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सौरव गांगुली बोले: ईडन गार्डन्स खास, लेकिन नए शहरों में टेस्ट होना भी जरूरी

भारत के पूर्व कप्तान सौरव गांगुली ने टेस्ट मैचों के आयोजन को लेकर संतुलित राय रखते हुए कहा है कि कोलकाता के ऐतिहासिक मैदान ईडन गार्डन्स पर अधिक मुकाबले होने चाहिए, लेकिन साथ ही देश के अन्य शहरों को भी बराबर अवसर मिलना जरूरी है.......

By हर्ष गौतम 
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डिजिटल डेस्क,पर्दाफाश।  भारत के पूर्व कप्तान सौरव गांगुली ने टेस्ट मैचों के आयोजन को लेकर संतुलित राय रखते हुए कहा है कि कोलकाता के ऐतिहासिक मैदान ईडन गार्डन्स पर अधिक मुकाबले होने चाहिए, लेकिन साथ ही देश के अन्य शहरों को भी बराबर अवसर मिलना जरूरी है।

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दरअसल, भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड ने 2026-27 के घरेलू सत्र का कार्यक्रम जारी किया है। इस कार्यक्रम के तहत ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ होने वाली प्रतिष्ठित टेस्ट श्रृंखला बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी के मुकाबले नागपुर, चेन्नई, गुवाहाटी, रांची और अहमदाबाद में खेले जाएंगे। पारंपरिक केंद्रों—कोलकाता और मुंबई—को इस बार टेस्ट मैचों की मेजबानी नहीं मिली है।

इस फैसले के बाद पहली बार अपनी प्रतिक्रिया देते हुए सौरव गांगुली ने कहा कि ईडन गार्डन्स पर टेस्ट मैचों का अपना अलग ही आकर्षण और इतिहास रहा है। उन्होंने बताया कि हाल के वर्षों में इस मैदान ने कई बड़े आयोजनों की मेजबानी की है, जिनमें दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ टेस्ट, टी20 विश्वकप मुकाबले और इंडियन प्रीमियर लीग के मैच शामिल हैं।

गांगुली ने स्पष्ट किया कि वह व्यक्तिगत रूप से चाहते हैं कि ईडन गार्डन्स पर अधिक टेस्ट मैच हों, लेकिन यह भी उतना ही जरूरी है कि टेस्ट क्रिकेट देश के नए और उभरते केंद्रों तक पहुंचे। उन्होंने गुवाहाटी और रांची जैसे शहरों में बेहतर होती सुविधाओं का जिक्र करते हुए कहा कि वहां टेस्ट मैचों का आयोजन भारतीय क्रिकेट के विकास का सकारात्मक संकेत है।

उन्होंने यह भी बताया कि गुवाहाटी हाल ही में टेस्ट केंद्र के रूप में उभरा है और कम समय में वहां दो टेस्ट मैचों का आयोजन होना इस बात का संकेत है कि क्रिकेट का दायरा तेजी से बढ़ रहा है। इसी तरह अहमदाबाद का बड़ा स्टेडियम भी लगातार बड़े मुकाबलों की मेजबानी कर रहा है।

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इस मुद्दे पर पूर्व स्पिनर वेंकटपति राजू ने भी अपनी राय रखते हुए कहा कि पहले के दौर में कोलकाता, मुंबई, चेन्नई, दिल्ली और कानपुर जैसे सीमित केंद्रों पर ही टेस्ट मैच होते थे, जिनका अपना अलग रोमांच और परंपरा थी। हालांकि समय के साथ अब क्रिकेट का विस्तार होना स्वाभाविक है।

इस दौरान गांगुली ने एक और खास योजना का जिक्र करते हुए बताया कि वर्ष 2001 में ऐतिहासिक जीत दर्ज करने वाली टीम के खिलाड़ियों का पुनर्मिलन ईडन गार्डन्स में आयोजित करने की तैयारी की जा रही है। उन्होंने कहा कि यह कार्यक्रम पहले आयोजित होना था, लेकिन सचिन तेंदुलकर के परिवारिक कार्यक्रम के कारण इसे टालना पड़ा। कुल मिलाकर गांगुली के बयान से साफ है कि वह परंपरा और विस्तार—दोनों को साथ लेकर चलने के पक्ष में हैं, ताकि भारतीय क्रिकेट और अधिक मजबूत हो सके।

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