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देर रात में लोगों को सोनू सूद ने दिलाया हॉस्‍पिटल-बेड, बोले- रातों को जागना अच्‍छा है …

घंटों-घंटों की मेहनत के बाद एक्‍टर को समाजसेवी सोनू सूद लोगों को 'ज‍िंदगी का बि‍स्‍तर' देने की जद्दोजहद में जुटे हुए हैं। सोनू ने आधी रात में कई पेशंट्स को मदद कर बेड द‍िलावाए और सोशल मीडिया पर इसकी जानकारी भी दी। हैदराबाद से लेकर मथुरा तक और देहरादून से लेकर लखनऊ तक, सोनू अपनी एनजीओ के माध्‍यम से देशभर में मरीजों को ऑक्‍सीजन और अस्‍पतालों में बेड द‍िलाने की कोशिश कर रहे हैं।

By आराधना शर्मा 
Updated Date

Sonu Sood Got People In The Late Night By Hospital Bed Said It Is Good To Wake Up At Night

नई दिल्ली: रोटी-कपड़ा-मकान इंसानी की बुनियादी जरूरत मानी जाती हैं, लेकिन इन द‍िनों कोरोना की सेकंड वेव ने कुछ ऐसे हालात पैदा क‍िए हैं कि अस्‍पताल का एक ब‍िस्‍तर और ऑक्‍सीजन लोगों की सबसे पहली जरूरत बन गई है। आलम ये है कि बड़े-बड़े रसूखदार भी जरूरतमंद मरीजों को बि‍स्‍तर न द‍िला पाने का दर्द बयां करते द‍िख रहे हैं

पढ़ें :- सलमान और सोनू सूद के लिए राखी सावंत जनता से कर रही अनोखी मांग

लेकिन ऐसे में भी घंटों-घंटों की मेहनत के बाद एक्‍टर को समाजसेवी सोनू सूद लोगों को ‘ज‍िंदगी का बि‍स्‍तर’ देने की जद्दोजहद में जुटे हुए हैं। सोनू ने आधी रात में कई पेशंट्स को मदद कर बेड द‍िलावाए और सोशल मीडिया पर इसकी जानकारी भी दी। हैदराबाद से लेकर मथुरा तक और देहरादून से लेकर लखनऊ तक, सोनू अपनी एनजीओ के माध्‍यम से देशभर में मरीजों को ऑक्‍सीजन और अस्‍पतालों में बेड द‍िलाने की कोशिश कर रहे हैं।

हैदराबाद में एक 48 साल की मह‍िला को वेंटिलेटर और आईसीयू बेड की जरूरत थी।  सोनू ने ट्वीट कर कहा, ‘न‍ियो केयर अस्‍पताल में बेड अरेंज हो गया है। कभी कभी आधी रात को जागे रहना भी अच्‍छा होता है। आप जल्‍द स्‍वस्‍थ्‍य हों।’ वहीं देहरादून में 37 साल की सबा हुसैन को भी सोनू की मदद से ऑक्‍सीजन बेड म‍िल पाया है।

मथुरा में 2 बच्‍चों के प‍िता को बेड की जरूरत थी। एक व्‍यक्ति ने ल‍िखा, ‘कुपया मथुरा में कोई हो तो आगे आए बच्‍चों को बचा ले अनाथ होने से।’ सोनू ने इस आदमी की कदद करते हुए ल‍िखा, ‘मथुरा में अस्‍पताल बेड का इंतजाम हो गया है। कोई अनाथ नहीं होगा। जल्‍दी म‍िलते हैं आपके ठीक होते ही।’

रोटी-कपड़ा-मकान इंसानी की बुनियादी जरूरत मानी जाती हैं, लेकिन इन द‍िनों कोरोना की सेकंड वेव ने कुछ ऐसे हालात पैदा क‍िए हैं कि अस्‍पताल का एक ब‍िस्‍तर और ऑक्‍सीजन लोगों की सबसे पहली जरूरत बन गई है। आलम ये है कि बड़े-बड़े रसूखदार भी जरूरतमंद मरीजों को बि‍स्‍तर न द‍िला पाने का दर्द बयां करते द‍िख रहे हैं। लेकिन ऐसे में भी घंटों-घंटों की मेहनत के बाद एक्‍टर को समाजसेवी सोनू सूद लोगों को ‘ज‍िंदगी का बि‍स्‍तर’ देने की जद्दोजहद में जुटे हुए हैं।

सोनू ने आधी रात में कई पेशंट्स को मदद कर बेड द‍िलावाए और सोशल मीडिया पर इसकी जानकारी भी दी। हैदराबाद से लेकर मथुरा तक और देहरादून से लेकर लखनऊ तक, सोनू अपनी एनजीओ के माध्‍यम से देशभर में मरीजों को ऑक्‍सीजन और अस्‍पतालों में बेड द‍िलाने की कोशिश कर रहे हैं। हैदराबाद में एक 48 साल की मह‍िला को वेंटिलेटर और आईसीयू बेड की जरूरत थी।

सोनू ने ट्वीट कर कहा, ‘न‍ियो केयर अस्‍पताल में बेड अरेंज हो गया है। कभी कभी आधी रात को जागे रहना भी अच्‍छा होता है। आप जल्‍द स्‍वस्‍थ्‍य हों।’ वहीं देहरादून में 37 साल की सबा हुसैन को भी सोनू की मदद से ऑक्‍सीजन बेड म‍िल पाया है। मथुरा में 2 बच्‍चों के प‍िता को बेड की जरूरत थी। एक व्‍यक्ति ने ल‍िखा, ‘कुपया मथुरा में कोई हो तो आगे आए बच्‍चों को बचा ले अनाथ होने से।’ सोनू ने इस आदमी की कदद करते हुए ल‍िखा, ‘मथुरा में अस्‍पताल बेड का इंतजाम हो गया है। कोई अनाथ नहीं होगा। जल्‍दी म‍िलते हैं आपके ठीक होते ही। ‘

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