलो करे...