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Shiv Sena-UBT Crisis : डैमेज कंट्रोल की कोशिश में जुटी शिवसेना यूबीटी, आज दिल्ली में होगी अहम बैठक

Shiv Sena (UBT) MP's rebellion : आम आदमी पार्टी और तृणमूल कांग्रेस में टूट के बाद अब उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना यूबीटी में दो फाड़ का संकट मंडराने लगा है। इस बीच, गुरुवार को नई दिल्ली में शिवसेना (UBT) संसदीय दल की एक अहम बैठक होगी। जिसमें डैमेज कंट्रोल की कोशिश होगी। यह बैठक शिवसेना यूबीटी का भविष्य तय करने वाली है।

By Abhimanyu 
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Shiv Sena (UBT) MP’s rebellion : आम आदमी पार्टी और तृणमूल कांग्रेस में टूट के बाद अब उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना यूबीटी में दो फाड़ का संकट मंडराने लगा है। इस बीच, गुरुवार को नई दिल्ली में शिवसेना (UBT) संसदीय दल की एक अहम बैठक होगी। जिसमें डैमेज कंट्रोल की कोशिश होगी। यह बैठक शिवसेना यूबीटी का भविष्य तय करने वाली है।

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जानकारी के अनुसार, यह अहम बैठक नई दिल्ली में गुरुवार सुबह 11 बजे संसद परिसर में शिवसेना (UBT) के दफ़्तर में हो होगी। शिवसेना (UBT) संसदीय दल की इस अहम बैठक तय होगा कि बागी सांसदों की अलग गुट बनाने की कोशिश कामयाब होगी या नहीं। यह बैठक ऐसे समय में हो रही है जब एक दिन पहले ही सांसदों को इसमें शामिल होने का निर्देश देने वाला ‘व्हिप’ जारी किया गया था। यह कदम तब उठाया गया जब ऐसी अटकलें तेज़ हो गईं कि शिवसेना (UBT) के बागी सांसदों का एक गुट लोकसभा में अलग समूह बनाने और बाद में एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना में शामिल होने की योजना बना रहा है।

शिवसेना (UBT) के नौ लोकसभा सांसद हैं और एक अलग गुट बनाने के लिए उनमें से कम से कम दो-तिहाई सांसदों की ज़रूरत होगी। अनिल देसाई, राजाभाऊ वाजे और अरविंद सावंत के अलावा, जिन्होंने उद्धव गुट को समर्थन देने का वादा किया है, बाकी छह सांसद संजय पाटिल, संजय देशमुख, ओमप्रकाश राजे निंबालकर, भाऊसाहेब वाकचौरे, नागेश पाटिल-अष्टिकर और संजय जाधव हैं। अगर बागी गुट का एक भी सांसद बैठक में शामिल होता है, तो इसे अलग गुट के तौर पर मान्यता नहीं दी जा सकती।

सांसद अरविंद सावंत ने लोकसभा स्पीकर ओम बिरला से अपील की है कि वे पार्टी का प्रतिनिधित्व करने का दावा करने वाले किसी भी “अलग हुए” गुट को मान्यता न दें।

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