अयोध्या में राम मंदिर के दान की रकम चोरी के आरोपों के बीच सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। जांच के लिए सरकार ने एसआईटी का गठन किया है। एसआईटी सात दिनों में प्रारंभिक रिपोर्ट और 15 दिनों में अंतिम रिपोर्ट देगी। दरअसल, दान की रकम चोरी के आरोपों के बीच ट्रस्ट ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से अनुरोध करते हुए एसआईटी से जांच कराने की अपील की थी।
लखनऊ। अयोध्या में राम मंदिर के दान की रकम चोरी के आरोपों के बीच सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। जांच के लिए सरकार ने एसआईटी का गठन किया है। एसआईटी सात दिनों में प्रारंभिक रिपोर्ट और 15 दिनों में अंतिम रिपोर्ट देगी। दरअसल, दान की रकम चोरी के आरोपों के बीच ट्रस्ट ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से अनुरोध करते हुए एसआईटी से जांच कराने की अपील की थी। अब सरकार ने जांच के लिए एसआईटी का गठन किया है। वहीं, यह विशेष टीम न केवल अफवाहों की जमीनी हकीकत का पता लगाएगी, बल्कि इस प्रोपेगैंडा के पीछे काम कर रहे चेहरों को भी बेनकाब करेगी।
उत्तर प्रदेश शासन ने जांच की कमान सूबे के सबसे अनुभवी अधिकारियों के हाथों में सौंपी है. गठित की गई एसआईटी में लखनऊ के मंडलायुक्त विजय विश्वास पंत, आईजी रेंज किरन एस और विशेष सचिव, वित्त नील रतन शामिल हैं। एसआईटी की टीम 7 दिनों में प्रारंभिक रिपोर्ट ओर 15 दिनों में अंतिम रिपोर्ट देगी।
जानिए क्या है पूरा मामला?
श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की ओर से पहले किसी प्रकार के गबन न होने की बात कही गई। मीडिया में चल रही खबरों को ट्रस्ट की ओर से खारिज किया गया। हालांकि, लगातार गहराते विवाद के बाद अब ट्रस्ट ने सीएम योगी से निष्पक्ष जांच की मांग की। ट्रस्ट की ओर से सीएम योगी से एसआईटी गठित कर जांच की मांग की गई। मंदिर ट्रस्ट के इस पूरे विवाद में लगतार उठ रहे सवालों को शांत करने के लिए इस प्रकार के कदम उठाने की बात सामने आई है। वहीं, अब सरकार ने इसकी जांच के लिए एसआईटी का गठन किया है।