1. हिन्दी समाचार
  2. देश
  3. देश में कोरोना वैक्सीन से हो रही अचानक मौत? संसद में पेश ICMR रिसर्च में बड़ा खुलासा

देश में कोरोना वैक्सीन से हो रही अचानक मौत? संसद में पेश ICMR रिसर्च में बड़ा खुलासा

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जगत प्रकाश नड्डा (Union Health Minister Jagat Prakash Nadda) ने राज्यसभा में बताया कि इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (ICMR) की रिपोर्ट को संसद में पेश किया। ICMR की रिसर्च के अनुसार, कोरोना वैक्सीन (Corona Vaccine) लगवाने से युवाओं और व्यस्कों में अचानक मौत का खतरा नहीं बढ़ता।

By संतोष सिंह 
Updated Date

नई दिल्ली। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जगत प्रकाश नड्डा (Union Health Minister Jagat Prakash Nadda) ने राज्यसभा में बताया कि इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (ICMR) की रिपोर्ट को संसद में पेश किया। ICMR की रिसर्च के अनुसार, कोरोना वैक्सीन (Corona Vaccine) लगवाने से युवाओं और व्यस्कों में अचानक मौत का खतरा नहीं बढ़ता। शोध में पाया गया है कि वैक्सीन लेने से ऐसी मौतों की संभावना कम हो जाती है। यह रिसर्च 19 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के 47 अस्पतालों में की गई, जिसमें 729 अचानक हुई मौतों और 2916 हार्ट अटैक के मामलों का विश्लेषण किया गया।

पढ़ें :- केंद्रीय मंत्री और यूपी भाजपा अध्यक्ष से डिप्टी सीएम केशव मौर्य और ब्रजेश पाठक की हुई अहम मुलाकात

वैक्सीनेशन का सकारात्मक प्रभाव

कोरोना वैक्सीन (Corona Vaccine) की कम से कम एक या दो डोज लेने से बिना किसी स्पष्ट कारण के अचानक मौत की संभावना काफी हद तक कम होती है।

अचानक मौतों के कारण

शोध में पाया गया कि कोविड-19 (Covid-19 ) अस्पताल में भर्ती रहना, परिवार में अचानक मृत्यु का इतिहास, अत्यधिक शराब का सेवन, नशीली दवाओं का उपयोग, और अत्यधिक शारीरिक गतिविधियां (जैसे जिम में वर्कआउट) ऐसी मौतों के जोखिम को बढ़ाने वाले कारक हैं।

पढ़ें :- सुप्रीम कोर्ट ने अब्बास अंसारी को गैंगस्टर मामले में दी बेल, पलटा इलाहाबाद हाईकोर्ट का फैसला

AEFI निगरानी प्रणाली

वैक्सीनेशन के बाद साइड इफेक्ट्स पर नजर रखने के लिए ‘एडवर्स इवेंट फॉलोविंग इम्यूनाइजेशन’ (AEFI) प्रणाली लागू की गई है। टीकाकरण के बाद व्यक्ति को 30 मिनट तक निगरानी में रखा जाता है, और एनाफिलेक्सिस किट उपलब्ध कराई जाती है।

सुप्रीम कोर्ट और कोविड वैक्सीन विवाद

कोविड वैक्सीन (Covid Vaccine) के साइड इफेक्ट का मामला सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) तक पहुंचा था। हालांकि, अदालत ने इन याचिकाओं को “सनसनी फैलाने वाला” करार देते हुए खारिज कर दिया। इस दौरान ब्रिटिश कंपनी एस्ट्राजेनेका (British company AstraZeneca) ने माना कि उनकी वैक्सीन से दुर्लभ मामलों में ब्लड क्लॉट्स (Blood Clots) जैसी समस्याएं हो सकती हैं।

भारत में कोविशील्ड का प्रदर्शन

पढ़ें :- सीएम योगी ने पैरेंट्स से की अपील, बोले-'छोटे बच्चों को न दें स्मार्ट फोन, वरना चला जाएगा डिप्रेशन में '

भारत में कोविशील्ड वैक्सीन (Covishield Vaccine) के साइड इफेक्ट का कोई मामला दर्ज नहीं किया गया है। सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया (Serum Institute of India) ने इसके सुरक्षित होने का दावा किया है।

सरकार का संदेश

स्वास्थ्य मंत्री ने स्पष्ट किया कि वैक्सीनेशन से डरने की जरूरत नहीं है। सरकार जागरूकता फैलाने के लिए सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों का इस्तेमाल कर रही है। ICMR की इस स्टडी ने लोगों में फैली भ्रांतियों को दूर कर एक बार फिर यह साबित किया है कि कोविड वैक्सीन (Covid Vaccine)  न केवल सुरक्षित है, बल्कि जीवन बचाने में मददगार भी है।

कोविड-19 वैक्सीन (Covid-19 Vaccine) को लेकर फैली गलतफहमियों के बावजूद, ICMR की रिसर्च ने यह स्पष्ट किया है कि यह वैक्सीन सुरक्षित और प्रभावी है। इसलिए, स्वास्थ्य विशेषज्ञों की सलाह के अनुसार वैक्सीनेशन कराने में कोई संकोच नहीं करना चाहिए।

 

पढ़ें :- RedMagic 11 Air का डिज़ाइन और कलर वेरिएंट आधिकारिक तौर पर सामने आए, कई फीचर्स का भी खुलासा
Hindi News से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक, यूट्यूब और ट्विटर पर फॉलो करे...