1. हिन्दी समाचार
  2. उत्तर प्रदेश
  3. शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती की तबीयत बिगड़ी, भक्तों में नाराजगी, संत समाज ने की ये अपील

शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती की तबीयत बिगड़ी, भक्तों में नाराजगी, संत समाज ने की ये अपील

प्रयागराज माघ मेले (Prayagraj Magh Mela) में मौनी अमावस्या (Mauni Amavasya) के दिन से ही धरने पर बैठे ज्योतिषपीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती महराज (Shankaracharya Swami Avimukteshwaranand Saraswati Maharaj of Jyotishpeeth) जी की शुक्रवार को तबीयत बिगड़ गई है।

By संतोष सिंह 
Updated Date

प्रयागराज। प्रयागराज माघ मेले (Prayagraj Magh Mela) में मौनी अमावस्या (Mauni Amavasya) के दिन से ही धरने पर बैठे ज्योतिषपीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती महराज (Shankaracharya Swami Avimukteshwaranand Saraswati Maharaj of Jyotishpeeth) जी की शुक्रवार को तबीयत बिगड़ गई है। बता दें कि शंकराचार्य बीते 6 दिनों से धरने पर बैठे हैं। जानकारी के अनुसार शंकराचार्य को बुखार आ गया है। वह अभी तक दिन में सिर्फ 2 बार पालकी पर आए हैं। फिलहाल वह अपने वैन में आराम कर रहे हैं। मौनी अमावस्या (Mauni Amavasya)  के दिन प्रशासन के रवैये से नाराज शंकराचार्य अभी तक अपने शिविर में वापस नहीं लौटे हैं। उनकी तबीयत बिगड़ने की खबर से शिष्यों और समर्थकों में चिंता का माहौल है। वहीं, प्रशासन की ओर से भी पूरे मामले पर नजर रखी जा रही है। वसंत पंचमी के दिन यह टकराव कैसे सुलझेगा, इस पर सभी की निगाहें टिकी हुई हैं।

पढ़ें :- Video-शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद, बोले-काले अंग्रेज और मुगल हिंदू-हिंदू कहकर सत्ता में आए हैं, बीते 78 सालों से मेरी सिर्फ एक ही मांग है गौहत्या बंद हो

माफी तक स्नान से इनकार

इससे पहले अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा कि वे सवा लाख शिवलिंग स्थापित नहीं कर पाए और जब तक प्रशासन माफी नहीं मांगता, तब तक वसंत पंचमी का स्नान नहीं करेंगे। उन्होंने आरोप लगाया कि मौनी अमावस्या (Mauni Amavasya)  के दिन उन्हें पालकी में संगम स्नान से रोका गया, इस दौरान उनके शिष्यों के साथ धक्का-मुक्की हुई, जिसके बाद वे धरने पर बैठ गए। विवाद को समाप्त करने के लिए डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य (Deputy CM Keshav Prasad Maurya) ने अपील की है।

सवा लाख शिवलिंग का पूजन रुका

बता दें कि छत्तीसगढ़ के लक्षेश्वर धाम में सवा लाख शिवलिंगों की स्थापना प्रस्तावित थी। इस स्थापना से पहले शंकराचार्य को इन शिवलिंगों को प्रयाग की धरती पर लाकर जनता के दर्शन के लिए उपलब्ध कराना था, साथ ही उनका विधिवत पूजन भी होना था। वर्तमान स्थिति यह है कि स्वामी बाहर हैं, जबकि शिविर के भीतर रखे शिवलिंग साधना और पूजन की प्रतीक्षा में हैं। बताया जा रहा है कि सवा लाख में से कुछ शिवलिंग ही यहां पहुंच पाए हैं, जबकि शेष कार्टूनों में पैक होकर रखे हैं। इसके अलावा शिवलिंगों की एक और खेप भी आनी थी। जब भक्त इन शिवलिंगों को इस स्थिति में देख रहे हैं, तो वे अपना आक्रोश भी व्यक्त कर रहे हैं।

पढ़ें :- Prayagraj Magh Mela : बसंत पंचमी पर उमड़ी श्रद्धालुओं की भारी भीड़, सुबह 8 बजे तक 1 करोड़ से ज़्यादा लोगों ने लगाई आस्था की डुबकी

इन सबके बीच संत समाज की ओर से शांति और संयम बरतने की अपील सामने आई है। नासिक में संत महंत रामस्नेही दास और महंत बैजनाथ ने कहा कि ऐसे संवेदनशील मामलों का समाधान टकराव नहीं, बल्कि सम्मानजनक बातचीत और आपसी समझ से होना चाहिए।

शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद के भतीजे जयराम पाण्डेय , बोले- सरकार मांग ले माफी, मेला प्रशासन का अड़ियल रवैया दुर्भाग्यपूर्ण 

प्रतापगढ़ जनपद की पट्टी तहसील स्थित बाभनपुर में उनके पैतृक आवास पर परिजन भी सरकार के रवैये से दुखी हैं। परिजनों ने कहा कि यदि सरकार उनसे माफी मांग ले तो स्थिति सुधर सकती है। उनका यह भी कहना है कि लगातार अनशन पर रहने से स्वामी जी का स्वास्थ्य बिगड़ रहा है। स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के भतीजे जयराम पाण्डेय ने बताया कि वे मौनी अमावस्या पर वहां मौजूद थे। उनके अनुसार, ऐसी कोई घटना नहीं हुई थी जिसके कारण स्वामी जी पर प्रतिबंध लगाया जाता।

जयराम पाण्डेय ने मेला प्रशासन के आरोपों को निराधार बताते हुए इसे एक गहरी साजिश करार दिया। उन्होंने कहा कि सरकार का अड़ियल रवैया दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने आगे कहा कि स्वामी जी माघ मेले में स्नान करने के लिए गए थे और यदि वे स्नान नहीं कर पाए तो यह आस्था और धर्म पर आघात है। उन्होंने सरकार को इस स्थिति के लिए जिम्मेदार ठहराया। जयराम पाण्डेय ने बताया कि लगातार पांच दिन से अनशन पर बैठने के कारण स्वामी जी की तबीयत लगातार खराब होती जा रही है, जिससे परिजन दुखी हैं।

पढ़ें :- 'स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के साथ अन्याय नहीं हुआ, बल्कि उन्होंने अन्याय किया...' जगद्गुरु रामभद्राचार्य का बड़ा बयान
इन टॉपिक्स पर और पढ़ें:
Hindi News से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक, यूट्यूब और ट्विटर पर फॉलो करे...